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मोगा बस कांड: पीड़ितों को मुआवजा, नौकरी पर हाईकोर्ट का सवाल

Thu, 28 May 2015 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 28 May 2015 09:25 AM IST
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moga bus kand hearing in highcourt, problem for punjab govt

मोगा बस कांड मामले में अब पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि और सरकार नौकरी देने पर सवाल खड़े किए हैं। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि और सरकारी नौकरी की घोषणा किस नीति के तहत की गई है।

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सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को 24 लाख रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की पेशकश की गई थी। अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिए सरकार को 30 जुलाई तक का समय दिया है। मोगा बस कांड में हाईकोर्ट के जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस लीसा गिल की डिवीजन बेंच ने बुधवार को राज्य सरकार से सवाल किया।
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बेंच ने सरकार से मुआवजा राशि और नौकरी संबंधी नीति के बारे में पूछा तो पंजाब के एडवोकेट जनरल ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इसके बाद अदालत ने सुनवाई 30 जुलाई तय कर दी।

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यह था मोगा बस छेड़छाड़ मामला

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बता दें कि बीते माह मोगा में बस में मां-बेटी से छेड़छाड़ के बाद उन्हें फेंके जाने से बेटी अर्शदीप की मौत हो गई थी जबकि मां छिंदर कौर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। यह बस ऑर्बिट एविएशन ट्रांसपोर्ट कंपनी की थी, जिसका मालिकाना हक बादल परिवार के पास है।

अदालत ने पंजाब सरकार से राज्य में चल रही सभी निजी बसों के मालिकों और हिस्सेदारों का ब्योरा भी तलब किया था। यह भी जानकारी मांगी कि बीते एक साल में निजी बस ऑपरेटरों के खिलाफ कितने मामले दर्ज हुए। ऑर्बिट एविएशन की बीते पांच साल की बैलेंसशीट भी हाईकोर्ट ने सरकार से तलब की थी।

डिवीजन बेंच ने पंजाब के एडवोकेट जनरल से केस के बारे में मोगा जिले के वाघापुराना पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर की कॉपी भी कोर्ट में जमा कराने के आदेश दिए थे।

अदालत ने खुद लिया था संज्ञान

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मोगा बस कांड मामले में एक पत्र के आधार पर कार्यवाहक चीफ जस्टिस ने खुद संज्ञान ले लिया था। हाई प्रोफाइल ड्रामे के बाद इस मामले में जान गंवाने वाली अर्शदीप के पिता ने समझौता कर लिया था। पीड़ित परिवार को कुल तीस लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही गई है।

हाईकोर्ट को अब तक दी गई ये जानकारी
स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की तरफ से जवाब दायर कर कहा गया कि राज्य में कुल 67 कांट्रेक्ट कैरेज परमिट होल्डर्स काम कर रहे हैं। इनमें 10 से ज्यादा परमिट हासिल करने वाले 64 स्टेज कैरेज परमिट होल्डर्स हैं। इनमें से डबवाली ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड में उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के 4,26,293 शेयर हैं। इसके अलावा ऑर्बिट कंपनी में सुखबीर के 5000 शेयर हैं।

सुखबीर-हरसिमरत ने दिया जवाब
बेंच ने एडवोकेट जसदीप सिंह बैंस की ओर से मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पर गत 19 मई को पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और उनकी पत्नी केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर को नोटिस जारी किया था। इस पर दोनों की ओर से अदालत में एक एफिडेविट दाखिल किया गया है।

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