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MSME: पंचकूला की फर्नीचर इंडस्ट्री ने चीन को खदेड़ा

Fri, 22 Jan 2016 02:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Fri, 22 Jan 2016 02:22 PM IST
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msme haryana, panchkual timber and plywood indutry

होम डेकोर हो या फिर कारपोरेट फर्नीचर, पंचकूला की फर्नीचर इंडस्ट्री इसके लिए सिर्फ देश ही नहीं विदेशों में भी धाक जमा चुकी है।

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इस इंडस्ट्री का ही कमाल है कि एक समय बाजार पर कब्जा जमा चुका चीन अब मैदान छोड़कर भाग खड़ा हुआ है। अब मार्केट में चीन का शेयर सिर्फ बीस फीसदी ही रह गया है। मार्टिंस, ओसवाल, फोनिक्स जैसे बड़े नाम पंचकूला की देन है मगर माइक्रो, स्माल और मीडियम इकाइयां भी कुशलता से डटी हैं।
 
चार हजार को रोजगार
पंचकूला की फर्नीचर इंडस्ट्री ने करीब चार हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया है।  एक्सपर्ट बताते हैं कि इंडस्ट्री में ज्यादा रोजगार है पर स्किल्ड लेबर की कमी होने कारण रोजगार कम मिलता है। इसके लिए आईटीआई जैसे  संस्थान से स्किल्ड वर्कर तैयार किए जाएं और उनकी ट्रेनिंग इंडस्ट्री में करवाई जाए। जिससे इंडस्ट्रियलिस्ट और संस्थान के बीच गैप कम हो और इंडस्ट्री को उनके मुताबिक लेबर मिल सके।
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फाइनेंस की बाधा
फर्नीचर  इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा अहम सवाल फाइनेंस है। कई बैंक फाइनेंस नहीं करते हैं जिसकी  वजह से इंडस्ट्री का प्रचार प्रसार नहीं किया जा सकता है। इंडस्ट्री के बायलाज को बदलने की आवश्यकता है जिससे कि इंडस्ट्री मालिक अपनी इंडस्ट्री में शो रूम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवा सकें।
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आंकड़ों में पंचकूला
60 इकाइयां
1000 करोड़ कुल टर्नओवर
4000 लोगों को रोजगार

पंचकूला की फर्नीचर इंडस्ट्री अब एक बड़ा मंच बन चुकी है। यह इंडस्ट्री रोजगार प्रदान करती है, देश का नाम करती है तो फिर इसकी परेशानियों को दूर किया जाना चाहिए।
- दिनेश कक्कड़, फोनिक्स फर्नीचर

पंचकूला की फर्नीचर इंडस्ट्री में बिजली  और लेबर समस्या है। कोई उद्यमी क्वालिटी में समझौता नहीं करता हैं, इसीलिए बेस्ट कारीगरों को रखते हैं। स्किल्ड लेबर हो तो बात बेहतर होगी।

- सनी उप्पल, होल्जर

अब फर्नीचर सजाकर दुकान में रखना ही काम नहीं रह गया है। कस्टमाइज फर्नीचर का दौर है, इसका सोल्यूशन पंचकूला की फर्नीचर इंडस्ट्री उपलब्ध करवाती है।
- एलवी गुलाटी, सदस्य हरियाणा चैंबर ऑफ कामर्स

फर्नीचर  इंडस्ट्री के लिए फाइनेंस और बिजली चुनौतियां हैं। इंडस्ट्री के लिए फाइनेंस उपलब्ध करवाएं तो इंडस्ट्री बेहतर हो जाएगी। पिछले एक दशक में इस इंडस्ट्री ने फर्नीचर  को एक नया मुकाम दिया है।
- कृष्ण गोपाल गुलाटी, मार्टिन फर्नीचर

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