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निगम का सबसे बड़ा ड्रीम प्रोजेक्ट, उद्घाटन के 3 माह में बंद, वजह बड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 10 Aug 2016 05:15 PM IST
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Multilevel Parking
- फोटो : amar ujala
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चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम का ड्रीम प्रोजेक्ट मल्टीलेवल पार्किंग उद्घाटन के तीन माह बाद ही सोमवार रात को बंद हो गई। अब मंगलवार से यहां वाहनों की पार्किंग नहीं होगी। तीन माह पहले प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी ने इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन जोर शोर से किया था। लेकिन निगम इस प्रोजेक्ट को नहीं चला पाया।
प्रोजेक्ट पर निगम के 50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग ने पार्किंग विंग की अपील पर सेक्टर-17 की मल्टीलेवल पार्किंग के प्रवेश और निकासी द्वार पर ताला लगा दिया है। निगम के अनुसार हर माह लाखों रुपये का घाटा हो रहा था। साथ ही इंजीनियरिंग विंग ने उपकरण जब्त कर स्टोर में रख दिए हैं। जबकि इस समय शहर में न तो कमिश्नर हैं और न ही मेयर हैं। वह डड्डूमाजरा के गारबेज से बिजली बनाने के लिए प्लांट देखने यूपी स्थित बाराबंकी गए हैं। जाने से पहले अधिकारियों को मल्टीलेवल पार्किंग माक कंपनी से वापस लेने की हिदायत दे गए हैं। अभी तक मल्टीलेवल पार्किंग माक कंपनी चला रही थी, जिसे निगम की ओर से हर माह छह लाख 20 हजार रुपये का भुगतान कर रहा था।
मालूम हो कि अमर उजाला ने सोमवार के अंक में पहले ही मल्टीलेवल बंद होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर जानकारी दे दी थी। यह निगम का अब तक सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। उद्घाटन समारोह में सांसद किरण खेर भी मौजूद थीं। नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र चौधरी का कहना है कि माक कंपनी से मल्टीलेवल पार्किंग इंजीनियर विंग ने कब्जे में ली है। यहां पर अंडरग्राउंड में विज्ञापन लगाने की मंजूरी प्रशासन से मिल गई है। ऐसे में अब किसी कंपनी को विज्ञापन की मंजूरी देकर मल्टीलेवल पार्किंग चलाने के लिए दी जाएगी। ताकि निगम को भी घाटा न हो। उनका कहना है कि टेंडर तैयार है। जो दो से तीन दिन में जारी कर दिया जाएगा। जब तक कोई कंपनी नहीं आ जाती तब तक मल्टीलेवल पार्किंग का क्या करना है, इसका निर्णय वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में ही होगा।
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आखिर क्यों बंद हो गई मल्टीलेवल पार्किंग
नगर निगम चाहता था कि साहिब सिंह और इंपायर स्टोर की पेड पार्किंग बंद कर मल्टीलेवल चलाई जाए। लेकिन व्यापारियों के विरोध के कारण इन्हें खोल दिया गया। जिस कारण लोग मल्टीलेवल पार्किंग म वाहन पार्क ही नहीं करते। व्यापारियों ने वादा किया था कि वह अपने वाहन मल्टीलेवल पार्किंग में पार्क करेंगे। लेकिन सिर्फ 10 प्रतिशत व्यापारियों ने ऐसा किया। निगम ने कहा था कि स्मार्ट सिटी के तहत प्लाजा का काम शुरू कर दिया जाएगा, तब साहिब सिंह और इंपायर स्टोर पार्किंग बंद कर दी जाएगी। यह समझौता भी व्यापारियों के साथ हुआ था, लेकिन निगम स्मार्ट सिटी के तहत काम शुरू ही नहीं कर पाया।
ई-रिक्शा भी बंद
नगर निगम ने मल्टीलेवल पार्किंग में वाहन पार्क करने वालों को ई रिक्शा की सुविधा भी दी थी। ताकि वह यहां वाहन पार्क कर प्लाजा तक ई रिक्शा में जा सकें। लेकिन मल्टीलेवल पार्किंग बंद होने से ये 4 ई-रिक्शा भी हटा लिए गए हैं।
निगम की जिद ले डूबी
सेक्टर-17 की ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव जेपीएस कालरा का कहना है कि निगम मल्टीलेवल पार्किंग का प्रचार प्रसार ही नहीं कर पाया है। पहले यह फैसला हुआ था कि शुरू के तीन माह मल्टीलेवल पार्किंग को निशुल्क चलाया जाएगा। लेकिन निगम की जिद से ऐसा नहीं हुआ। अगर ऐसा होता तो लोगों को मल्टीलेवल पार्किंग में वाहन पार्क करने की आदत डल जाती। व्यापारियों के लिए जो 700 रुपये पास के तय किए गए हैं वह काफी अधिक थे।
