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रोहतक PGI में जच्चा-बच्चा की मौत, जांच करेंगे कासनी
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 20 May 2015 09:50 AM IST
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हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने रोहतक पीजीआई में गर्भवती महिला और नवजात की मौत मामले की जांच आईएएस प्रदीप कासनी को सौंप दी है। कासनी ने जांच शुरू कर दी है। उधर, रोहतक पीजीआई ने जांच के लिए तीन चिकित्सकों की कमेटी बनाई है।
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कमेटी ने प्राथमिक रिपोर्ट में बताया है कि मरीज नीलम की मौत उसके मेडिकल कंडीशन के कारण हुई है। डाक्टरों ने यह भी हवाला दिया है कि इस मामले में अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। मरीज को जो बीमारियां डाक्टर्स के पैनल ने गिनवाई हैं, उनका जिक्र रिपोर्ट में भी है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि मरीज क्रोनिक लीवर डिजीज़ और हिपाटो रीनल सिंड्रोम से ग्रस्त थी। बच्चे की मौत को (आईयूडी) इंटर यूट्राइन डेथ बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता ने 18 मई को रात 9.45 बजे मृत बच्चे को जन्म दिया था।
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पीजीआई की ओर से गठित तीन डॉक्टरों की कमेटी में शामिल डॉ. विजय पाल खनगवाल, डा. सविता सिंघल और डा. प्रवीण मल्होत्रा ने प्रारंभिक जांच के बाद रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है।
ये है मामला
जींद जिले की नीलम को 14 मई को रोहतक पीजीआई के वार्ड नंबर दो में दाखिल कराया गया था। सोमवार देर रात महिला को प्रसव पीड़ा हुई, जिस पर एक लेडी डॉक्टर उसे लेबर रूम में ले जाने लगी। आरोप है कि दर्द के कारण नीलम चल नहीं पा रही थी।
इस पर डॉक्टर ने उसे थप्पड़ मार दिया, जिससे नीलम जमीन पर गिर गई और बेहोशी की हालत में ही उसके गर्भ से बच्चा बाहर आ गया। इससे पहले महिला को उपचार मिलता उसने दम तोड़ दिया। जमीन पर प्रसव होने के कारण कुछ ही देर बाद नवजात की भी मौत हो गई।
परिजन बगैर पोस्टमार्टम ले गए शव
मंगलवार सुबह पीजीआई में पीडि़त परिवार के गांव की पंचायत के साथ मरीज ग्रीविएंस कमेटी संग बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि मामले की जांच हो रही है। आहत परिजन बगैर पोस्टमार्टम के शव लेकर चले गए।
मैंने सोच समझकर यह जांच आईएएस प्रदीप कासनी को सौंप दी है। इस बारे में वाइस चांसलर से भी बात की है। कासनी को कहा गया है कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करें।
-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा