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Chandigarh News: वर्ल्ड कप में मोहाली के पीसीए स्टेडियम को नहीं मिली मेजबानी
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चंडीगढ़। आईसीसी ने विश्वकप के मैचों का मंगलवार को कार्यक्रम जारी कर दिया। करीब 12 साल बाद भारत को 50-50 ओवरों के विश्वकप की मेजबानी मिली है, लेकिन ट्राइसिटी के दर्शकों को मोहाली में एक भी मैच देखने को नहीं मिलेगा। मोहाली के पीसीए स्टेडियम को कोई मेजबानी नहीं मिली है। इससे पहले उम्मीद लगाई जा रही थी कि पीसीए को विश्वकप के कम से कम चार मैचों की मेजबानी मिलेगी लेकिन कार्यक्रम जारी होने के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया है। वहीं, धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम को पांच मैचों की मेजबानी मिली है। इस बात से हर कोई हैरान है कि मोहाली को कैसे वर्ल्ड कप के मैचों के मेजबानी की सूची से बाहर कर दिया गया। पीसीए के एक अधिकारी ने बताया कि आईसीसी ही वर्ल्ड कप के पूरे कार्यक्रम को तैयार करता है। किस स्टेडियम में मैच होंगे और किसमें नहीं यह आईसीसी तय करता है। बॉक्स
विश्व कप में खेले जाएंगे 48 मैच
यह बात सबको हैरान करने वाली है कि विश्वकप में कुल 48 मैच होंगे, लेकिन मोहाली को मैचों की मेजबानी क्यों नहीं मिली। पीसीए स्टेडियम का इतिहास रहा है कि आईसीसी के जब भी बड़े इवेंट भारत में हुए हैं तो मोहाली में जरूर कोई न कोई मैच हुआ है, लेकिन इस बार मोहाली को इस सूची से ही बाहर निकाल दिया गया है।
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पुराने स्टेडियम में पार्किंग की व्यवस्था नहीं
सूत्रों के अनुसार मोहाली के इस स्टेडियम में पार्किंग की समस्या है। इस कारण यहां अब इंटरनेशनल मैच होने भी कम हो गए। पिछले 4 साल में यहां एक टी-20 इंटरनेशनल ही खेला गया। इसका सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है कि आईएस बिंद्रा स्टेडियम शहर के बीचों-बीच बना हुआ है। जहां शुरुआत में पार्किंग की समस्या नहीं थी, लेकिन शहर की बढ़ती आबादी के बाद अब यहां पार्किंग की समस्या होने लगी है। मैच के दौरान ट्रैफिक भी बहुत बढ़ जाता है, जिस कारण आम जनता के साथ टीमों को भी आने-जाने में परेशानी होती है।
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मुल्लांपुर में बन रहा स्टेडियम अभी तक नहीं हुआ तैयार
पंंजाब क्रिकेट एसोसिएशन का मुल्लांपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए नया स्टेडियम बनने का काम 2017-18 में शुरू हुआ था। स्टेडियम 2019-20 में बन कर तैयार होना था लेकिन कोविड-19 के कारण बीच में काम रोकना पड़ा। स्टेडियम 90 से 95% बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन यहां इंटरनेशनल लेवल के मैच आयोजित कराने के लिए 2024 तक का इंतजार करना होगा।
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2 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल, टी-20 विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी के मैच हुए
मोहाली के पीसीए स्टेडियम में पहला उद्घाटन मैच 22 नवंबर 1993 को भारत और साउथ अफ्रीका के बीच हीरो कप के रूप में हुआ था, यह वनडे मुकाबला था। हीरो कप का यह मुकाबला भारत ने 43 रन से जीता था। इसके बाद यहां 25 वनडे मुकाबले खेले गए। इनमें 1996 और 2011 के वनडे वर्ल्ड कप, 2016 टी-20 विश्व कप के मैच और 2006 चैंपियंस ट्रॉफी के मैच शामिल हैं। आखिरी बार 2019 में यहां भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे मैच हुआ, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता था।
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इसी मैदान पर पाकिस्तान को हराकर भारत पहुंचा था फाइनल में
इसी मैदान पर साल 2011 में भारत और पाकिस्तान के बीच वनडे वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल मुकाबला खेला गया जिसे भारत ने जीतकर फाइनल में जगह बनाई। 2 अप्रैल 2011 को मुंबई में हुए श्रीलंका के खिलाफ फाइनल को जीतकर भारत ने दूसरी बार वनडे वर्ल्ड कप भी जीता था।
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वर्ल्ड कप की मेजबानी न मिलने पर भड़के पंजाब के खेल मंत्री
एक बयान में पंजाब के खेल मंत्री मीत हेयर ने कहा कि विश्व कप मैचों की मेजबानी से पंजाब को बाहर करना खुला भेदभाव है, क्योंकि पीसीए स्टेडियम मोहाली के निर्माण के बाद यह पहली बार है कि विश्व कप भारत में आयोजित किया जा रहा है और मोहाली में कोई मैच नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि 1996 और 2011 में विश्व कप सेमीफाइनल मोहाली में खेले गए थे, लेकिन इस बार एक भी लीग मैच की मेजबानी नहीं मिली।
देश के पांच टॉप स्टेडियम में शामिल है मोहाली
मीत हेयर ने कहा कि पीसीए स्टेडियम मोहाली न केवल भारत के शीर्ष पांच स्टेडियमों में से एक है बल्कि दुनिया के चुनिंदा स्टेडियमों की सूची में भी आता है। क्रिकेट प्रेमियों की पहली पसंद मोहाली को मेजबान सूची से बाहर करना राजनीति से प्रेरित है। पंजाब के साथ हुए इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार इस भेदभाव का मुद्दा बीसीसीआई के समक्ष उठाएगी।
मोहाली में मैच आयोजित होने से होना था राज्य को फायदा
खेल मंत्री ने कहा कि जहां एक ओर मोहाली में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है वहीं दूसरी ओर शहर में टीमों के ठहरने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा और पर्याप्त होटल भी हैं। मोहाली में मैच आयोजित होने से खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलना था और खेलों से जुड़े देश व विदेश के पर्यटकों को पंजाब आना था, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलती।
धर्मशाला को मिली पांच मैचों की मेजबानी
जहां एक ओर मोहाली को विश्वकप के एक भी मैच की मेजबानी नहीं मिली है, वहीं दूसरी ओर पीसीए स्टेडियम के 10 साल बाद बने धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम को पांच मैचों की मेजबानी मिली है। धर्मशाला का माहौल ठंडा रहता है, इसलिए विदेशी टीमों के लिए यह स्टेडियम हमेशा से ही पसंदीदा रहा है।
क्रिकेट प्रशंसकों में मायूसी
क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बुरी खबर
भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे और शहर के रहने वाले दिनेश मोंगिया ने बताया कि मोहाली का स्टेडियम देश के बड़े स्टेडियमों में शुमार है। वर्ल्ड कप का एक भी मैच यहां नहीं हो रहा। यह क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बड़े दुख की बात है। दर्शक इसे जरूर मिस करेंगे। वहीं मोंगिया ने यह भी कहा कि हो सकता है इस समय जैसा माहौल पंजाब का सुरक्षा कारणों से है शायद उस वजह से मुकाबले नहीं मिले हैं।
समझ से परे है निर्णय
भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेट और बीसीसीआई के चयनकर्ता रहे शहर के भूपिंदर सिंह सीनियर ने कहा कि मोहाली का पीसीए स्टेडियम बीसीसीआई का सबसे मनपसंद स्टेडियमों में एक है। इस स्टेडियम में बड़े स्तर के वर्ल्ड कप के मैचों को सफलतापूर्ण तरीके से कराया है। इस बार वर्ल्ड कप का एक भी मैच नहीं मिलने की बात समझ से परे है।
मेजबानी का सरताज रहा है मोहाली स्टेडियम
शहर के सीनियर क्रिकेट कोच हरीश शर्मा ने बताया कि मोहाली का पीसीए स्टेडियम हर बड़े से बड़े टूर्नामेंट को सफलापूर्वक करने का दम रखता है। इसने बीसीसीआई और आईसीसीई से पूर्व में मिले मैचों को अपने खुद के दम पर पर बेहतर तरीके से करवाया है। कई बार इस स्टेडियम को देश के बेस्ट स्टेडियम का इनाम भी पाया है।
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विश्व कप में खेले जाएंगे 48 मैच
यह बात सबको हैरान करने वाली है कि विश्वकप में कुल 48 मैच होंगे, लेकिन मोहाली को मैचों की मेजबानी क्यों नहीं मिली। पीसीए स्टेडियम का इतिहास रहा है कि आईसीसी के जब भी बड़े इवेंट भारत में हुए हैं तो मोहाली में जरूर कोई न कोई मैच हुआ है, लेकिन इस बार मोहाली को इस सूची से ही बाहर निकाल दिया गया है।
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पुराने स्टेडियम में पार्किंग की व्यवस्था नहीं
सूत्रों के अनुसार मोहाली के इस स्टेडियम में पार्किंग की समस्या है। इस कारण यहां अब इंटरनेशनल मैच होने भी कम हो गए। पिछले 4 साल में यहां एक टी-20 इंटरनेशनल ही खेला गया। इसका सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है कि आईएस बिंद्रा स्टेडियम शहर के बीचों-बीच बना हुआ है। जहां शुरुआत में पार्किंग की समस्या नहीं थी, लेकिन शहर की बढ़ती आबादी के बाद अब यहां पार्किंग की समस्या होने लगी है। मैच के दौरान ट्रैफिक भी बहुत बढ़ जाता है, जिस कारण आम जनता के साथ टीमों को भी आने-जाने में परेशानी होती है।
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मुल्लांपुर में बन रहा स्टेडियम अभी तक नहीं हुआ तैयार
पंंजाब क्रिकेट एसोसिएशन का मुल्लांपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए नया स्टेडियम बनने का काम 2017-18 में शुरू हुआ था। स्टेडियम 2019-20 में बन कर तैयार होना था लेकिन कोविड-19 के कारण बीच में काम रोकना पड़ा। स्टेडियम 90 से 95% बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन यहां इंटरनेशनल लेवल के मैच आयोजित कराने के लिए 2024 तक का इंतजार करना होगा।
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2 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल, टी-20 विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी के मैच हुए
मोहाली के पीसीए स्टेडियम में पहला उद्घाटन मैच 22 नवंबर 1993 को भारत और साउथ अफ्रीका के बीच हीरो कप के रूप में हुआ था, यह वनडे मुकाबला था। हीरो कप का यह मुकाबला भारत ने 43 रन से जीता था। इसके बाद यहां 25 वनडे मुकाबले खेले गए। इनमें 1996 और 2011 के वनडे वर्ल्ड कप, 2016 टी-20 विश्व कप के मैच और 2006 चैंपियंस ट्रॉफी के मैच शामिल हैं। आखिरी बार 2019 में यहां भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे मैच हुआ, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता था।
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इसी मैदान पर पाकिस्तान को हराकर भारत पहुंचा था फाइनल में
इसी मैदान पर साल 2011 में भारत और पाकिस्तान के बीच वनडे वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल मुकाबला खेला गया जिसे भारत ने जीतकर फाइनल में जगह बनाई। 2 अप्रैल 2011 को मुंबई में हुए श्रीलंका के खिलाफ फाइनल को जीतकर भारत ने दूसरी बार वनडे वर्ल्ड कप भी जीता था।
