मोदी की मंत्री के निशाने पर सिद्धू, कहा सीएम की कुर्सी पर थी नजर
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केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने जारी बयान में सिद्दू पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यसभा से इस्तीफा देने के छह माह तक सियासी पार्टियों के साथ सौदेबाजी में जुटे रहे नवजोत सिंह लोगों को अपने गुप्तवास की झूठी कहानी सुना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह आम आदमी पार्टी (आप) में इसलिए शामिल नहीं हुए क्योंकि ‘आप’ नेता उन्हें पंजाब से बाहर रखना चाहते थे जबकि सिद्धू की सारी कहानी अरविंद केजरीवाल पहले ही बता चुके हैं।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने पहली बार ईमानदारी से खुलासा किया था कि पार्टी ने सिद्धू को उपमुख्यमंत्री के पद की पेशकश की थी पर उनकी नजर मुख्यमंत्री के पद पर थी।
'छह माह तक सौदेबाजी में जुटे रहे सिद्धू'
इसलिए यह सौदा सिरे नहीं चढ़ सका। हरसिमरत ने कहा कि सिद्धू ने केजरीवाल के बयान का कोई जवाब नहीं दिया था, इससे साफ हो गया है कि ‘आप’ नेता सच बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सिद्धू किस तरह कह सकते हैं कि ‘आप’ भी उन्हें पंजाब से बाहर रखना चाहती थी। क्या उपमुख्यमंत्री का दफ्तर पंजाब से बाहर है या सिद्धू को सियासत की ही समझ नहीं है या फिर सिद्धू यह सोचते हैं कि पंजाब के लोग उनके झूठ पर विश्वास कर लेंगे।
अकाली नेता ने कहा कि सिद्धू पिछली लोकसभा में उनके मेंबर साथी रहे थे पर वह बहुत गैर-हाजिर रहते थे। सरकारी रिकार्ड के अनुसार सिद्धू की संसद में हाजिरी सिर्फ 28 प्रतिशत रही थी।
उन्होंने कभी कोई प्राइवेट मेंबर बिल पेश नहीं किया। वर्ष 2009 से 2014 तक के अपने 5 वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने सिर्फ 3 बार बहस में भाग लिया था और सिर्फ 99 सवाल पूछे थे। इससे पता चलता है कि पंजाब और पंजाबियों की उन्हें कितनी फिक्र है।