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जमीन से निकलते हैं ये 6 अजूबे सांप, जो बेहद खतरनाक...बचाव ही इनसे जान बचाने का तरीका है

Fri, 13 Jul 2018 03:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 13 Jul 2018 03:46 PM IST
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monsoon alert, six type of dangerous snakes in india
snakes in india - फोटो : AmarUjala
मानसून दस्तक दे चुका है, तो जानिए जमीन से निकलने वाले उन 6 सांपों के बारे में जो काफी खतरनाक होते हैं और इनसे बचाव ही जान बचाने का तरीका है। इन सांपों को न कभी देखा होगा और न ही इनके बारे में सुना होगा।
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monsoon alert, six type of dangerous snakes in india
खतरनाक सांप
कॉमन करैत
मानसून सीजन शुरू  होते ही कॉमन करैत बिल के बाहर आ जाते हैं। यह देश के सबसे जहरीलों सांपों में से एक है। यह आम तौर पर रात के वक्त काटता है। खासतौर पर रात 12 बजे से लेकर सुबह चार बजे के बीच, जब लोग सो रहे होते हैं। जंगल से निकलकर यह जमीन पर पड़े बिस्तर में घुसने की कोशिश करता है, ताकि उसे गरमाहट मिल पाए। यह जमीन पर सो रहे लोगों के साथ चिपक भी जाता है। जब लोग हिलते-ढुलते हैं तो यह काट लेता है। जब यह काटता है तो लोगों को बिल्कुल भी अहसास नहीं होता। लोगों को ऐसा महसूस होता है कि उसे किसी चींटी या मच्छर ने काटा हो। यह मुख्य रूप से कान के पास, गले, चेस्ट और पेट पर काटता है। कई बार देखा गया है कि सोते वक्त जब कॉमन करैत किसी व्यक्ति को काटता है तो वह सोता ही रह जाता है। इसके काटने से मरीजों में न्यूरोपैरालाइसिस होता है और दम घुटने लगता है। इसके काटने पर 60 प्रतिशत व्यक्तियों की मौत हो जाती है। इसकी लंबाई 100 सेंटीमीटर होती है। बीच-बीच में सफेद रंग की धारियां बनी होती हैं। पानी के साथ लगते गार्डन और फार्म हाउस में पाया जाता है। जब कॉमन करैत काटता है तो बिना देर किए मरीज को अस्पताल ले जाना चाहिए। यह चंडीगढ़ सहित पूरे उत्तर भारत में पाया जाता है।
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खतरनाक सांप
रसेल वाइपर 
यह अजगर जैसा दिखता है। खाकी रंग के साथ इस पर गहरे भूरे रंग के फूल जैसे बने होते हैं। यह अक्सर सूखे पत्तों, झाड़ियों, खेती बाड़ी और पानी वाली जगहों पर मिलता है। सुखना लेक और रॉक गार्डन के आसपास अक्सर देखा जाता है। बहुत कम बार यह साफ जगहों पर देखा जाता है। यह ऐसे नहीं काटता, जब किसी का पैर इस पर पड़ता है तो यह बचाव में काट लेता है। इसके काटने से सबसे ज्यादा किसानों की मौत होती है। जब यह काटता है तो कई लोग समझते हैं कि अजगर ने काट लिया। इस लापरवाही के कारण लोग इलाज नहीं कराते और उनकी मौत हो जाती है। यह सालभर दिखते हैं। ठंड के वक्त यह झाड़ियों में धूप सेंकने भी निकलता है। रसेल वाइपर के काटने पर बहुत तेजी से दर्द होता है। उसके बाद शरीर में सूजन, उल्टियां, ब्लीडिंग और किडनी फेल हो जाती हैं।
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खतरनाक सांप
कोबरा
इसकी गिनती भी जहरीले सांपों में होती है। यह तीन तरह का होता है। पहला चित्तीदार, काला और भूरे रंग का। रसेल वाइपर के मुकाबले इसकी फुहार कम होती है। यह लोगों से दूर रहना चाहता है, लेकिन चूहों का बहुत शौकीन होता है। चूहों के चक्कर में यह घर के किचन, स्टोर रूम और बाथरूम में घुसकर बैठ जाता है। यह तभी काटता है, जब किसी व्यक्ति का पैर या फिर हाथ लग जाए। इस इलाके में कोबरा सबसे ज्यादा पाया जाता है। यह कम से कम छह फुट लंबा होता है। इसके काटने पर भी व्यक्ति की मौत हो जाती है।