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वर्ल्ड कप की मेजबानी न मिलने पर भड़के पंजाब के खेल मंत्री
एक बयान में पंजाब के खेल मंत्री मीत हेयर ने कहा कि विश्व कप मैचों की मेजबानी से पंजाब को बाहर करना खुला भेदभाव है, क्योंकि पीसीए स्टेडियम मोहाली के निर्माण के बाद यह पहली बार है कि विश्व कप भारत में आयोजित किया जा रहा है और मोहाली में कोई मैच नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि 1996 और 2011 में विश्व कप सेमीफाइनल मोहाली में खेले गए थे, लेकिन इस बार एक भी लीग मैच की मेजबानी नहीं मिली।
देश के पांच टॉप स्टेडियम में शामिल है मोहाली
मीत हेयर ने कहा कि पीसीए स्टेडियम मोहाली न केवल भारत के शीर्ष पांच स्टेडियमों में से एक है बल्कि दुनिया के चुनिंदा स्टेडियमों की सूची में भी आता है। क्रिकेट प्रेमियों की पहली पसंद मोहाली को मेजबान सूची से बाहर करना राजनीति से प्रेरित है। पंजाब के साथ हुए इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार इस भेदभाव का मुद्दा बीसीसीआई के समक्ष उठाएगी।
मोहाली में मैच आयोजित होने से होना था राज्य को फायदा
खेल मंत्री ने कहा कि जहां एक ओर मोहाली में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है वहीं दूसरी ओर शहर में टीमों के ठहरने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा और पर्याप्त होटल भी हैं। मोहाली में मैच आयोजित होने से खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलना था और खेलों से जुड़े देश व विदेश के पर्यटकों को पंजाब आना था, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलती।
धर्मशाला को मिली पांच मैचों की मेजबानी
जहां एक ओर मोहाली को विश्वकप के एक भी मैच की मेजबानी नहीं मिली है, वहीं दूसरी ओर पीसीए स्टेडियम के 10 साल बाद बने धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम को पांच मैचों की मेजबानी मिली है। धर्मशाला का माहौल ठंडा रहता है, इसलिए विदेशी टीमों के लिए यह स्टेडियम हमेशा से ही पसंदीदा रहा है।
क्रिकेट प्रशंसकों में मायूसी
क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बुरी खबर
भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे और शहर के रहने वाले दिनेश मोंगिया ने बताया कि मोहाली का स्टेडियम देश के बड़े स्टेडियमों में शुमार है। वर्ल्ड कप का एक भी मैच यहां नहीं हो रहा। यह क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बड़े दुख की बात है। दर्शक इसे जरूर मिस करेंगे। वहीं मोंगिया ने यह भी कहा कि हो सकता है इस समय जैसा माहौल पंजाब का सुरक्षा कारणों से है शायद उस वजह से मुकाबले नहीं मिले हैं।
समझ से परे है निर्णय
भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेट और बीसीसीआई के चयनकर्ता रहे शहर के भूपिंदर सिंह सीनियर ने कहा कि मोहाली का पीसीए स्टेडियम बीसीसीआई का सबसे मनपसंद स्टेडियमों में एक है। इस स्टेडियम में बड़े स्तर के वर्ल्ड कप के मैचों को सफलतापूर्ण तरीके से कराया है। इस बार वर्ल्ड कप का एक भी मैच नहीं मिलने की बात समझ से परे है।
मेजबानी का सरताज रहा है मोहाली स्टेडियम
शहर के सीनियर क्रिकेट कोच हरीश शर्मा ने बताया कि मोहाली का पीसीए स्टेडियम हर बड़े से बड़े टूर्नामेंट को सफलापूर्वक करने का दम रखता है। इसने बीसीसीआई और आईसीसीई से पूर्व में मिले मैचों को अपने खुद के दम पर पर बेहतर तरीके से करवाया है। कई बार इस स्टेडियम को देश के बेस्ट स्टेडियम का इनाम भी पाया है।