अंडरग्राउंड पार्किंग पहले से बंद
इससे पहले सेक्टर-17 की तीन अंडरग्राउंड पार्किंग पहले से बंद है। नगर निगम इन्हें भी चलाने की कोई योजना नहीं बना पाया है।
मेयर हैं इसके कारण
कांग्रेस अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि मल्टीलेवल पार्किंग बंद होने का कारण मेयर अरुण सूद हैं। सूद ने बिना किसी की सहमति के अपना नाम चमकाने के लिए प्रोजेक्ट का उद्घाटन कर दिया। इससे वित्तीय नुकसान तो हुआ ही है लोगों की भी दिक्कत बढ़ी है।
लगातार हो रहा था घाटा : मेयर
मेयर अरुण सूद का कहना है कि मल्टीलेवल पार्किंग को चलाना लगातार घाटे का सौदा बन रहा था। इसलिए फिलहाल इसे कुछ दिनों के लिए बंद किया जा रहा है। विज्ञापन की मंजूरी देकर कंपनियों के लिए टेंडर जल्द मंगवाए जा रहे हैं।
लोगों के वेलफेयर की भी सोचे प्रशासन : बिट्टू
फॉसवेक अध्यक्ष बलजिंदर सिंह बिट्टू का कहना है कि मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण ही गलत जगह पर किया गया है। निगम को सर्कस ग्राउंड में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण करना चाहिए था। सेक्टर-17 के भी व्यापारियों को चाहिए कि वह यहां पर ही अपने वाहन पार्क करते। प्रशासन को सिर्फ एक कमाई करने वाली कंपनी की तरह काम न करके लोगों के वेलफेयर के लिए भी काम करना चाहिए।
ये हैं मल्टीलेवल पार्किंग की विशेषताएं
4.75 एकड़ में बनी है।
1.41 एकड़ में लैंड स्केपिंग
45 फुट 9 इंच है, पार्किंग लोट की गहराई।
. 8 लिफ्ट लगी यहां पर
. कंप्यूटराइज टिकट काउंटर लगाया गया है एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर
. चार वेटीलेंशन प्वाइंट बनाए गए हैं
. आधुनिक फायर सेफ्टी उपकरण हैं
. पूरी तरह से ऑटोेमेटिक होगी पार्किंग
पाटिल ने कराया था काम शुरू
इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूर्व प्रशासक शिवराज पाटिल ने तत्कालीन मेयर सुभाष चावला के कार्यकाल में 2013 में शुरू कराया था। जबकि 2011 में पूर्व मेयर राज बाला मलिक ने मनोनीत पार्षद सुरेंद्र बग्गा के प्रयास से इस प्रोजेक्ट को प्रशासन से पास कराया था। मेयर अरुण सूद ने इस साल तीन माह पहले प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी से इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन कराया है।
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प्रोजेक्ट पर निगम के 50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग ने पार्किंग विंग की अपील पर सेक्टर-17 की मल्टीलेवल पार्किंग के प्रवेश और निकासी द्वार पर ताला लगा दिया है। निगम के अनुसार हर माह लाखों रुपये का घाटा हो रहा था। साथ ही इंजीनियरिंग विंग ने उपकरण जब्त कर स्टोर में रख दिए हैं। जबकि इस समय शहर में न तो कमिश्नर हैं और न ही मेयर हैं। वह डड्डूमाजरा के गारबेज से बिजली बनाने के लिए प्लांट देखने यूपी स्थित बाराबंकी गए हैं। जाने से पहले अधिकारियों को मल्टीलेवल पार्किंग माक कंपनी से वापस लेने की हिदायत दे गए हैं। अभी तक मल्टीलेवल पार्किंग माक कंपनी चला रही थी, जिसे निगम की ओर से हर माह छह लाख 20 हजार रुपये का भुगतान कर रहा था।
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मालूम हो कि अमर उजाला ने सोमवार के अंक में पहले ही मल्टीलेवल बंद होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर जानकारी दे दी थी। यह निगम का अब तक सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। उद्घाटन समारोह में सांसद किरण खेर भी मौजूद थीं। नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र चौधरी का कहना है कि माक कंपनी से मल्टीलेवल पार्किंग इंजीनियर विंग ने कब्जे में ली है। यहां पर अंडरग्राउंड में विज्ञापन लगाने की मंजूरी प्रशासन से मिल गई है। ऐसे में अब किसी कंपनी को विज्ञापन की मंजूरी देकर मल्टीलेवल पार्किंग चलाने के लिए दी जाएगी। ताकि निगम को भी घाटा न हो। उनका कहना है कि टेंडर तैयार है। जो दो से तीन दिन में जारी कर दिया जाएगा। जब तक कोई कंपनी नहीं आ जाती तब तक मल्टीलेवल पार्किंग का क्या करना है, इसका निर्णय वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में ही होगा।
