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सुखना लेक पर म्यूजियम का उद्घाटन, एडवाइजर बोले- अब झील का सफर देख सकेंगे पर्यटक
Thu, 05 Dec 2019 02:53 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Dec 2019 02:53 PM IST
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सुखना लेक पर म्यूजियम का उद्घाटन
- फोटो : अमर उजाला
सुखना लेक पर चंडीगढ़ प्रशासन और ली कारबूजिए की ओर से लेक के पंप हाउस को नया रूप दिया है। इस पंप हाउस में 12 फीट की जगह है, जिसे म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर के तौर पर तैयार किया गया है।
बुधवार को एडवाइजर मनोज परिदा ने इसका उद्घाटन किया और कहा कि यहां पहुंचने वाले टूरिस्ट्स के अलावा शहर निवासी सुखना के सफर को म्यूजिम में देख सकेंगे। पंप हाउस के अंदर तैयार किए गए म्यूजियम में सुखना लेक की पुरानी तस्वीरें, ड्राइंग और ली कारबूजिए के लेटर आदि रखे गए हैं। यहां रखीं गई तस्वीरें ओरिजनल हैं। इसमें सुखना के शुरू से लेकर अब तक के पूरे सफर को दिखाया गया है। इसके साथ ही सुखना लेक के निर्माण में जिन लोगों का भी योगदान है, उनका उल्लेख किया गया है।
इस छोटे म्यूजियम को इंटरप्रिटेशन सेंटर का नाम दिया जा सकता है। हालांकि एडवाइजर मनोज परिदा ने नाम तय करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए यहां एक एलईडी स्क्रीन लगाने का सुझाव भी दिया है, जिसमें ली कारबूजिए और सुखना की तस्वीरें दिखाई जाएं।
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गौरतलब है कि इस पंप हाउस को सुसाइड प्वाइंट के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि बीते कुछ साल में कई लोगों ने इस पंप हाउस से सुखना में कूदकर जान दे दी है। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने इसे बंद कर दिया था। इसके बाद से इसका इस्तेमाल स्टोर रूम के तौर पर किया जाता था।
एक अक्टूबर को हुई थी म्यूजियम बनाने की घोषणा
इस पूरे म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर को कारबूजिए सेंटर की डायरेक्टर दीपिका गांधी ने डिजाइन किया है। उन्होंने बताया कि हर साल लाखों लोग सुखना की खूबसूरती को देखने आते हैं। अब लोग सुखना पर टहलते हुए सुखना के बारे में सारी जानकारी भी हासिल कर सकेंगे। इस पूरे म्यूजियम को इंजीनियरिंग विभाग ने दो महीने में तैयार किया है।
गौरतलब है कि एक अक्टूबर को सुखना लेक पर फ्रांस के आर्टिस्ट पीरॉक मूटन और डिजाइनर बेनॉयट सैंटीआर्ड की ओर से तैयार की गई पैडल बोड के लॉन्चिंग के मौके पर एडवाइजर मनोज परिदा ने खाली और वीरान पड़े पंप हाउस को म्यूजियम बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही इंजीनियरिंग विभाग ने इसे संवारने का काम शुरु कर दिया था।
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बुधवार को एडवाइजर मनोज परिदा ने इसका उद्घाटन किया और कहा कि यहां पहुंचने वाले टूरिस्ट्स के अलावा शहर निवासी सुखना के सफर को म्यूजिम में देख सकेंगे। पंप हाउस के अंदर तैयार किए गए म्यूजियम में सुखना लेक की पुरानी तस्वीरें, ड्राइंग और ली कारबूजिए के लेटर आदि रखे गए हैं। यहां रखीं गई तस्वीरें ओरिजनल हैं। इसमें सुखना के शुरू से लेकर अब तक के पूरे सफर को दिखाया गया है। इसके साथ ही सुखना लेक के निर्माण में जिन लोगों का भी योगदान है, उनका उल्लेख किया गया है।
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इस छोटे म्यूजियम को इंटरप्रिटेशन सेंटर का नाम दिया जा सकता है। हालांकि एडवाइजर मनोज परिदा ने नाम तय करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए यहां एक एलईडी स्क्रीन लगाने का सुझाव भी दिया है, जिसमें ली कारबूजिए और सुखना की तस्वीरें दिखाई जाएं।
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गौरतलब है कि इस पंप हाउस को सुसाइड प्वाइंट के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि बीते कुछ साल में कई लोगों ने इस पंप हाउस से सुखना में कूदकर जान दे दी है। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने इसे बंद कर दिया था। इसके बाद से इसका इस्तेमाल स्टोर रूम के तौर पर किया जाता था।
एक अक्टूबर को हुई थी म्यूजियम बनाने की घोषणा
इस पूरे म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर को कारबूजिए सेंटर की डायरेक्टर दीपिका गांधी ने डिजाइन किया है। उन्होंने बताया कि हर साल लाखों लोग सुखना की खूबसूरती को देखने आते हैं। अब लोग सुखना पर टहलते हुए सुखना के बारे में सारी जानकारी भी हासिल कर सकेंगे। इस पूरे म्यूजियम को इंजीनियरिंग विभाग ने दो महीने में तैयार किया है।
गौरतलब है कि एक अक्टूबर को सुखना लेक पर फ्रांस के आर्टिस्ट पीरॉक मूटन और डिजाइनर बेनॉयट सैंटीआर्ड की ओर से तैयार की गई पैडल बोड के लॉन्चिंग के मौके पर एडवाइजर मनोज परिदा ने खाली और वीरान पड़े पंप हाउस को म्यूजियम बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही इंजीनियरिंग विभाग ने इसे संवारने का काम शुरु कर दिया था।