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Chandigarh News: नगर निकाय उपाध्यक्षों ने मांगी गाड़ी, सुरक्षा कर्मी और मांगा प्रधान के बराबर मानदेय व भत्ता
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कई मांगों को लेकर शहरी निकाय मंत्री से मिले प्रदेशभर की निकायों के उपाध्यक्ष
नगर निकाय उपाध्यक्षों ने भी मांगा अधिकारियों की एसीआर पर कमेंट का अधिकार देने की उठाई मांग
सार्वजनिक कार्याें के लिए हर महीने 15 से 20 लाख रुपये के बजट का प्रावधान करने की मांग
चंडीगढ़। पिछले सप्ताह नगर निकाय अध्यक्षों की बढ़ाई गई पॉवर के कारण भुगतान स्वीकृत समिति में उपाध्यक्षों की शक्तियां कम होने की आशंका के चलते मंगलवार को निकायों के उपाध्यक्ष शहरी निकाय मंत्री डाॅ. कमल गुप्ता से मिले। उपाध्यक्षों ने अध्यक्षों की तर्ज पर अधिकारियों की एसीआर लिखने सहित कई मांगें रखीं। शहरी निकाय मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। कई समितियों में पॉवर दिए जाने पर उपाध्यक्षों ने शहरी निकाय मंत्री का आभार भी जताया।
हर महीने निकायों की बैठक बुलाई जाए
रानिया नगर पालिका उपाध्यक्ष रमेश बब्बी की अगुवाई में प्रदेश भर से निकाय उपाध्यक्ष मंगलवार को शहरी निकाय मंत्री से मिलने पहुंचें। जहां पहले निकायों की विभिन्न समितियों में उपाध्यक्षों को शामिल किए जाने पर मंत्री सहित सरकार का आभार जताया। इसके बाद दिए ज्ञापन में मांग की कि अध्यक्षों ने भुगतान स्वीकृति समिति से उपाध्यक्षों को हटाए जाने की जो मांग की थी, उस पर विचार न किया जाए। निकायों में अधिकारियों व कर्मचारियों की एसीआर लिखने की पॉवर अकेले अध्यक्ष को न देकर उपाध्यक्ष को भी अपने कमेंट दर्ज करने की पॉवर दी जाए। अध्यक्ष अपनी मनमानी से पांच से छह महीने तक बैठक ही नहीं बुलाते। हर महीने निकायों की बैठक बुलाई जाए।
उपाध्यक्षों का मानदेय व भत्ता प्रधान के बराबर हो
सरपंचों की तर्ज पर हर महीने 15 से 20 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया जाए। ताकि उपाध्यक्ष मरम्मत सहित अन्य सार्वजनिक कार्य करवा सकें। इसके अलावा उपाध्यक्षों को धर्मशाला या मंदिरों की मरम्मत के लिए कुछ निश्चित राशि खर्च करने का भी अधिकार दिया जाए। उपाध्यक्षों का मानदेय व भत्ता प्रधान के बराबर किया जाए। उप प्रधान को निकायों के पार्षद चुनते हैं। वे हर छोटे-बड़े कार्याें के लिए उपाध्यक्षों के पास आते हैं। इन कार्याें के लिए कई जगह जाना पड़ता है। इसके लिए सरकारी गाड़ी का खर्च निकाय उपलब्ध करवाए व उपाध्यक्षों को भी सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करवाया जाए।
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मांग पत्र पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया
एसोसिएशन अध्यक्ष व रानिया नगर पालिका उपाध्यक्ष रमेश बब्बी ने कहा कि मुख्य रूप से उपाध्यक्ष विभिन्न समितियों में उपाध्यक्षों को पॉवर दिए जाने पर मुख्यमंत्री सहित मंत्री का आभार जताने गए थे। साथ ही मांग पत्र दिया है, जिस पर मंत्री डाॅ. कमल गुप्ता ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शेष मांगें मुख्यमंत्री महोदय के ध्यान में लाई जाएंगी
शहरी निकाय मंत्री डाॅ. कमल गुप्ता ने कहा कि उपाध्यक्ष सरकार की नीतियों से खुश हैं। इसके लिए वे आभार जताने आए थे। मांग पत्र में शामिल मांगों में उनके स्तर पर पूरी होने वाली मांगों को पूरा किया जाएगा। शेष मुख्यमंत्री महोदय के ध्यान में लाई जाएंगी।
