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Chandigarh News: अधिक पानी की खपत वाले 35 हजार से ज्यादा मीटर खराब, औसत पर चुका रहे बिल
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चंडीगढ़। शहर में पानी का एक अलग ही खेल चल रहा है। 35 हजार से ज्यादा मीटर खराब हैं, जिनका बिल पिछले काफी समय से नगर निगम औसत के आधार पर भेज रहा है। हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर वही मीटर खराब हैं, जिनकी खपत सामान्य घरों से कई गुना ज्यादा है। यह खुलासा एक आरटीआई में हुआ है। अब मेयर कुलदीप कुमार ने इसके जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर में अमीरों को मुफ्त पानी दिया जा रहा और गरीबों से वसूली हो रही है।
आंकड़ों के अनुसार शहर में एक सामान्य घर में औसतन प्रति महीने 10 से 30 किलो लीटर के बीच पानी की खपत होती है, लेकिन पिछले काफी समय से जो मीटर खराब है, उनकी खपत इससे कई गुना ज्यादा है। जब मीटर खराब होता है तो निगम की तरफ से एवरेज पर बिल भेजा जाता है। एवरेज पर बिल कैलकुलेट करने के लिए उस घर के पुराने बिल को देखा जाता है। अगर खपत 50 केएल से ज्यादा है तो देखा जाता है कि उस घर में जब से मीटर लगा है, तब से लेकर सबसे अधिक खपत कितनी रही है। जो भी सबसे अधिक खपत होती है, उसके अनुसार बिल बनाकर भेजा जाता है। लेकिन एवरेज पर आने वाले बिलों में समस्या यह है कि यह कभी नहीं पता चल पाता कि असल में उस घर में पानी की खपत कितनी हुई है। हर महीने एक ही बिल चुकाना पड़ता है, चाहे पानी कितना भी इस्तेमाल किया हो। खराब मीटर के आंकड़े आने के बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जहां पानी की बहुत ज्यादा खपत है, वहां जानबूझकर एवरेज पर ही बिल भेजा जा रहा है। जो एक बहुत बड़ा घोटाला है और नगर निगम को हर महीने लाखों रुपये का चूना लग रहा है।
मीटरों को बदलने के जल्द जारी होंगे आदेश, दोषी पर होगी कार्रवाई
आम आदमी पार्टी-कांग्रेस ने इन आंकड़ों को लेकर सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में एक प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें मेयर कुलदीप कुमार, आप के प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. एसएस आहलूवालिया, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की, पार्षद योगेश ढींगरा, प्रेमलता और गुरप्रीत गाबी, जसबीर बंटी और तरुणा मेहता मौजूद रहीं। डॉ. एसएस आहलूवालिया ने कहा कि खराब मीटरों को ठीक कर दिया जाए तो आसानी से चंडीगढ़ में 20 हजार लीटर पानी मुफ्त दिया जा सकता है। बताया कि चंडीगढ़ में 50,359 मीटर ऐसे हैं, जिनकी खपत 20,000 लीटर प्रति माह से कम है। इन मीटरों का औसत बिल 39,65,771 रुपये है। कहा कि खराब मीटरों को तुरंत ठीक कराने के लिए एक जल्द आदेश जारी किए जाएंगे। दोषी जेई, एसडीओ-एक्सइन पर कार्रवाई होगी। रिकवरी भी कराएंगे। उन्होंने इसे पानी माफिया बताया। उन्होंने कहा कि पानी के टैंकर सप्लाई करने वाले भी एवरेज पर बिल दे रहे हैं, जो बहुत कम है। आहलूवालिया ने कहा कि आने वाले दिनों में भाजपा के और भी काले कारनामे उजागर होंगे।
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एक अप्रैल से पांच फीसदी बढ़ेगा रेट, मेयर ने रोकने को गृह सचिव को लिखा पत्र
मेयर कुलदीप कुमार ने शुक्रवार को यूटी प्रशासन के गृह सचिव नितिन कुमार यादव को एक पत्र लिखकर कहा कि उन्होंने अखबारों में पढ़ा है कि शहर में पीने के पानी के बिल में पांच फीसदी की बढ़ोतरी की जा रही है जिससे शहरवासियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। चंडीगढ़ नगर निगम ने बीते दिन शहरवासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने का एजेंडा पास किया है, इसलिए हमें शहरवासियों पर 5 फीसदी बिल वृद्धि रोकनी चाहिए और 20,000 लीटर मुफ्त पानी उपलब्ध कराने के लिए आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। इस पर मेयर कुलदीप ने कहा कि शहरवासियों को मुफ्त पानी मिलना चाहिए। भाजपा जानबूझ कर इसमें बाधा डाल रही है।
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आंकड़ों के अनुसार शहर में एक सामान्य घर में औसतन प्रति महीने 10 से 30 किलो लीटर के बीच पानी की खपत होती है, लेकिन पिछले काफी समय से जो मीटर खराब है, उनकी खपत इससे कई गुना ज्यादा है। जब मीटर खराब होता है तो निगम की तरफ से एवरेज पर बिल भेजा जाता है। एवरेज पर बिल कैलकुलेट करने के लिए उस घर के पुराने बिल को देखा जाता है। अगर खपत 50 केएल से ज्यादा है तो देखा जाता है कि उस घर में जब से मीटर लगा है, तब से लेकर सबसे अधिक खपत कितनी रही है। जो भी सबसे अधिक खपत होती है, उसके अनुसार बिल बनाकर भेजा जाता है। लेकिन एवरेज पर आने वाले बिलों में समस्या यह है कि यह कभी नहीं पता चल पाता कि असल में उस घर में पानी की खपत कितनी हुई है। हर महीने एक ही बिल चुकाना पड़ता है, चाहे पानी कितना भी इस्तेमाल किया हो। खराब मीटर के आंकड़े आने के बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जहां पानी की बहुत ज्यादा खपत है, वहां जानबूझकर एवरेज पर ही बिल भेजा जा रहा है। जो एक बहुत बड़ा घोटाला है और नगर निगम को हर महीने लाखों रुपये का चूना लग रहा है।
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मीटरों को बदलने के जल्द जारी होंगे आदेश, दोषी पर होगी कार्रवाई
आम आदमी पार्टी-कांग्रेस ने इन आंकड़ों को लेकर सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में एक प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें मेयर कुलदीप कुमार, आप के प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. एसएस आहलूवालिया, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की, पार्षद योगेश ढींगरा, प्रेमलता और गुरप्रीत गाबी, जसबीर बंटी और तरुणा मेहता मौजूद रहीं। डॉ. एसएस आहलूवालिया ने कहा कि खराब मीटरों को ठीक कर दिया जाए तो आसानी से चंडीगढ़ में 20 हजार लीटर पानी मुफ्त दिया जा सकता है। बताया कि चंडीगढ़ में 50,359 मीटर ऐसे हैं, जिनकी खपत 20,000 लीटर प्रति माह से कम है। इन मीटरों का औसत बिल 39,65,771 रुपये है। कहा कि खराब मीटरों को तुरंत ठीक कराने के लिए एक जल्द आदेश जारी किए जाएंगे। दोषी जेई, एसडीओ-एक्सइन पर कार्रवाई होगी। रिकवरी भी कराएंगे। उन्होंने इसे पानी माफिया बताया। उन्होंने कहा कि पानी के टैंकर सप्लाई करने वाले भी एवरेज पर बिल दे रहे हैं, जो बहुत कम है। आहलूवालिया ने कहा कि आने वाले दिनों में भाजपा के और भी काले कारनामे उजागर होंगे।
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मेयर कुलदीप कुमार ने शुक्रवार को यूटी प्रशासन के गृह सचिव नितिन कुमार यादव को एक पत्र लिखकर कहा कि उन्होंने अखबारों में पढ़ा है कि शहर में पीने के पानी के बिल में पांच फीसदी की बढ़ोतरी की जा रही है जिससे शहरवासियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। चंडीगढ़ नगर निगम ने बीते दिन शहरवासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने का एजेंडा पास किया है, इसलिए हमें शहरवासियों पर 5 फीसदी बिल वृद्धि रोकनी चाहिए और 20,000 लीटर मुफ्त पानी उपलब्ध कराने के लिए आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। इस पर मेयर कुलदीप ने कहा कि शहरवासियों को मुफ्त पानी मिलना चाहिए। भाजपा जानबूझ कर इसमें बाधा डाल रही है।