रेट स्नैक 
रेट स्नैक में जहर बिल्कुल भी नहीं पाया जाता। यह मुख्य रूप से गिलहरी, चिड़िया और उनके अंडे खाने का शौकीन होता है। चूहों को भी खाता है। गिलहरी और चिड़ियां के अंडे को खाने के लिए यह पेड़ों पर भी चढ़ जाता है। इसके काटने पर थोड़ी घबराहट होती है, लेकिन मौत का खतरा नहीं रहता। यह कई बार पेड़ों के सहारे घर के अंदर तक घुस जाता है। कई बार सांप विशेषज्ञ सलीम ने कूलर और एसी के अंदर से रेट स्नैक को पकड़ा है।

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खतरनाक सांप
चेकर्ड कीलबैक
यह पानी वाली जगहों के आसपास पाया जाता है। धनास लेक  और घग्गर के इसे देखा जा सकता है। यह मुख्य रूप से मछली और मेंढक खाने का शौकीन होता है। कई बार पानी की तलाश में नाले के सहारे किचन या कमोड में पहुंच जाता है। सांप की यह प्रजाति भी शहर में काफी पाई जाती है। इसमें जहर बिल्कुल नहीं होता।

वूल्फ स्नैक 
पंजाब यूनिवर्सिटी के आसपास के इलाकों में यह काफी पाया जाता है। यह बिना प्लास्टर वाली दीवारों पर आसानी से चढ़ जाता है। यह छिपकली के बच्चों और कॉकरोच खाने का शौकीन होता है। गहरे ब्राउन कलर होने के साथ यह ज्यादा मोटा नहीं होता। इसमें पीले रंग की धारियां होती हैं। इसमें भी जहर बिल्कुल नहीं पाया जाता।

अजगर
इस इलाके में अजगर भी काफी पाया जाता है। सुखना लेक, घग्गरपुल या फिर ट्यूबवेल के आसपास कई बार इसे पकड़ा गया है। रॉक गार्डन से कई बार अजगर के बच्चों को पकड़ा गया है। आमतौर पर यह सर्दियों के मौसम में ज्यादा दिखता है।

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खतरनाक सांप
झाड़-फूंक के बजाय नजदीकी अस्पताल ले जाएं
पीजीआई व प्राइवेट हास्पिटल के विशेषज्ञ बताते हैं कि सांप काटने पर मरीज को झाड़-फूंक या किसी देसी दवा दिलाने के बजाय उसे नजदीकी अस्पताल ले जाएं। मानसूनी सीजन में अस्पताल में एंटी वैनम वैक्सीन जिला और अस्पताल प्रशासन को प्राथमिकता के तौर पर उपलब्ध कराना चाहिए। पीजीआई में हर वक्त एंटी वैनम मौजूद रहती है। कई बार तो सांप काटने वाले पेशेंट में एंटी वैनम लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।

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खतरनाक सांप
ये होते हैं लक्षण
1. घाव के दो निशान
2. घाव के आसपास सूजन और लालपन
3. सांस लेने में दिक्कत
4. उल्टियां
5. आंखों के सामने अंधेरा
6. घाव वाले स्थान पर जलन
7. चेहरे और पैर में अकड़न

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खतरनाक सांप
सांप काटने पर ये नहीं करना चाहिए
1. सांप काटने वाले अंग को नहीं हिलाना चाहिए
2. पेशेंट को न तो चलना चाहिए और न ही दौड़ना चाहिए
3. घाव वाले स्थान पर न तो कट लगाएं, न ही उसे जलाएं
4. समय बर्बाद न करें
5. न तो डरना चाहिए और न तो डर फैलाना चाहिए।
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