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Chandigarh News: पीजीआई में रोबोटिक सर्जरी से लेकर थायरॉयड ऑपरेशन तक का प्रशिक्षण
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तीन दिवसीय वर्कशॉप में डॉक्टरों और पीजी विद्यार्थियों ने सीखी आधुनिक सर्जरी की तकनीकें
सुरक्षित रखे गए मानव शवों पर किया अभ्यास, समापन पर प्रतिभागियों को दिए प्रमाणपत्र और पुरस्कार
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पीजीआई में डॉक्टरों को आधुनिक सर्जरी की तकनीकों में दक्ष बनाने के लिए तीन दिवसीय सर्जिकल स्किल वर्कशॉप आयोजित की गई। ईएनटी और हेड एंड नेक सर्जरी विभाग ने एनाटॉमी विभाग के सहयोग से इसका आयोजन किया। इसमें डॉक्टरों और मेडिकल के पीजी विद्यार्थियों को विशेषज्ञों ने व्याख्यान देने के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
वर्कशॉप के पहले दिन रोबोट की मदद से सिर और गर्दन की सर्जरी पर व्याख्यान हुए। साथ ही रोबोटिक सर्जरी का लाइव प्रसारण दिखाया गया। इसमें बताया गया कि रोबोटिक तकनीक किस तरह सर्जरी को अधिक सटीक बनाने और मरीजों के बेहतर इलाज में मदद कर सकती है।
मानव शवों पर किया सर्जरी का अभ्यास
दूसरे दिन प्रतिभागियों को सुरक्षित रखे गए मानव शवों पर सर्जरी का अभ्यास कराया गया। इसमें गर्दन की सर्जरी, वॉयस बॉक्स निकालने, थायरॉयड ग्रंथि और लार ग्रंथि की सर्जरी की तकनीकें सिखाई गईं। इसके अलावा शरीर के दूसरे हिस्सों से ऊतक लेकर प्रभावित जगह को ठीक करने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. जैमंती बख्शी के नेतृत्व में किया गया। समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पीजीआई के अनुसार, इस तरह की वर्कशॉप से डॉक्टरों के सर्जिकल कौशल को बेहतर बनाने और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
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सुरक्षित रखे गए मानव शवों पर किया अभ्यास, समापन पर प्रतिभागियों को दिए प्रमाणपत्र और पुरस्कार
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पीजीआई में डॉक्टरों को आधुनिक सर्जरी की तकनीकों में दक्ष बनाने के लिए तीन दिवसीय सर्जिकल स्किल वर्कशॉप आयोजित की गई। ईएनटी और हेड एंड नेक सर्जरी विभाग ने एनाटॉमी विभाग के सहयोग से इसका आयोजन किया। इसमें डॉक्टरों और मेडिकल के पीजी विद्यार्थियों को विशेषज्ञों ने व्याख्यान देने के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
वर्कशॉप के पहले दिन रोबोट की मदद से सिर और गर्दन की सर्जरी पर व्याख्यान हुए। साथ ही रोबोटिक सर्जरी का लाइव प्रसारण दिखाया गया। इसमें बताया गया कि रोबोटिक तकनीक किस तरह सर्जरी को अधिक सटीक बनाने और मरीजों के बेहतर इलाज में मदद कर सकती है।
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मानव शवों पर किया सर्जरी का अभ्यास
दूसरे दिन प्रतिभागियों को सुरक्षित रखे गए मानव शवों पर सर्जरी का अभ्यास कराया गया। इसमें गर्दन की सर्जरी, वॉयस बॉक्स निकालने, थायरॉयड ग्रंथि और लार ग्रंथि की सर्जरी की तकनीकें सिखाई गईं। इसके अलावा शरीर के दूसरे हिस्सों से ऊतक लेकर प्रभावित जगह को ठीक करने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. जैमंती बख्शी के नेतृत्व में किया गया। समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पीजीआई के अनुसार, इस तरह की वर्कशॉप से डॉक्टरों के सर्जिकल कौशल को बेहतर बनाने और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
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