{"_id":"5c289795bdec22569e11380f","slug":"mohali-couple-will-start-new-year-2019-with-blood-donation-100th-time","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बेमिसालः न्यू ईयर 2019 के पहले दिन ये दंपति करेगा बहुत बड़ा काम, कर चुके हैं देहदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेमिसालः न्यू ईयर 2019 के पहले दिन ये दंपति करेगा बहुत बड़ा काम, कर चुके हैं देहदान
Sun, 30 Dec 2018 03:33 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 30 Dec 2018 03:33 PM IST
विज्ञापन
100वीं बार रक्तदान करेगा ये दंपति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नए साल 2019 के पहले दिन एक दंपति ऐसा काम करने जा रहा है, जिसे देखकर हर कोई उन्हें हाथ जोड़कर नमन करेगा। ये देहदान तक कर चुके हैं। नए साल का जश्न कई लोग डिस्को व क्लबों में मनाते हैं, तो कुछ लोग धार्मिक स्थलों से इसका आगाज करते हैं।
वहीं, एक दंपति ऐसा भी है, जो कि रक्तदान कर अपने नए साल का आगाज करता है। यह दंपति पहली जनवरी को इस दफा 100वीं बार रक्तदान करेगा। यह जोड़ी सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच में जाकर रक्तदान करेगी।
मीडिया से बातचीत करते हुए इस बारे में बलवंत सिंह व जसवंत कौर ने बताया उनका नाम गिनीज बुक, लिम्का बुक, इंडिया बुक, यूनिक बुक, चैंपियन बुक, ग्लोबल वर्ल्ड बुक में दर्ज हो चुका है। अब तक उन्हें अलग-अलग संस्थाओं से पंद्रह सौ से अधिक बार सम्मानित किया जा चुका है। उनके परिवार ने अब तक एक क्टिंवल दस किलोग्राम रक्तदान किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं, एक दंपति ऐसा भी है, जो कि रक्तदान कर अपने नए साल का आगाज करता है। यह दंपति पहली जनवरी को इस दफा 100वीं बार रक्तदान करेगा। यह जोड़ी सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच में जाकर रक्तदान करेगी।
विज्ञापन
मीडिया से बातचीत करते हुए इस बारे में बलवंत सिंह व जसवंत कौर ने बताया उनका नाम गिनीज बुक, लिम्का बुक, इंडिया बुक, यूनिक बुक, चैंपियन बुक, ग्लोबल वर्ल्ड बुक में दर्ज हो चुका है। अब तक उन्हें अलग-अलग संस्थाओं से पंद्रह सौ से अधिक बार सम्मानित किया जा चुका है। उनके परिवार ने अब तक एक क्टिंवल दस किलोग्राम रक्तदान किया है।
विज्ञापन
23वीं सालगिरह पर किया देहदान
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने विवाह की 23वीं सालगिरह के मौके पर बच्चों की सहमति से अपना शरीर मरने के बाद पीजीआई को दान करने का फैसला लिया था। इस संबंधी उन्होंने सारे दस्तावेज भरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार दोनों ने 7 अप्रैल 1991 को रक्तदान किया था।
उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी नहीं आती है। बल्कि रक्तदान करने से कई लोगों की जिंदगी बच जाती है। इसलिए सभी को मिलकर रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से 1994 में शेख फरीद ब्लड डोनर्स काउंसिल की स्थापना की गई थी।
अब तक उनकी संस्था 146 बार रक्तदान कैंप लगाकर 23 बार हजार यूनिट खून इकट्ठा कर चुकी है। उनकी तरफ से अलग-अलग ब्लड बैंकों को खून दिया गया है।
उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी नहीं आती है। बल्कि रक्तदान करने से कई लोगों की जिंदगी बच जाती है। इसलिए सभी को मिलकर रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से 1994 में शेख फरीद ब्लड डोनर्स काउंसिल की स्थापना की गई थी।
अब तक उनकी संस्था 146 बार रक्तदान कैंप लगाकर 23 बार हजार यूनिट खून इकट्ठा कर चुकी है। उनकी तरफ से अलग-अलग ब्लड बैंकों को खून दिया गया है।