मानसून सत्रः हरियाणा के 22 जिलों में खुलेंगे नर्सिंग कॉलेज, डायलिसिस सुविधा भी मिलेगी
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हरियाणा में बाईपास निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ई-भूमि पोर्टल के जरिए किसानों से जमीन की खरीद कर रही है। किसानों की सहमति के बाद ही जमीन को अधिगृहीत किया जा रहा है। लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री राव नरबीर सिंह ने विधानसभान में कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल के सवाल पर बताया कि जिन शहरों में बाईपास की आवश्यकता महसूस की जा रही है, वहां पर सरकार भू-मालिकों से ई-भूमि पोर्टल पर जमीन ले रही है।
झज्जर जिले के छुछकवास बाईपास के निर्माण के लिए 229 लोगों अर्थात 74 प्रतिशत ने जमीन उपलब्ध कराने की सहमति दे दी है। शेष भूमि की सहमति होने पर 15 महीनों के भीतर बाईपास का कार्य पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण अति महत्व वाली परियोजनाओं के लिए ही किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने व्यवस्था को सुधारने के लिए ई-भूमि पोर्टल शुरू किया है, जिस पर भू-मालिक अपनी जमीन की बिक्री के लिए जानकारी डाल सकते हैं। सरकार उस क्षेत्र में आवश्यकता अनुसार क्लेक्टर रेट पर भूमि की खरीद करती है।
उचाना बाईपास के लिए ई-भूमि पोर्टल पर लोगों ने जमीन देने की पेशकश की है। इसके लिए 57.35 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। अग्रोहा से गांव सिवानी बोलान तक सड़क पर मरम्मत की आवश्यकता नहीं है। अग्रोहा से बरवाला सड़क पर गांव दौलतपुर में क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का कार्य फरवरी 2020 तक पूरा हो जाएगा।
घटिया सामग्री के प्रयोग पर विशेष तकनीकी सलाहकार नियुक्त
राव नरबीर सिंह ने बताया कि कुलेरी-सिवानी बोलान सड़क मार्ग के मरम्मत कार्य में घटिया सामग्री के प्रयोग की जांच के लिए एक विशेष तकनीकी सलाहकार नियुक्त किया है। जहां से सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें मिलती हैं।
वहां से वह नमूने लेकर उसे आईआईटी रुड़की या अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों की प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजते हैं और वहां की रिपोर्ट सही पाए जाने पर ही ठेकेदार की पेमेंट की जाती है। अगर किसी विधायक की कोई विशेष शिकायत है तो वह उसे लिखित में दे सकता है और उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
11 कच्चे नालों की मरम्मत का प्रस्ताव केंद्र को भेजा
हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि कृषि सिंचाई के लिए प्रयोग हो रहे कच्चे नालों की रिमॉडलिंग व रिपेयर का कार्य सरकार अपने फंड से करती है। कुछ क्षेत्रों में भाखड़ा कैनाल कमांड के अंतर्गत भी कच्चे नाले आते हैं, जिनका मरम्मत कार्य केंद्र सरकार की अनुमति के बाद ही किया जाता है।
उकलाना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 11 कच्चे खाले, नालों में से सात खाले भाखड़ा कैनाल कमांड-तीन परियोजना के अंतर्गत पड़ते हैं, जिनकी मरम्मत का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। जैसे ही इस पर स्वीकृति मिल जाएगी तो छह महीने के अंदर-अंदर इनका कार्य पूरा कर दिया जाएगा।
धनखड़ विधानसभा में उकलाना के विधायक अनूप धानक के सवाल का जवाब दे रहे थे। हालांकि, सवाल मुख्यमंत्री मनोहर लाल से पूछा गया था पर जवाब कृषि मंत्री ने दिया। धनखड़ ने बताया कि भाखड़ा कैनाल कमांड-तीन परियोजना के अंतर्गत कुल 283 कच्चे नालों में से 64 ऐसे नाले हैं जो 20 साल से अधिक पुराने हैं। इनकी मरम्मत का कार्य राज्य सरकार ने अपने फंड से किया है।
दलाल के भ्रष्टाचार के आरोपों पर हंगामा
मानसून सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक करण दलाल के भ्रष्टाचार के आरोपों पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। दलाल ने पलवल नगर परिषद में निर्माण कार्यों को लेकर सवाल पूछा था।
इसका जवाब शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन की ओर से देने पर दलाल ने पूरक प्रश्न पूछा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पैसे तो निर्माण कार्यों के लिए दिए लेकिन विकास पर खर्च होने के बजाए भाजपा के छुटभैया नेताओं की जेब में चले गए।
सरकार इसकी जांच कराए। दलाल के इतना कहते ही भाजपा विधायक भड़क गए। उन्होंने खूब शोर-शराबा किया। दोनों ओर से जमकर हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने कहा कि दलाल बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि वर्ष 2015 से 2018 तक नगर परिषद पलवल के सभी वार्डों में सड़कों, गलियों के फुटपाथ व नालियों के निर्माण पर 26 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च कर 598 कार्य पूर्ण करवाए गए हैं। निर्माण कार्यों के संबंध में 20 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनका निदान कर दिया गया है।
22 जिलों में खोलेंगे नर्सिंग कॉलेज, डायलिसिस सुविधा भी मिलेगी
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि सभी 22 जिलों में एक-एक नर्सिंग कॉलेज खोलने की योजना है। अभी तक 6 जिलों में नर्सिंग कॉलेज खोलने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। विज सदन में कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि देश एवं राज्य में नर्सिंग स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए सरकार इस पर पहल कर रही है।
इन कॉलेजों में उत्कृष्ट स्तर का नर्सिंग स्टाफ तैयार होगा और देश एवं विदेशों की मांग को पूरा करेगा। सरकार की मंशा है कि सभी 22 जिलों में डायलिसिस की सुविधा भी मुहैया करवाई जाए।
इस समय 14 जिलों में मरीजों को यह सुविधा प्रदान की जा रही है। झज्जर के नागरिक अस्पताल के डायलिसिस सेंटर के भी इस माह के अंत तक शुरू होने की संभावना है। जिले के मातनहेल में 50 बिस्तरों का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। इसके लिए जल्दी औपचारिकताएं पूरी होने की उम्मीद है।
एक लाख चिकित्सक तैयार करने का लक्ष्य
अनिल विज ने कहा कि देश में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने एक लाख चिकित्सक तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इससे हरियाणा की जनता को भी लाभ मिलेगा। 5 वर्षों के दौरान हरियाणा में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत काम किया गया है।
सबसे तेज गति से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने वाले पहले प्रदेश के खिताब से केंद्र ने नवाजा है। वर्ष 2014 में हरियाणा की शिशु मृत्यु दर 41 थी, अब घटकर 30 रह गई है। मातृ मृत्यु दर 127 से घटकर 101 हो गई है तथा सरकारी अस्पतालों में ओपीडी व आईपीडी में करीब 30 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की है।
2930 पदक विजेता 15 अगस्त को किए जाएंगे सम्मानित
हरियाणा के 2930 पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करने को लेकर सदन में तीखी बहस हुई। कांग्रेस और भाजपा विधायकों में खूब शब्द वाण चले। खेल मंत्री अनिल विज ने खूब खरी-खरी सुनाई। कांग्रेस की ओर से सवाल गोहाना के विधायक जगबीर मलिक ने पूछा था। उन्होंने विज को सम्मान राशि व खिलाड़ियों का सम्मान समारोह रद्द करने पर घेरने की कोशिश की।
कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने भी खेल मंत्री को लपेटे में लिया। विज ने पलटवार करते हुए कहा कि तीन साल के पदक विजेता 2930 खिलाड़ियों को सम्मानित करने में लगभग 15 हजार मिनट लग जाते। इसलिए उनकी सम्मान राशि सीधे खातों में डाल दी गई। जिला स्तर पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा।
इसके लिए सभी डीसी को निर्देश जारी किए जा रहे हैं। किरण चौधरी ने कहा कि जब इतने बड़े-बड़े इवेंट सरकार कर सकती है तो खिलाड़ियों का सम्मान समारोह भी कर देती, मंत्री ये बताएं कि सम्मान राशि बढ़ाई है या घटाई। इस पर विज ने कहा कि हाजमे की गोली खाकर आया करो ताकि हजम हो जाया करे। इस पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई और खूब शोर शराबा हुआ।
