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गुरु गोबिंद सिंह के जीवन पर आधारित ‘मित्र प्यारे नूं’
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 23 Jan 2014 06:30 PM IST
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माता तृप्ता जी चैरिटेबल ट्रस्ट, चंडीगढ़ द्वारा शशी फिल्मस के सहयोग से सिख इतिहास पर बनी धार्मिक पंजाबी फिल्म 'मित्र प्यारे नूं' को सेक्टर-38 स्थित गुरुद्वारे में रिलीज की गई।
इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक व संवाद लेखक भाई अरविंदर जीत सिंह (किट्टू वीर जी) कार्यकारी निर्माता डॉ. भूपिंदर सिंह भूप, प्रोडक्शन कंट्रोलर सतबीर सिंह, सिनेमाटोग्राफर आर्यवीर आर्य (रिंकू), जीएस सोनी, गुरजीत सिंह लाली और संजय सिंह सहित कई लोग उपस्थित हुए।
निर्देशक भाई अरविंद्रजीत ने बताया कि यह फिल्म दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह के जीवन पर आधारित है। इसमें दो शबद और एक कविता संकलित की गई है।
फिल्म के संगीत निर्देशक हैं एच गुड्डू और निर्दोष वीर ने संपादन किया है। फिल्म में माता तृप्ता जी चैरिटेबल ट्रस्ट के बच्चों के अलावा कुछ प्रोफेशनल कलाकारों ने भी अभिनय किया है।
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उन्होंने कहा कि यह फिल्म श्रद्धालुओं को नो प्रॉफिट-नो लॉस पर बेची जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग सिख इतिहास से वाकिफ हो सकें।
फिल्म में भाई अरविंदरजीत सिंह ने एक सूत्रधार की भूमिका निभाई है। डॉ. भूपिंदर सिंह भूप और सतबीर सिंह ने भी उनको सहयोग दिया।
फिल्म दशम पिता के चमकौर साहिब से पलायन और माछीवाड़ा के जंगलों में सैनिको से युद्ध की दास्तां बयान करती है। गुरुजी के श्रद्धालु गनी खां और नबी खां किस प्रकार उन्हें उच्छ दा पीर बना कर माछीवाड़ा से मुस्लिम सैनिकों की नजरों से सुरक्षित निकालते हैं।
माछीवाड़ा के जंगलों में गुरुजी ने शबद मित्र प्यारे नूं के द्वारा प्रभू का सिमरण किया। इस फिल्म का उद्देश्य लोगों को सिख इतिहास की जानकारी देना और उस समय के आक्रांताओं की बर्बरता से अवगत करवाना है।
अरविंदर जीत सिंह इससे पूर्व सदा चिर जीवो और फीचर फिल्म सत श्री अकाल का निर्माण भी कर चुके हैं। जल्द ही माता तृप्ता जी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा शशी फिल्मस के सहयोग से गुरु गोबिंद सिंह के जीवन पर आधारित फिल्म का निर्माण किया जाएगा और शबद गुरुबाणी की एलबम भी शीघ्र रिकॉर्ड की जाएगी।
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इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक व संवाद लेखक भाई अरविंदर जीत सिंह (किट्टू वीर जी) कार्यकारी निर्माता डॉ. भूपिंदर सिंह भूप, प्रोडक्शन कंट्रोलर सतबीर सिंह, सिनेमाटोग्राफर आर्यवीर आर्य (रिंकू), जीएस सोनी, गुरजीत सिंह लाली और संजय सिंह सहित कई लोग उपस्थित हुए।
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निर्देशक भाई अरविंद्रजीत ने बताया कि यह फिल्म दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह के जीवन पर आधारित है। इसमें दो शबद और एक कविता संकलित की गई है।
फिल्म के संगीत निर्देशक हैं एच गुड्डू और निर्दोष वीर ने संपादन किया है। फिल्म में माता तृप्ता जी चैरिटेबल ट्रस्ट के बच्चों के अलावा कुछ प्रोफेशनल कलाकारों ने भी अभिनय किया है।
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उन्होंने कहा कि यह फिल्म श्रद्धालुओं को नो प्रॉफिट-नो लॉस पर बेची जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग सिख इतिहास से वाकिफ हो सकें।
फिल्म में भाई अरविंदरजीत सिंह ने एक सूत्रधार की भूमिका निभाई है। डॉ. भूपिंदर सिंह भूप और सतबीर सिंह ने भी उनको सहयोग दिया।
फिल्म दशम पिता के चमकौर साहिब से पलायन और माछीवाड़ा के जंगलों में सैनिको से युद्ध की दास्तां बयान करती है। गुरुजी के श्रद्धालु गनी खां और नबी खां किस प्रकार उन्हें उच्छ दा पीर बना कर माछीवाड़ा से मुस्लिम सैनिकों की नजरों से सुरक्षित निकालते हैं।
माछीवाड़ा के जंगलों में गुरुजी ने शबद मित्र प्यारे नूं के द्वारा प्रभू का सिमरण किया। इस फिल्म का उद्देश्य लोगों को सिख इतिहास की जानकारी देना और उस समय के आक्रांताओं की बर्बरता से अवगत करवाना है।
अरविंदर जीत सिंह इससे पूर्व सदा चिर जीवो और फीचर फिल्म सत श्री अकाल का निर्माण भी कर चुके हैं। जल्द ही माता तृप्ता जी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा शशी फिल्मस के सहयोग से गुरु गोबिंद सिंह के जीवन पर आधारित फिल्म का निर्माण किया जाएगा और शबद गुरुबाणी की एलबम भी शीघ्र रिकॉर्ड की जाएगी।