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खेर ने लिखी चिट्ठी, कांट्रैक्ट कर्मचारियों की सैलरी अकाउंट में दी जाए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 29 Jan 2017 12:15 AM IST
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सांसद किरण खेर
- फोटो : File Photo
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यूटी के सरकारी और गैर सरकारी ऑफिसों में काम करने वाले कांट्रैक्ट कर्मचारियों को समय पर वेतन जारी नहीं होने का मुद्दा सांसद किरण खेर ने यूटी प्रशासन के सामने उठाया है। किरण खेर ने प्रशासक के सलाहकार को चिट्ठी लिखकर सभी कांट्रैक्ट और सर्विस प्रोवाइडर के तहत नियुक्त कर्मचारियों का वेतन उनके बैंक खाते में देने की मांग की है। खेर के अनुसार उनके पास काफी कांट्रैक्ट कर्मचारी समय पर पूरा वेतन नहीं मिलने की शिकायतें लेकर आते हैं।
खेर ने मांग की है कि यूटी प्रशासन के ही कई विभागों में प्राइवेट कंपनी के माध्यम से कर्मचारी आउटसोर्स किए जाते हैं। इन कर्मचारियों को लगाने वाले प्राइवेट मालिक जॉब लेटर में लिखे वेतन से काफी कम पैसा देते हैं। लेकिन उनसे हस्ताक्षर पूरी सैलरी पर करवा लिए जाते हैं। इस तरह की शिकायतें यूटी प्रशासन के अधिकारियों के पास भी पहले आती रही हैं।
खेर के अनुसार शिकायत करने पर कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। सांसद के अनुसार भविष्य में सभी कांट्रेक्ट कर्मचारियों का वेतन उनके बैंक अकाउंट में डाला जाए। ऐसा नहीं करने वाले वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए।
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खेर ने मांग की है कि यूटी प्रशासन के ही कई विभागों में प्राइवेट कंपनी के माध्यम से कर्मचारी आउटसोर्स किए जाते हैं। इन कर्मचारियों को लगाने वाले प्राइवेट मालिक जॉब लेटर में लिखे वेतन से काफी कम पैसा देते हैं। लेकिन उनसे हस्ताक्षर पूरी सैलरी पर करवा लिए जाते हैं। इस तरह की शिकायतें यूटी प्रशासन के अधिकारियों के पास भी पहले आती रही हैं।
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खेर के अनुसार शिकायत करने पर कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। सांसद के अनुसार भविष्य में सभी कांट्रेक्ट कर्मचारियों का वेतन उनके बैंक अकाउंट में डाला जाए। ऐसा नहीं करने वाले वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए।
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