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जेब खर्च के लिए किया काम, अब दे दिया एक हजार को रोजगार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 11 Jan 2016 02:42 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई करने के दौरान नितिन गोयल को जेब खर्च के लिए एक काम की तलाश थी। उनके पत्रकार मित्र ने उन्हें सलाह दी कि वे अनुवाद का काम तलाशें, अच्छा काम मिल सकता है। नितिन ने काम तलाशा और पहले अंग्रेजी से हिंदी और अंग्रेजी से पंजाबी में अनुवाद करना शुरू किया।
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कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत शुरू की, लेकिन काम जम नहीं पाया। उधर, अनुवाद का काम जारी रहा। धीरे-धीरे उन्होंने krishnatranslations.com के नाम से अपनी वेबसाइट बना दी। अब वे 200 ज्यादा भाषाओं को अनुवाद का काम कराते हैं।
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साथ ही उन युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं, जो अनुवाद और भाषा के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। नितिन ने अब वकालत का काम छोड़ दिया और सिर्फ अनुवाद के काम पर पूरा फोकस कर रहे हैं।
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150 देशों से आता है काम
नितिन ने बताया कि उनके पास 150 देशों से अनुवाद का काम आ रहा है। सबसे ज्यादा उनके पास अदालत, पुलिस, मेडिकल और फिल्मों का काम आ रहा है। सबसे ज्यादा काम पंजाबी भाषा का आता है।
उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि यदि किसी पंजाबी पर कोई पुलिस केस हो गया तो उसने वहां की अदालत में बयान दे दिया कि उसे अंग्रेजी नहीं आती है तो पुलिस को सभी कागजातों और बयानों का अनुवाद पंजाबी में कराना होगा।
इसके लिए पुलिस इंटरनेट के जरिए देखती है कि कौन सी भारतीय एजेंसी अनुवाद का काम करती है। उसके बाद वह वेबसाइट से संपर्क करती है और उन्हें अनुवाद का काम सौंपती है। इसी तरह से अब अंग्रेजी फिल्मों के सबटाइटल के अनुवाद का भी काम आ रहा है।
पुश्तैनी काम से अलग राह चुनी
नितिन का पुश्तैनी काम आटा चक्की का है। उनकी कामर्शियल प्रापर्टी भी है, लेकिन उन्होंने इस काम को करने के बजाए अपने शौक को चुना। वे राजनीति में भी रहे। एनएसयूआई छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके मन में बचपन से एक बात थी कि वह ऐसा कारोबार करें जिसकी पहचान राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो। हालांकि उनका मन अब भी वकालत में लगता है, लेकिन वे अब इतना बिजी हो गए हैं कि वे इसके लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं।
स्टार्टअप शुरू करने के टिप्स
1.कम से कम तीन साल तक अपने काम में डटे रहना है। दिक्कतें आएंगी, लेकिन घबराना नहीं है
2.पहले बिजनेस का प्लान बनाएं। फिर काम शुरू करें, लेकिन जिद्दी न बनें।
3.अपने कस्टमर को तरजीह दें। उसे अहसास दिलाएं कि आप उसके लिए ही बैठे हैं
4.भले अपने साथ काबिल लोगों को न जोड़े, उन्हें अपने साथ रखे, जो अपने काम से प्यार करते हों।
5.अपने काम का फीड बैक जरूर लें। भले सभी सुझाव पर अमल न करे, लेकिन फीडबैक लेना बहुत अहम है।