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आखिर क्यों बंद हो गई मल्टीलेवल पार्किंग
नगर निगम चाहता था कि साहिब सिंह और इंपायर स्टोर की पेड पार्किंग बंद कर मल्टीलेवल चलाई जाए। लेकिन व्यापारियों के विरोध के कारण इन्हें खोल दिया गया। जिस कारण लोग मल्टीलेवल पार्किंग म वाहन पार्क ही नहीं करते। व्यापारियों ने वादा किया था कि वह अपने वाहन मल्टीलेवल पार्किंग में पार्क करेंगे। लेकिन सिर्फ 10 प्रतिशत व्यापारियों ने ऐसा किया। निगम ने कहा था कि स्मार्ट सिटी के तहत प्लाजा का काम शुरू कर दिया जाएगा, तब साहिब सिंह और इंपायर स्टोर पार्किंग बंद कर दी जाएगी। यह समझौता भी व्यापारियों के साथ हुआ था, लेकिन निगम स्मार्ट सिटी के तहत काम शुरू ही नहीं कर पाया।
ई-रिक्शा भी बंद
नगर निगम ने मल्टीलेवल पार्किंग में वाहन पार्क करने वालों को ई रिक्शा की सुविधा भी दी थी। ताकि वह यहां वाहन पार्क कर प्लाजा तक ई रिक्शा में जा सकें। लेकिन मल्टीलेवल पार्किंग बंद होने से ये 4 ई-रिक्शा भी हटा लिए गए हैं।
निगम की जिद ले डूबी
सेक्टर-17 की ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव जेपीएस कालरा का कहना है कि निगम मल्टीलेवल पार्किंग का प्रचार प्रसार ही नहीं कर पाया है। पहले यह फैसला हुआ था कि शुरू के तीन माह मल्टीलेवल पार्किंग को निशुल्क चलाया जाएगा। लेकिन निगम की जिद से ऐसा नहीं हुआ। अगर ऐसा होता तो लोगों को मल्टीलेवल पार्किंग में वाहन पार्क करने की आदत डल जाती। व्यापारियों के लिए जो 700 रुपये पास के तय किए गए हैं वह काफी अधिक थे।
अंडरग्राउंड पार्किंग पहले से बंद
इससे पहले सेक्टर-17 की तीन अंडरग्राउंड पार्किंग पहले से बंद है। नगर निगम इन्हें भी चलाने की कोई योजना नहीं बना पाया है।
मेयर हैं इसके कारण
कांग्रेस अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि मल्टीलेवल पार्किंग बंद होने का कारण मेयर अरुण सूद हैं। सूद ने बिना किसी की सहमति के अपना नाम चमकाने के लिए प्रोजेक्ट का उद्घाटन कर दिया। इससे वित्तीय नुकसान तो हुआ ही है लोगों की भी दिक्कत बढ़ी है।
लगातार हो रहा था घाटा : मेयर
मेयर अरुण सूद का कहना है कि मल्टीलेवल पार्किंग को चलाना लगातार घाटे का सौदा बन रहा था। इसलिए फिलहाल इसे कुछ दिनों के लिए बंद किया जा रहा है। विज्ञापन की मंजूरी देकर कंपनियों के लिए टेंडर जल्द मंगवाए जा रहे हैं।
लोगों के वेलफेयर की भी सोचे प्रशासन : बिट्टू
फॉसवेक अध्यक्ष बलजिंदर सिंह बिट्टू का कहना है कि मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण ही गलत जगह पर किया गया है। निगम को सर्कस ग्राउंड में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण करना चाहिए था। सेक्टर-17 के भी व्यापारियों को चाहिए कि वह यहां पर ही अपने वाहन पार्क करते। प्रशासन को सिर्फ एक कमाई करने वाली कंपनी की तरह काम न करके लोगों के वेलफेयर के लिए भी काम करना चाहिए।
ये हैं मल्टीलेवल पार्किंग की विशेषताएं
4.75 एकड़ में बनी है।
1.41 एकड़ में लैंड स्केपिंग
45 फुट 9 इंच है, पार्किंग लोट की गहराई।
. 8 लिफ्ट लगी यहां पर
. कंप्यूटराइज टिकट काउंटर लगाया गया है एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर
. चार वेटीलेंशन प्वाइंट बनाए गए हैं
. आधुनिक फायर सेफ्टी उपकरण हैं
. पूरी तरह से ऑटोेमेटिक होगी पार्किंग
पाटिल ने कराया था काम शुरू
इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूर्व प्रशासक शिवराज पाटिल ने तत्कालीन मेयर सुभाष चावला के कार्यकाल में 2013 में शुरू कराया था। जबकि 2011 में पूर्व मेयर राज बाला मलिक ने मनोनीत पार्षद सुरेंद्र बग्गा के प्रयास से इस प्रोजेक्ट को प्रशासन से पास कराया था। मेयर अरुण सूद ने इस साल तीन माह पहले प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी से इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन कराया है।