फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शहीद सिद्धार्थ का पार्थिव शरीर घर पहुंचा, सेना की वर्दी में पत्नी ने किया सलाम, छलक उठी हर आंख

Thu, 28 Feb 2019 09:16 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 28 Feb 2019 09:16 PM IST
विज्ञापन
Mortal remains of Wing Commander Siddarth who died in Budgam chopper crash brought to his residence
विंग कमांडर सिद्धार्थ वशिष्ठ

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में बुधवार सुबह एयरफोर्स के एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए चंडीगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ का पार्थिव शरीर गुरुवार देर शाम चंडीगढ़ पहुंच गया। तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को लेने के लिए उनकी पत्नी स्क्वाड्रन लीडर आरती वायुसेना की फुल ड्रेस में पहुंचीं। एयरपोर्ट से सेक्टर-44 स्थित आवास तक सिद्धार्थ के पार्थिव शरीर को पहुंचाने के लिए एयरफोर्स और चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से एक विशेष कॉरिडोर बनाया गया था।

Mortal remains of Wing Commander Siddarth who died in Budgam chopper crash brought to his residence
शहीद सिद्धार्थ

गुरुवार देर शाम करीब आठ बजे सेना के जवान अपने कंधे पर तिरंगे से लिपटे ताबूत को लेकर जब सिद्धार्थ के घर पहुंचे तो सबकी आंखें छलक उठीं। बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर परिजनों के साथ आसपास के सभी लोग बिलख पड़े। इस दौरान जब पिता जगदीश वशिष्ठ ने बेटे की बहादुरी पर उन्हें सैल्यूट किया तो हर कोई भावुक हो उठा।

पड़ोसियों ने भारत माता की जय, वंदेमातरम के नारे लगाने शुरू कर दिए। साथ ही शहीद सिद्धार्थ अमर रहें के नारे फिजा में गूंजने लगे।  प्रशासक के अलावा पुलिस व प्रशासन के तमाम बड़े अधिकारी सिद्धार्थ के आवास पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही शहीद स्क्वाड्रन लीडर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 

Mortal remains of Wing Commander Siddarth who died in Budgam chopper crash brought to his residence
शहीद सिद्धार्थ

परिवार को सांत्वना देने गुरुवार को पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, डीजीपी संजय बेनीवाल, एडवाइजर मनोज परिदा, डीसी नवदीप बराड़, एसएसपी नीलांबरी जगदले आदि शामिल रहे। शहीद सिद्धार्थ के शव को शुक्रवार सुबह सेक्टर-25 के श्मशान घाट में गॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। बता दें कि सिद्धार्थ का परिवार मूल रूप से अंबाला के नारायणगढ़ के हमीदपुर गांव का रहने वाला है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Mortal remains of Wing Commander Siddarth who died in Budgam chopper crash brought to his residence
शहीद सिद्धार्थ

मां की पुकार.. बन्नी तू वापस आ जा
बन्नी तू वापस आ जा... मां की जुबां पर सिद्धार्थ के पार्थिव शरीर को देखकर यही पहला शब्द निकला। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं परिवार के बाकी सदस्य भी यही बोलते रहे कि बन्नी को अब हम नहीं देख पाएंगे। बहनें अपने लाडले भाई को गले लगाने के लिए तरसती नजर आईं और वे उसके ताबूत से ही लिपटकर जोर जोर से रोने लगीं। वहीं, वायुसेना की फुल ड्रेस में पति के शव के पास खड़ीं आरती के सब्र का बांध भी टूट पड़ा, वह भी दहाड़ मारकर रोने लगीं। सिद्धार्थ की दादी का भी रो-रोकर बुरा हाल था। इस दर्द भरे पलों में बन्नी के दोस्त, पड़ोसियों का भी रो-रोकर बुरा हाल था।

विज्ञापन
Mortal remains of Wing Commander Siddarth who died in Budgam chopper crash brought to his residence
शहीद सिद्धार्थ

परिवार की ख्वाहिश- सिद्धार्थ घर आए
शहीद जवान के परिवार की ख्वाहिश के तहत सद्धार्थ का पार्थिव शरीर उनके घर पर रखा गया। खासकर उनकी मां चाहती थी कि सिद्धार्थ आखिरी बार घर आए। जैसे ही रात 8 बजे सिद्धार्थ का पार्थिव शरीर घर पहुंचा उन्हें देखते ही मां, तीन बड़ी बहनें और उनकी पत्नी का रो रो कर बुरा हाल हो गया। मां ने बेटे को एक पल देखना चाहा मगर ताबूत में बेटे को देखने की उनकी हिम्मत जवाब दे गई।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed