दो दिन सरकारी कामकाज रहेगा ठप, 35 सौ से अधिक नहीं चलेंगी बसें...हड़ताल पर लाखों कर्मचारी
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केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ कर्मचारी और मजदूर दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान अधिकतर सरकारी विभागों में कामकाज ठप रहेगा। हरियाणा के दो लाख से अधिक कर्मचारी 8-9 जनवरी को सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल पर रहेंगे। वहीं, रोडवेज की 35 सौ से अधिक बसें दस राज्यों में अपनी सेवाएं नहीं देंगी। हड़ताल का आह्वान देश की दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों की अखिल भारतीय स्तर की फेडरेशन ने संयुक्त तौर पर किया है।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने दावा किया कि राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल ऐतिहासिक होगी। इसमें पूरे देश में बीस करोड़ से ज्यादा मजदूर व कर्मचारी शामिल होंगे। उन्होंने यह दावा 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रदेश में चलाए गए जनसंपर्क अभियान के बाद शुक्रवार को किया। उन्होंने बताया कि शनिवार, रविवार और सोमवार को हड़ताल को सफल बनाने के लिए हरियाणा में जनसंपर्क अभियान तेज किया जाएगा।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान धर्मबीर फोगाट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री, मुख्य संगठनकर्ता वीरेंद्र सिंह डंगवाल, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बाटू, उपाध्यक्ष सविता मलिक, सुरेंद्र राणा, सतीश सेठी ने कहा कि कार्यस्थलों पर जाकर गेट मीटिंग की जा रही हैं। इसके अलावा विभागीय संगठनों ने भी अपने-अपने विभागों में हड़ताल को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत लगा दी है।
कर्मचारियों में सरकार की वादाखिलाफी व कर्मचारी- मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ भारी नाराजगी है। हड़ताल में सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों, नगर निगमों, पालिकाओं, परिषदों, सहकारी समितियों, पंचायत समितियों, केंद्र एवं राज्य सरकार की संचालित परियोजनाओं में कार्यरत नियमित व अनियमित कर्मचारी शामिल होंगे।
ये हैं प्रमुख मांगें
. पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करें
. अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाए
. समान काम-समान वेतन दें
. एक्स ग्रेसिया रोजगार स्कीम को बहाल करें
. जन सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाई जाए
. श्रम कानूनों में पूंजीपतियों के हकों में किए जा रहे मजदूर विरोधी संशोधनों पर रोक लगे
. पंजाब के समान वेतनमान व पेंशन दें
. मकान किराए भत्ते में जनवरी,2016 से बढ़ोतरी
. कर्मचारियों, पैंशनर्स एवं उनके आश्रितों को वास्तविक खर्च आधारित कैशलेस मेडिकल सुविधा
. रोडवेज हड़ताल व अन्य आंदोलनों में की गई उत्पीड़न की कार्रवाई समाप्त करें