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Chandigarh News: जीएमसीएच 32 में पीपीपी मॉडल पर होगा एमआरआई का विस्तार
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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में अब मरीजों को एमआरआई के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रशासन ने मरीजों की समस्या को देखते हुए अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर एमआरआई की सुविधा देने का निर्णय लिया है। अस्पताल प्रशासन ने कार्ययोजना तैयार कर प्रशासन को सौंप दी है। राहत की बात यह है कि अस्पताल में मौजूदा समय में संचालित पुरानी मशीन की तुलना में नई एमआरआई मशीन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। कार्ययोजना में सामान्य के बजाय थ्री टेस्ला एमआरआई की सुविधा देने की तैयारी है, जो मौजूदा समय में पीजीआई में उपलब्ध है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर गर्ग ने बताया कि अस्पताल में एक एमआरआई मशीन संचालित की जा रही है। जो रेडियोडाइग्नोसिस डिपार्टमेंट में इंस्टॉल है। मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए सुविधा का विस्तार करना जरूरी हो गया था। नई कार्ययोजना तैयार की गई है। उम्मीद है कि मरीज पीपीपी मॉडल पर संचालित होने वाली अत्याधुनिक मशीन का लाभ सरकारी दर पर प्राप्त कर सकेंगे। नई मशीन को लेकर टेंडर की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
कमेटी के गठन की योजना ठंडे बस्ते में पड़ी
जरूरतमंद मरीजों को जांच में राहत देने के लिए पूर्व डायरेक्टर प्रिंसिपल के कार्यकाल में एक कमेटी का गठन किया गया था। शहर के निजी डायग्नोसिस सेंटरों से रेट लिस्ट लेकर उसे सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों की पहुंच के हिसाब से संशोधित कर लागू कराना था। इसके लिए लगभग सात सेंटरों ने अस्पताल की रेट लिस्ट के अनुसार वहां आने वाले मरीजों को रियायत देने की हामी भी भरी थी। मरीजों की सहूलियत के लिए उस सुविधा को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई थी लेकिन इसी बीच डायरेक्टर प्रिंसिपल का निधन हो गया और पूरी योजना ठंडे बस्ते में चली गई।
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जीएमसीएच 32 में एमआरआई का हाल
एमआरआई की एक मशीन है। यहां जांच के लिए 1800 रुपये शुल्क तय है। पीपीपी मॉडल पर दूसरी थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन संचालित करने की तैयारी है।
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अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर गर्ग ने बताया कि अस्पताल में एक एमआरआई मशीन संचालित की जा रही है। जो रेडियोडाइग्नोसिस डिपार्टमेंट में इंस्टॉल है। मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए सुविधा का विस्तार करना जरूरी हो गया था। नई कार्ययोजना तैयार की गई है। उम्मीद है कि मरीज पीपीपी मॉडल पर संचालित होने वाली अत्याधुनिक मशीन का लाभ सरकारी दर पर प्राप्त कर सकेंगे। नई मशीन को लेकर टेंडर की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
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कमेटी के गठन की योजना ठंडे बस्ते में पड़ी
जरूरतमंद मरीजों को जांच में राहत देने के लिए पूर्व डायरेक्टर प्रिंसिपल के कार्यकाल में एक कमेटी का गठन किया गया था। शहर के निजी डायग्नोसिस सेंटरों से रेट लिस्ट लेकर उसे सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों की पहुंच के हिसाब से संशोधित कर लागू कराना था। इसके लिए लगभग सात सेंटरों ने अस्पताल की रेट लिस्ट के अनुसार वहां आने वाले मरीजों को रियायत देने की हामी भी भरी थी। मरीजों की सहूलियत के लिए उस सुविधा को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई थी लेकिन इसी बीच डायरेक्टर प्रिंसिपल का निधन हो गया और पूरी योजना ठंडे बस्ते में चली गई।
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जीएमसीएच 32 में एमआरआई का हाल
एमआरआई की एक मशीन है। यहां जांच के लिए 1800 रुपये शुल्क तय है। पीपीपी मॉडल पर दूसरी थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन संचालित करने की तैयारी है।