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मोहाली मेयर चुनाव: हाईकोर्ट में सरकार की अपील खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 05 Aug 2015 01:19 AM IST
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मोहाली नगर निगम मेयर पद पर महिला आरक्षण के खिलाफ एकल बेंच के फैसले को पंजाब सरकार की ओर से दी गई चुनौती की अपील जस्टिस हेमंत गुप्ता व जस्टिस लीजा गिल ने मंगलवार को खारिज कर दी है। आरक्षण के लिए अपनाई गई प्रक्रिया संबंधी सरकारी वकील स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए, इसी वजह से अपील रद्द हो गई।
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मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव कराने की याचिका हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है। बेंच ने सरकार को 15 दिन के भीतर चुनाव कराने का आदेश दिया है। चूंकि मेयर पद पर आरक्षण पर सरकार स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाई, इसलिए इस बार मोहाली नगर निगम को सामान्य वर्ग का मेयर मिलेगा।
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सरकार ने दलील दी कि रोटेशन के हिसाब से पिछली बार बठिंडा नगर निगम के मेयर पद पर आरक्षण लागू करना भूल गए थे, इसीलिए वहां इस बार एससी आरक्षण दिया गया। लिहाजा, मोहाली में महिला आरक्षण लागू किया गया। अपील में दलील दी गई कि इसी बीच रोटेशन में मोगा नगर निगम के मेयर का चुनाव भी हुआ, लेकिन एकल बेंच न मोगा के संबंध में किसी को प्रतिवादी नहीं बनाया, लिहाजा एकल बेंच का फैसला रद्द किया जाना चाहिए।
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सरकार की दलीलों पर बेंच ने कहा कि सरकार कोई नियम ही नहीं बना पाई है कि किस हिसाब से मेयर के पद पर आरक्षण देना है और क्या प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए तो मोहाली के मामले में महिला आरक्षण को खत्म करने का एकल बेंच का फैसला सही है। इसके साथ बेंच ने सरकार की अपील खारिज कर दी है।
एससी वर्ग के हिस्से में आना चाहिए था मेयर पद
मोहाली नगर निगम के मेयर का पद महिला के लिए आरक्षित कर लिया गया था। इसी को लेकर पार्षद कुलजीत सिंह बेदी, मनजीत सिंह सेठी व एक अन्य पार्षद ने महिला आरक्षण को रोटेशन के हिसाब से गलत बताते हुए चुनौती दी थी। एडवोकेट दीपिंद्र सिंह पटवालिया व कंवलजीत सिंह ने दलीलें दी थीं कि आरक्षण गलत रखा गया है। रोटेशन के हिसाब से एससी वर्ग के हिस्से में पद आना चाहिए था।
हाईकोर्ट में सरकार ने कहा था कि एससी आरक्षण बठिंडा को दे दिया गया है। हाईकोर्ट की एकल बेंच ने उस वक्त मोहाली नगर निगम से महिला आरक्षण खत्म कर दिया था। इसी फैसले को अपील में चुनौती दी गई थी, लेकिन यह अपील मंगलवार को खारिज हो गई है।
सरकार की अपील के अलावा कुलजीत सिंह बेदी ने एडवोकेट रंजीवन सिंह के माध्यम से याचिका दायर की थी कि चूंकि मोहाली नगर निगम का चुनाव हुए समय बीत चुका है और पार्षदों के चुनाव के बाद तय समय सीमा में मेयर का चुनाव कराना होता है, लेकिन सरकार ने चुनाव नहीं करवा कर नियमों का उल्लंघन किया है। इस दलील के साथ चुनाव कराने की मांग की गई थी। सरकार की अपील खारिज करने के साथ ही बेंच ने बेदी की यह याचिका मंजूर करते हुए 15 दिन में मेयर चुनाव कराने का आदेश दिया है।