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मुंह बोली बहन के हत्यारे को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो/जगाधरी
Updated Sun, 19 Oct 2014 12:07 AM IST
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मुंह बोली बहन पर मिट्टी का तेल छिड़कर हत्या करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग ने शनिवार को शास्त्री कॉलोनी के दोषी ध्रुव को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने आरोपी पर दस हजार रुपये जुर्माना किया। मामले की सुनवाई एक साल तक अदालत में चली और 16 लोगों ने गवाही दर्ज करवाई। दोषी ध्रुव ने बहन की हत्या उधारे रुपये देने से इंकार करने के चलते की थी।
दायर मामला 25 जुलाई 2013 का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि भारत सेवक नगर निवासी अनीता जलने से बुरी तरह झुलस गई है। उसे इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया है। पीजीआई में मजिस्ट्रेट तथा पुलिस को दिए बयान में अनीता ने कहा कि 23 जुलाई को वह अपने घर में बैठी टीवी देख रही थी।
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इस दौरान शास्त्री कॉलोनी निवासी उसका मुंह बोला भाई ध्रुव घर आकर रुपये उधारे मांगने लगा। अनीता ने रुपये देने से इंकार कर दिया था। ध्रुव ने अनीता के साथ झगड़ा करने के बाद वापस चला गया। 24 जुलाई की सुबह अनीता का पति जिला लाल किसी काम से घर से बाहर गया हुआ था।
इस दौरान ध्रुव वहां पर आया। उसने आते ही अनीता पर मिट्टी का तेल छिड़कर माचिस से आग लगा दी। अनीता जोर से चिल्लाई तो पड़ोसियों ने महिला को सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया था। वहीं आरोपी भी आग से झुलस गया था। उसे लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। पुलिस ने महिला के बेटे आशु की शिकायत पर आरोपी ध्रुव के खिलाफ हत्या के प्रयास तथा अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
कुछ दिनों बाद महिला की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में हत्या की धारा को जोड़ दी थी। सरकारी वकील रजनीश रायजादा ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत ध्रुव को अनीता की हत्या का दोषी करार देते सजा सुनाई है।
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अदालत ने आरोपी पर दस हजार रुपये जुर्माना किया। मामले की सुनवाई एक साल तक अदालत में चली और 16 लोगों ने गवाही दर्ज करवाई। दोषी ध्रुव ने बहन की हत्या उधारे रुपये देने से इंकार करने के चलते की थी।
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दायर मामला 25 जुलाई 2013 का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि भारत सेवक नगर निवासी अनीता जलने से बुरी तरह झुलस गई है। उसे इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया है। पीजीआई में मजिस्ट्रेट तथा पुलिस को दिए बयान में अनीता ने कहा कि 23 जुलाई को वह अपने घर में बैठी टीवी देख रही थी।
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इस दौरान शास्त्री कॉलोनी निवासी उसका मुंह बोला भाई ध्रुव घर आकर रुपये उधारे मांगने लगा। अनीता ने रुपये देने से इंकार कर दिया था। ध्रुव ने अनीता के साथ झगड़ा करने के बाद वापस चला गया। 24 जुलाई की सुबह अनीता का पति जिला लाल किसी काम से घर से बाहर गया हुआ था।
इस दौरान ध्रुव वहां पर आया। उसने आते ही अनीता पर मिट्टी का तेल छिड़कर माचिस से आग लगा दी। अनीता जोर से चिल्लाई तो पड़ोसियों ने महिला को सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया था। वहीं आरोपी भी आग से झुलस गया था। उसे लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। पुलिस ने महिला के बेटे आशु की शिकायत पर आरोपी ध्रुव के खिलाफ हत्या के प्रयास तथा अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
कुछ दिनों बाद महिला की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में हत्या की धारा को जोड़ दी थी। सरकारी वकील रजनीश रायजादा ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत ध्रुव को अनीता की हत्या का दोषी करार देते सजा सुनाई है।