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नगर निकाय उपाध्यक्षों ने भी मांगा अधिकारियों की एसीआर पर कमेंट का अधिकार देने की उठाई मांग
सार्वजनिक कार्याें के लिए हर महीने 15 से 20 लाख रुपये के बजट का प्रावधान करने की मांग
चंडीगढ़। पिछले सप्ताह नगर निकाय अध्यक्षों की बढ़ाई गई पॉवर के कारण भुगतान स्वीकृत समिति में उपाध्यक्षों की शक्तियां कम होने की आशंका के चलते मंगलवार को निकायों के उपाध्यक्ष शहरी निकाय मंत्री डाॅ. कमल गुप्ता से मिले। उपाध्यक्षों ने अध्यक्षों की तर्ज पर अधिकारियों की एसीआर लिखने सहित कई मांगें रखीं। शहरी निकाय मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। कई समितियों में पॉवर दिए जाने पर उपाध्यक्षों ने शहरी निकाय मंत्री का आभार भी जताया।
हर महीने निकायों की बैठक बुलाई जाए
रानिया नगर पालिका उपाध्यक्ष रमेश बब्बी की अगुवाई में प्रदेश भर से निकाय उपाध्यक्ष मंगलवार को शहरी निकाय मंत्री से मिलने पहुंचें। जहां पहले निकायों की विभिन्न समितियों में उपाध्यक्षों को शामिल किए जाने पर मंत्री सहित सरकार का आभार जताया। इसके बाद दिए ज्ञापन में मांग की कि अध्यक्षों ने भुगतान स्वीकृति समिति से उपाध्यक्षों को हटाए जाने की जो मांग की थी, उस पर विचार न किया जाए। निकायों में अधिकारियों व कर्मचारियों की एसीआर लिखने की पॉवर अकेले अध्यक्ष को न देकर उपाध्यक्ष को भी अपने कमेंट दर्ज करने की पॉवर दी जाए। अध्यक्ष अपनी मनमानी से पांच से छह महीने तक बैठक ही नहीं बुलाते। हर महीने निकायों की बैठक बुलाई जाए।
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उपाध्यक्षों का मानदेय व भत्ता प्रधान के बराबर हो
सरपंचों की तर्ज पर हर महीने 15 से 20 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया जाए। ताकि उपाध्यक्ष मरम्मत सहित अन्य सार्वजनिक कार्य करवा सकें। इसके अलावा उपाध्यक्षों को धर्मशाला या मंदिरों की मरम्मत के लिए कुछ निश्चित राशि खर्च करने का भी अधिकार दिया जाए। उपाध्यक्षों का मानदेय व भत्ता प्रधान के बराबर किया जाए। उप प्रधान को निकायों के पार्षद चुनते हैं। वे हर छोटे-बड़े कार्याें के लिए उपाध्यक्षों के पास आते हैं। इन कार्याें के लिए कई जगह जाना पड़ता है। इसके लिए सरकारी गाड़ी का खर्च निकाय उपलब्ध करवाए व उपाध्यक्षों को भी सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करवाया जाए।
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मांग पत्र पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया
एसोसिएशन अध्यक्ष व रानिया नगर पालिका उपाध्यक्ष रमेश बब्बी ने कहा कि मुख्य रूप से उपाध्यक्ष विभिन्न समितियों में उपाध्यक्षों को पॉवर दिए जाने पर मुख्यमंत्री सहित मंत्री का आभार जताने गए थे। साथ ही मांग पत्र दिया है, जिस पर मंत्री डाॅ. कमल गुप्ता ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शेष मांगें मुख्यमंत्री महोदय के ध्यान में लाई जाएंगी
शहरी निकाय मंत्री डाॅ. कमल गुप्ता ने कहा कि उपाध्यक्ष सरकार की नीतियों से खुश हैं। इसके लिए वे आभार जताने आए थे। मांग पत्र में शामिल मांगों में उनके स्तर पर पूरी होने वाली मांगों को पूरा किया जाएगा। शेष मुख्यमंत्री महोदय के ध्यान में लाई जाएंगी।