फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Municipal corporation will take over Jaypee plant at five o'clock this evening

आज शाम पांच बजे जेपी प्लांट को टेकओवर करेगा नगर निगम

Fri, 19 Jun 2020 02:51 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2020 02:51 AM IST
विज्ञापन
Municipal corporation will take over Jaypee plant at five o'clock this evening
चंडीगढ़। नगर निगम शुक्रवार शाम पांच बजे सेक्टर 25 स्थित जेपी गारबेज प्लांट को टेकओवर करेगी। वीरवार को निगम कमिश्नर केके यादव ने सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल से चर्चा करने के बाद प्लांट के अधिकारियों को नोटिस भेज दिया। प्लांट में लगी मशीनरी को लेकर निगम बाद में तय करेगा। अधिकारी मशीन ले जाना चाहें तो ले जा सकते हैं, नहीं तो निगम इन्हें हटा देगा।
विज्ञापन

कमिश्नर ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने निर्देश दिया था कि जेपी प्लांट कचरे का निस्तारण कर सकता है तो ठीक, नहीं तो निगम इस मामले में निर्णय ले। कचरा प्रोसेस नहीं हुआ तो निगम को ही जुर्माना भरना पड़ेगा। उसके बाद फरवरी माह की सदन की बैठक में तय हुआ था कि जेपी प्लांट को निगम टेकओवर करेगा। प्लांट केअधिकारियों को सात दिन में जगह खाली करने का नोटिस दिया गया था, लेकिन प्लांट के अधिकारी सदन केफैसले के खिलाफ जिला अदालत चले गए। जहां जज ने कहा कि 90 दिनों में प्लांट के अधिकारी कहीं से स्टे ऑर्डर ले आएं या इस फैसले को बदलवा लें। समय सीमा पूरी होने के बाद जब कंपनी केअधिकारी कोई निर्णय नहीं ले सके तो कमिश्नर ने सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल से चर्चा की।
विज्ञापन

सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल ने कहा कि अदालत की ओर से दी गई समय सीमा पूरी हो गई है। अब निगम को प्लांट टेकओवर कर लेना चाहिए। उसके बाद प्लांट के अधिकारियों को 24 घंटे में प्लांट खाली करने का नोटिस भेज दिया गया है। हालांकि, अभी होम सेक्रेटरी के यहां कंपनी की सुनवाई चल रही है। बता दें कि प्लांट के अधिकारी निगम से कचरा प्रोसेस करने के एवज में टिपिंग फीस मांग रहे थे, जबकि निगम फीस नहीं देना चाहता था। उसके बाद एनजीटी ने कहा कि टिपिंग फीस केवल 9 माह के लिए थी। अब निगम कंपनी को टिपिंग फीस नहीं देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

थर्ड पार्टी से मशीनों का दाम तय कराएगा निगम
सदन की बैठक में तय किया गया था कि मिक्स वेस्ट प्लांट की मशीनों को हटाने के लिए कहा जाएगा। कंपोस्ट खाद की मशीनों की राशि निगम कंपनी को देगा। मशीनें समयसीमा के अंदर न हटने पर निगम मशीनों को हटाकर बेच देगा। कमिश्नर ने बताया कि मशीनों को खरीदने के लिए निगम तीसरी पार्टी से उसकी उसकी राशि तय कराएगा। इसमें कंपनी पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड व अन्य जुर्माने की राशि को घटाकर कंपनी को पेमेंट किया जाएगा। मशीनों की राशि से जुर्माने की राशि ज्यादा हुई तो बाद में कंपनी से वसूली की जाएगी।
प्लांट पर हर माह 1.20 करोड़ का खर्च
कमिश्नर ने बताया कि प्लांट को संचालित करने के लिए 60 लाख उसके ऑपरेशन, 15 लाख बिजली बिल, 25 लाख रुपये लेबर और 20 लाख रुपये उसकी मेंटीनेंस पर खर्च होंगे। सुरक्षा के लिहाज से प्लांट के बाहर गार्ड भी लगाए जाएंगे। निगम मशीनों के संबंध में टेंडर करके विभिन्न विशेषज्ञ कंपनियों से सुझाव भी मांग सकता है। इसमें प्लांट केसंचालन व मशीनों के अपग्रेडेशन पर सुझाव मिल जाएंगे। सुझावों के आधार पर ही नई टेक्नॉलोजी वाली मशीनें लगाएंगे। कचरे को प्रोसेस करने के बाद निकले वाले आरडीएफ के बारे में भी कंपनी से ही तय किया जाएगा।
कचरा प्रोसेस न करने पर निगम पर लगेगा 10 लाख का जुर्माना
कमिश्नर ने कहा कि एनजीटी की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सूखे और गीले कचरे का अलग-अलग निस्तारण नहीं हुआ तो एक अप्रैल के बाद 10 लाख रुपये जुर्माना लगने लगेगा। चूंकि कोरोना के कारण फिलहाल जुर्माना नहीं लगाया गया है, लेकिन आगामी दिनों में कचरा निस्तारण नहीं हुआ तो जुर्माना भुगतना पड़ेगा। इधर, स्मार्ट सिटी के तहत कचरा संग्रह केंद्र बनाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।
फंड की कमी फिर कैसे प्लांट संचालित करेगा निगम
अभी एक बड़ा सवाल यह भी है कि पहले से ही फंड की कमी से जूझ रहा निगम प्लांट कैसे संचालित करेगा। निगम के पास न प्लांट को संचालित करने वाले सक्षम अधिकारी व कर्मचारी हैं और न उसके संचालन के लिए फंड। प्रशासन की ओर से भी फिलहाल निगम को इस संबंध में मदद के लिए कोई आश्वासन नहीं मिला है। ऐसे में प्लांट संचालित न होने पर निगम को जुर्माना भी भुगतना पड़ सकता है।
कोट
जिला अदालत की ओर से जेपी प्लांट केअधिकारियों को 9 दिन का समय दिया था। इसमें उन्हें स्टे ऑर्डर लेकर आना था। समयसीमा पूरी होने के बाद भी प्लांट की ओर से कोई जबाव नहीं आया है, इसलिए प्लांट को टेकओवर करने का निर्णय लिया गया है।

-केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम
हमने निगम के आदेश के खिलाफ जिला अदालत में अपील की थी। अदालत की ओर से हमें स्टे मिल गया था। अदालत की ओर से निर्णय न होने तक निगम यह फैसला कैसे ले सकता है।
-एनके वोहरा, जेपी गारबेज प्लांट केअधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed