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भारत देश का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल हब है गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 24 Jan 2016 02:42 PM IST
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देश का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री हब भी हरियाणा में है। इसका श्रेय गुड़गांव की 1200 माइक्रो, स्माल और मीडियम इकाइयों को भी जाता है जो देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति और होंडा और हीरो जैसी टू-व्हीलर कंपनियों के लिए सभी जरूरी ऑटो पार्ट्स तैयार करती हैं।
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यहां बने कंपोनेंट्स यूरोप और अमेरिका तक निर्यात होते हैं। फरीदाबाद में भी करीब 23 हजार लघु और मध्यम इकाइयां मेकिंग की हरियाणा की गौरव गाथा लिख रही हैं। करीब 1200 माइक्रो, स्माल और मीडियम इकाइयां गुड़गांव की ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री की पहचान हैं।
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इनमें से करबी 1000 इकाइयां मारुति, हीरो और होंडा की वेंडर कंपनियां हैं, जो इनके लिए ऑटो पार्ट बनाती हैं। आईएमटी मानेसर की गिनती देश के बड़े ऑटोमोबाइल हब के तौर पर होती है। यहां मारुति, होंडा, हीरो, यामहा और सुजुकी जैसी वाहन निर्माता कंपनियों की मौजूदगी है।
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इन्हीं कंपनियों के बल पर ही ऑटोमोबाइल सेक्टर के एमएमएमई का अस्तित्व बरकरार है। गुड़गांव में ल्यूमैक्स जैसी कंपनी भी है जिसकी बनाई हेडलाइट अमेरिका के राष्ट्रपति के कार में लगती है। मारुति के लिए रबर पार्ट बनाने वाली कंपनी बोनी पॉलिमर के प्लांट हेड महेश पुनिया का कहना है कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र में काफी समस्याएं हैं। इसी वजह से इस क्षेत्र में कंपनियों का विस्तार नहीं हो रहा है। हरियाणा सरकार की नई औद्योगिक नीति आई है अब इसके आइने में देखना होगा कि इस सेक्टर को कितनी रफ्तार मिलती है।
यूरोप और अफ्रीका में भी धूम
मारुति के मानेसर और उद्योग विहार प्लांट में बनने वाली कारें सिर्फ देश ही नहीं यूरोप और अफ्रीकी देशों की सड़कों की भी शान बढ़ाती हैं। मारुति निर्मित कारें यूरोपीय देशों, अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल और भूटान को निर्यात होती हैं। इन कारों के निर्माण में यहां की एमएसएमई में बने पार्ट्स की खास भूमिका है।
दिक्कतें
स्किल्ड मैन पावर की कमी
खराब परिवहन व्यवस्था
श्रमिक आंदोलनों का डर
महिला कर्मचारियों के लिए हॉस्टल नहीं
गुड़गांव के ऑटोमोबाइल सेक्टर को ऑक्सीजन की जरूरत है। यहां के बने ऑटो पार्ट्स कई देशों में निर्यात होते हैं। दिनों दिन उत्पादन की लागत बढ़ती जा रही है। इससे परेशानी आ रही है। सरकार की नई औद्योगिक नीति से उम्मीद बंधी है।
-एसके आहूजा, महासचिव, गुड़गांव चैंबर ऑफ कॉमर्स
गुड़गांव का ऑटोमोबाइल सेक्टर काफी परेशानी में है। यहां ह्वाइट कॉलर स्किल, दक्ष श्रमिकों से लेकर औद्योगिक अशांति के कारण परेशानी बनी रहती है। इससे इस सेक्टर के विकास की गति काफी प्रभावित हो रही है।
-मनोज त्यागी, महासचिव, आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
अन्य औद्योगिक सेक्टर की तरह ऑटोमोबाइल के लिए भी स्थिति अनुकूल नहीं है। सरकार का जो रवैया है वह उद्योगों के अनुकूल नहीं है।
- एपी जैन, महासचिव, उद्योग विहार इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
गुड़गांव का मानेसर ऑटोमोबाइल सेक्टर का बड़ा हब है। यहां ऑटो कंपोनेंट की कई कंपनियां हैं। जो मारुति, होंडा और हीरो के लिए ऑटो पार्ट्स बनाती हैं। पिछले कुछ साल से इन सभी की हालत काफी खराब है।
- जेएम बत्रा, महाप्रबंधक, अर्जन ऑटो प्राइवेट लिमिटेड
ऑटो मोबाइल सेक्टर
1200 एमएसएमई बनाती हैं ऑटोपार्ट्स
-96.5 फीसदी है प्रदेश के ऑटोपार्ट्स क्षेत्र में गुड़गांव की भागेदारी
-250000 लोगों को मिल रहा है रोजगार