विज ने कहा कि पदक विजेजा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के खातों में लगभग 92.49 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि स्थानांतरित की जा चुकी है। 15 अगस्त को सम्मानित किए जाने वाले खिलाड़ियों में राष्ट्रमंडल, एशियन तथा पैरा-एशियन खेलों के पदक विजेता खिलाड़ी भी शामिल होंगे।
5 वर्षों के कार्यकाल के दौरान अभी तक कुल 11293 खिलाड़ियों को कुल 425 करोड़ रुपए से अधिक की पुरस्कार राशि वितरित की जा चुकी है। बावजूद यदि खिलाड़ियों की शिकायतें है तो वे पत्र लिख सकते हैं, सरकार उन्हें तुरंत दूर करेगी।
पांच साल में 15.97 लाख सामाजिक पेंशनर्स हो गए कम
वृद्घ, दिव्यांग, विधवा, महिलाएं व किन्नर पेंशनर्स के कम होने का बड़ा कारण पेंशन नियमों को बेहद कड़ा किया जाना भी है। इसके साथ ही आयु प्रमाण पत्र न होने के कारण भी अनेक वृद्घ पेंशन से वंचित हो गए हैं। भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद पेंशनर्स का रिकार्ड जांचा तो हजारों की संख्या में ऐसे पेंशन पाने वाले भी मिले, जो मर चुके थे, लेकिन खातों में पेंशन जा रही थी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण बेदी की ओर से मुहैया कराए गए आंकड़ों अनुसार अंबाला, फरीदाबाद, जींद व नारनौल जिलों में पेंशनर्स बढ़े हैं तो कैथल जिले में सबसे ज्यादा पेंशनर्स कम हुए हैं। चरखी दादरी के नया जिला बनने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी का कार्यालय 26 अप्रैल 2018 से शुरू किया गया है, इसलिए पुराना डाटा मौजूद नहीं है।
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इसके अलावा, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार अतिथि अध्यापकों को एक दिन भी सेवा में नहीं रखा जा सकता था, लेकिन उनकी सरकार ने एक्ट बनाकर सेवा करने की आयु तक सेवा में रखने का निर्णय लिया। इसके अलावा, वर्ष 2004 की अटकी हुई एचसीएस भर्ती के मामले में भी न्यायालय के अनुसार 38 उम्मीदवारों को एचसीएस में रखा गया तो वहीं एचएसआईएसएफ के लगभग 5000 युवाओं को एसपीओ के पद पर सेवानिवृति के समय तक रखने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने 2189 कंप्यूटर टीचर, 2315 प्रयोगशाला सहायक को भी रखने का काम किया।
तबादलों की सिफारिशों से दुखी रहते थे अफसर
सीएम ने कहा कि शिक्षकों के तबादलों को लेकर अफसर बहुत दुखी रहते थे, वे खुद कहते थे कि इसी वजह से वे काम नहीं कर पाते थे। शिक्षक भी अपना कामकाज छोड़ पंसदीदा जगह पर अपनी पोस्टिंग के लिए नेताओं, विधायकों, मंत्रियों, सीएम व अफसरों के पास चक्कर लगाते रहते और सिफारिशों का जुगाड़ करते रहते। मगर अब ये व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो गई है। सीएम ने कहा कि ऑनलाइन स्थानांतरण नीति के तहत विभिन्न कठिनाइयों को दूर किया गया है और पहली ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया में 42,000 अध्यापकों में 93 प्रतिशत अध्यापकों को पहला, दूसरा और तीसरा विकल्प मिला। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन में हालांकि कठिनाई आई लेकिन मानस को सुख चाहिए और इस ओर हम अग्रसर हैं।
तिगांव में 6-6 इंच की सीवर लाइन डालने की होगी जांच
जांच में अगर सही पाया गया कि बड़ी सं या में घरों के लिए 6-6 इंच की सीवर लाइन डाली जा रही है तो फिर दोषी चाहे अधिकारी हो या कोई और, कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। इतनी छोटी पाइप सीवर के लिए डालने का कोई औचित्य ही नहीं है। कांग्रेस विधायक इस मुद्दे को शुक्रवार को भी शून्यकाल में उठा चुके थे। मंगलवार को उन्होंने यह मुद्दा प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न पूछते हुए उठाया। ललित नागर ने कहा कि सौ घरों के सीवर के लिए छह इंच की पाइप लाइन डालना तर्कसंगत नहीं है। यह व्यवहारिक ही नहीं हो सकती। चंद दिनों बाद ही लाइन ब्लॉक हो जाएगी।
सीवर लाइन डालने का प्रोजेक्ट डेढ़ सौ करोड़ रुपये का है। सारा पैसा बर्बाद हो जाएगा। इसलिए सरकार इसकी उचित जांच कराए। कम से कम एक फीट की पाइप तो डालें ताकि सीवर लाइन ब्लॉक न हों। निकाय मंत्री कविता जैन ने कहा कि विधायक ने बड़ा गंभीर मामला उठाया है, इसलिए वह सदन में आश्वस्त करती हैं कि गहनता से जांच होगी और कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।