{"_id":"5995d9714f1c1b2b058b45f0","slug":"murthal-rape-case-hc-gives-sit-a-month-s-deadline-to-conclude-probe","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुरथल गैंगरेप: '1 माह में जांच पूरी करो, नहीं आया ठोस परिणाम तो जांच CBI को'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुरथल गैंगरेप: '1 माह में जांच पूरी करो, नहीं आया ठोस परिणाम तो जांच CBI को'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 17 Aug 2017 11:29 PM IST
विज्ञापन
मुरथल गैंगरेप
- फोटो : file
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हरियाणा का कलंक बने मुरथल गैंगरेप मामले में हाईकोर्ट ने एसआईटी को दोटूक कह दिया है कि एक माह के भीतर या तो ठोस परिणाम लाए या फिर हम जांच सीबीआई को दे देंगे। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी विशेष जांच दल की ओर से सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट पर दी, जिसमें एसआईटी ने कहा था कि उसके पास न तो कोई गवाह है, न कोई सबूत और न ही पीड़ित।
मामले की सुनवाई आरंभ होते ही विशेष जांच दल की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए एमिकस क्यूरी अनुपम गुप्ता ने कहा कि उन्हें वर्तमान में जांच कर रही ममता सिंह की अध्यक्षता वाली एसआईटी पर विश्वास नहीं है। जांच आरंभ होने से लेकर अभी तक केवल यह साबित करने के लिए काम किया जा रहा है कि मुरथल में गैंगरेप नहीं हुआ था। इसी बीच ममता सिंह ने कोर्ट को बताया कि समाचार पत्र के माध्यम से उन्हें एक बीएमडब्ल्यू की जानकारी मिली थी और खबर के अनुसार इससे महिलाओं को घसीट कर बाहर लाया गया और रेप हुआ। इसके बाद उस गाड़ी को जला दिया गया। ममता सिंह ने कहा कि इस गाड़ी के जलने के बाद इसके इंश्योरेंस को क्लेम किया गया होगा, इसी को आधार बनाकर बीमा कंपनियों से संपर्क किया गया और पूछा गया कि ऐसी किसी बीएमडब्ल्यू के लिए क्लेम किया गया है या नहीं।
15 कंपनियों ने इस पर अपना जवाब सौंपते हुए ऐसे किसी भी क्लेम से इनकार किया गया है, जबकि 8 का जवाब आना बाकी है। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि हरियाणा के किसी भी थाने में इसकी शिकायत नहीं दी गई थी। हाईकोर्ट ने इस पर एसआईटी से दोटूक शब्दों में पूछा कि इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी एसआईटी के हाथ खाली हैं। यदि एसआईटी को लगता है कि वह इस जांच को पूरा नहीं कर सकती तो बता दे फिर इसे सीबीआई को सौंप दिया जाए। इस पर ममता सिंह ने एक माह का समय दिए जाने की अपील की। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि अगली सुनवाई पर फाइनल रिपोर्ट के साथ कोई ठोस परिणाम नहीं आता है तो उस स्थिति में जांच को सीबीआई को सौंप दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले की सुनवाई आरंभ होते ही विशेष जांच दल की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए एमिकस क्यूरी अनुपम गुप्ता ने कहा कि उन्हें वर्तमान में जांच कर रही ममता सिंह की अध्यक्षता वाली एसआईटी पर विश्वास नहीं है। जांच आरंभ होने से लेकर अभी तक केवल यह साबित करने के लिए काम किया जा रहा है कि मुरथल में गैंगरेप नहीं हुआ था। इसी बीच ममता सिंह ने कोर्ट को बताया कि समाचार पत्र के माध्यम से उन्हें एक बीएमडब्ल्यू की जानकारी मिली थी और खबर के अनुसार इससे महिलाओं को घसीट कर बाहर लाया गया और रेप हुआ। इसके बाद उस गाड़ी को जला दिया गया। ममता सिंह ने कहा कि इस गाड़ी के जलने के बाद इसके इंश्योरेंस को क्लेम किया गया होगा, इसी को आधार बनाकर बीमा कंपनियों से संपर्क किया गया और पूछा गया कि ऐसी किसी बीएमडब्ल्यू के लिए क्लेम किया गया है या नहीं।
विज्ञापन
15 कंपनियों ने इस पर अपना जवाब सौंपते हुए ऐसे किसी भी क्लेम से इनकार किया गया है, जबकि 8 का जवाब आना बाकी है। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि हरियाणा के किसी भी थाने में इसकी शिकायत नहीं दी गई थी। हाईकोर्ट ने इस पर एसआईटी से दोटूक शब्दों में पूछा कि इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी एसआईटी के हाथ खाली हैं। यदि एसआईटी को लगता है कि वह इस जांच को पूरा नहीं कर सकती तो बता दे फिर इसे सीबीआई को सौंप दिया जाए। इस पर ममता सिंह ने एक माह का समय दिए जाने की अपील की। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि अगली सुनवाई पर फाइनल रिपोर्ट के साथ कोई ठोस परिणाम नहीं आता है तो उस स्थिति में जांच को सीबीआई को सौंप दी जाएगी।
विज्ञापन
सीबीआई ने पांच एफआईआर में स्टेटस रिपोर्ट के लिए मांगा समय
मुरथल गैंगरेप केस
- फोटो : getty
सीबीआई ने पांच एफआईआर में स्टेटस रिपोर्ट के लिए मांगा समय
हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के भाई की प्रिंटिंग प्रेस में हुई तोड़फोड़ और आगजनी सहित अन्य 4 मामलों में दर्ज की गई एफआईआर में जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सीबीआई की ओर से समय दिए जाने की अपील की गई। इसके साथ ही मुनक नहर को नुक्सान पहुंचाने के मामले में भी सीबीआई जांच कर रही है और सीबीआई ने इसकी जांच का स्टेटस सौंपने के लिए भी हाईकोर्ट से समय मांगा। सीबीआई की इस मांग पर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई को 12 अक्तूबर तक टाल दिया है।
हम जांच की निगरानी कर रहे हैं और आप केस को वापिस लेने की तैयारी, बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है स्थिति
हरियाणा सरकार की ओर से 137 केस वापस लेने के लिए प्रस्ताव देने को दुर्र्भाग्यपूर्ण करार देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच सही हो इसके लिए हम इसकी निगरानी कर रहे हैं। इस मामले में केस वापस लेने की प्रक्रिया आरंभ करना बेहद दुभाग्यपूर्ण है।
हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के भाई की प्रिंटिंग प्रेस में हुई तोड़फोड़ और आगजनी सहित अन्य 4 मामलों में दर्ज की गई एफआईआर में जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सीबीआई की ओर से समय दिए जाने की अपील की गई। इसके साथ ही मुनक नहर को नुक्सान पहुंचाने के मामले में भी सीबीआई जांच कर रही है और सीबीआई ने इसकी जांच का स्टेटस सौंपने के लिए भी हाईकोर्ट से समय मांगा। सीबीआई की इस मांग पर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई को 12 अक्तूबर तक टाल दिया है।
हम जांच की निगरानी कर रहे हैं और आप केस को वापिस लेने की तैयारी, बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है स्थिति
हरियाणा सरकार की ओर से 137 केस वापस लेने के लिए प्रस्ताव देने को दुर्र्भाग्यपूर्ण करार देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच सही हो इसके लिए हम इसकी निगरानी कर रहे हैं। इस मामले में केस वापस लेने की प्रक्रिया आरंभ करना बेहद दुभाग्यपूर्ण है।