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इलेक्टोरल बॉन्ड से ली गई रकम रिश्वत, रिकवरी की जानी चाहिए : प्रशांत भूषण

Mon, 29 Apr 2024 05:38 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Apr 2024 05:38 AM IST
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Money taken from electoral bonds is bribe, should be recovered: Prashant Bhushan
चंडीगढ़। इलेक्टोरल बॉन्ड दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला है। इससे ली गई रकम रिश्वत है और उसकी रिकवरी होनी चाहिए। मामले में सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया गया है और इस हफ्ते केस की सुनवाई हो सकती है। यह बात सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने कही। वह रविवार को चंडीगढ़ सेक्टर-28 स्थित श्री गुरु ग्रंथ साहिब भवन में इलेक्टोरल बॉन्ड पर हुई चर्चा में मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल थे। उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज भी कार्यक्रम में उपस्थित थीं।
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प्रशांत भूषण ने कहा कि सभी पार्टियों को इलेक्टोरल बॉन्ड से करीब साढ़े 16 हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुए लेकिन ये पैसे लेकर करीब पांच लाख करोड़ रुपये के सरकारी ठेके दिए गए। टैक्स चोरी के मामलों में कार्रवाई नहीं की गई और करोड़ों रुपये की वसूली भी नहीं की गई। दवाइयों की गुणवत्ता अच्छी नहीं होने के बाद भी वो बिकती रहीं, जबकि ड्रग कंट्रोलर ने आपत्ति जताई थी। इसके बावजूद कंपनी ने बॉन्ड के जरिए पैसे दे दिए और कार्रवाई से बच गई। इससे कोविड में हजारों लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इस वजह से यह सबसे बड़ा घोटाला है। उन्होंने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड से जो सच सामने आया है, उस पर सरकार और कंपनियों के साथ राजनीतिक पार्टियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
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ईडी, सीबीआई, आईटी के उन अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए जो छापा मारते थे और उसके कुछ ही दिन बाद राजनीतिक पार्टियों के पास इलेक्टोरल बॉन्ड पहुंच जाता था। इस चर्चा में जस्टिस रणजीत सिंह (रिटायर्ड), पूर्व एजी आरएस चीमा, वरिष्ठ वकील आरएस बैंस व अन्य भी शामिल हुए।
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कहा-सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में हो जांच
प्रशांत भूषण ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड के पैसे किस-किस के पास गए, ये खुलासा हो गया है लेकिन क्या इतना काफी है। घूस लेने के जो कनेक्शन सामने आए हैं, उनकी जांच कौन करेगा। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम बनानी होगी। बेदाग अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी देने के साथ सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज की निगरानी में जांच करानी चाहिए। प्रशांत भूषण ने दावा किया कि साढ़े 16 हजार करोड़ में से करीब 10 हजार करोड़ रुपये रिश्वत के रूप में लिए गए। चर्चा के दौरान प्रशांत भूषण नेप्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन और स्टेट फंडिंग ऑफ इलेक्शन जैसे सुझाव भी दिए।
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