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गर्मी से खुद को बचाएं, मड थैरेपी अपनाएं
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 02 Jun 2014 01:34 PM IST
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गर्मी के प्रकोप से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और चर्म रोग जैसी बीमारी आजकल सामान्य हैं। गर्मी से बचने के लिए मधुर रस युक्त तरल शीतल रसीले पानी युक्त पदार्थों का सेवन करना चाहिए। साथ ही गर्मी से बचने के मड थैरेपी का प्रयोग काफी लाभदायक है। यह कहना है सेक्टर-16 स्थित गांधी स्मारक भवन के प्राकृतिक चिकित्सा विभाग के डायरेक्टर डॉ. देवराज त्यागी का।
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उन्होंने बताया अहार में सुपाच्य भोजन, हरी सब्जियां (घीया, तोरई, पके टमाटर, पुदीना, परवल), सलाद, फलों में तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, अंगूर, संतरे, आम, शहतूत आदि खाना चाहिए।
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नींबू की शिकंजी, सत्तू, बेल का सर्बत, लस्सी आदि पेय पदार्थ लेने चाहिए। अहार की मात्रा कम रखनी चाहिए। त्यागी का कहना है कि यदि चार रोटी की भूख हो तो तीन ही रोटी खाने का प्रयास करना चाहिए।
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इनसे बचकर रहें
डॉ देवराज त्यागी ने बताया कि इस ऋतु में कटु, तिक्त, काषाय, बासी, अधिक गर्म, तले हुए, तेज मिर्च मसालों वाले भोजन से बचना चाहिए।
सुबह उठकर पीएं पानी
त्यागी ने बताया कि अपनी जीवनचर्या में सुबह उठकर शौच जाने से पहले दो तीन ग्लास पानी पीना चाहिए। इससे पेट की सफाई होती है। शौच खुलकर होता है। दिन में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना चाहिए।
सूर्योदय से पहले नंगे पैर गार्डन में घूमना चाहिए। इससे शरीर को ठंडक पहुंचती है और आखों को आरम मिलता है। सामान्य पानी से स्नान करके योगाशन/व्यायाम करना चाहिए। इस मौसम में घर से निकलते समय सिर पर सूती कपड़ा अवश्य डालना चाहिए।