पंजाब चुनाव: 2.12 करोड़ मतदाता चुनेंगे सरकार, अनुसूचित जाति पर सभी दलों की निगाहें, 34 सीटें हैं आरक्षित
पंजाब में चुनावी बिगुल बज गया है। 2.12 करोड़ मतदाता प्रदेश में नई सरकार चुनेंगे। 14 फरवरी को एक चरण में 117 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा।
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पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर कुल 2.12 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर राज्य में सरकार चुनेंगे। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. एस करुणा राजू के अनुसार विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम प्रकाशित फोटो वोटर सूचियों के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पांच जनवरी, 2022 को समाप्त हो गई है।
पंजाब माझा, मालवा और दोआबा के रूप में बंटा है। सबसे ज्यादा 69 सीटें मालवा में हैं। इस क्षेत्र में राज्य के फिरोजपुर, फरीदकोट, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा, लुधियाना, मोहाली, संगरूर, मालेरकोटला और पटियाला जिले आते हैं। माझा क्षेत्र में अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर और पठानकोट जिले आते हैं। होशियारपुर, जालंधर, नवांशहर और कपूरथला दोआबा का हिस्सा हैं।
वर्तमान में पंजाब में गांवों की कुल संख्या 12858 है। पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में करीब 50 ऐसी हैं जहां पर अनुसूचित जाति का वोट निर्णायक है। दोआबा में 37 फीसदी, मालवा में 31 फीसदी और माझा में 29 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति की है। इस तरह सबसे अधिक अनुसूचित जाति आबादी मालवा क्षेत्र में है। खास बात यह भी है कि यह आबादी विभिन्न धार्मिक डेरों से जुड़ी है और अपने डेरों के निर्देशों के अनुसार अंतिम क्षणों में फैसले बदलकर वोटों के समीकरण को गड़बड़ा देती है।
किसान आंदोलन भी इस बार दिखाएगा मतदान पर असर
बीते एक साल तक दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहे किसानों ने आखिरकार तीन कृषि कानून रद्द करवा लिए लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार के प्रति किसानों और उनके परिवारों के मन में तल्खी अभी कम नहीं हुई है। जहां तक जातीय समीकरण का सवाल है, पंजाब में जाट सिखों की आबादी 30 प्रतिशत है, जबकि राज्य की 32 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति की है, जो भारत में किसी भी राज्य के मुकाबले सबसे ज्यादा है। इनमें रविदासिया और वाल्मीकि समुदाय के मतदाता 24-10 फीसदी हैं। यही कारण है कि सभी सियासी दलों की नजरें इन्हीं जातीय वोटों पर रहती हैं, जो कई बार एकमुश्त वोट के रूप में प्रदेश में चुनाव की हवा बदलते रहे हैं।
पंजाब की 34 सीटें आरक्षित
पंजाब में 34 विधानसभा सीटें अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों के लिए आरक्षित हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 21 सीटें जीती थीं। आम आदमी पार्टी के हिस्से में 9, अकाली दल के 3 और भाजपा के हिस्से में एक सीट आई थी। ये सीटें हैं- पठानकोट की भोआ, गुरदासपुर की दीनानगर, गुरदासपुर की श्री हरगोबिंदपुर, अमृतसर की जंडियाला गुरु, अमृतसर वेस्ट, अटारी, बाबा बकाला, कपूरथला की फगवाड़ा, जालंधर की फिल्लौर, करतारपुर, जालंधर वेस्ट, आदमपुर, होशियारपुर की शाम चौरासी और चब्बेवाल, नवांशहर की बंगा, रोपड़ की चमकौर साहिब, फतेहगढ़ साहिब की बस्सी पठाना, लुधियाना की गिल, पायल, जगरांव, रायकोट, मोगा की निहाल सिंह वाला, फिरोजपुर की फिरोजपुर सीट, फाजिल्का की बल्लुआना, श्री मुक्तसर साहिब की मलोट, बठिंडा की भुच्चो मंडी और बठिंडा ग्रामीण, मानसा की बुडलाडा, संगरूर की दिड़बा, बरनाला की भदौड़ और महल कलां, पटियाला की नाभा व शुतराना।
- मतदाता (पुरुष) : 11187857
- मतदाता (महिलाएं): 10086514
- मतदाता (अन्य) : 695
- कुल मतदाता : 21275066
- पुरुष : 107375
- महिलाएं : 2788
- अन्य : 0
- कुल : 110163
- पुरुष : 1215
- महिलाएं : 386
- अन्य : 0
- कुल : 1601
- कुल : 513229
- कुल : 144667
- शहरी : 7727
- ग्रामीण : 16962
- कुल : 24689