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Hindi News ›   Chandigarh ›   Modi Govt General Budget, Arun Jaitely and Punjab

'जेटली ने नहीं मानी सीएम बादल की कोई मांग'

Fri, 11 Jul 2014 11:27 AM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 11 Jul 2014 11:27 AM IST
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Modi Govt General Budget, Arun Jaitely and Punjab

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली को पंजाब से चुनाव लड़ने का न्योता मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने दिया।

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चुनाव प्रचार के दौरान बादल ने जेटली को भावी उप प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री घोषित किया। साथ ही उम्मीद जताई कि जेटली के वित्तमंत्री बनने के बाद पंजाब की झोली भर जाएगी, लेकिन जेटली ने बादल की एक भी मांग नहीं मानी।

खेती के वि‌कास संबंधी मांगें रखी थी जेटली के सामने

Modi Govt General Budget, Arun Jaitely and Punjab

पंजाब खेतीबाड़ी प्रधान सूबा होने के कारण खेती से संबंधित कई मांगें बादल ने जेटली के सामने रखी थीं। सबसे पहले फसलों का मूल्य स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के मुताबिक करना।

फसल की लागत पर पचास फीसदी प्रॉफिट देना था। सीएम ने खासतौर पर इसके लिए जेटली को पिछले दिनों पत्र लिखा था। बादल ने जून में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए 2330 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मांगा था। जिसके लिए उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से भी निजी दखल देने की मांग की थी, लेकिन कुछ नहीं मिला।

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सूखे के समाधान के लिए कोई घोषणा नहीं

Modi Govt General Budget, Arun Jaitely and Punjab

बजट में जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय अनुकूलन निधि और पांच सौ करोड़ रुपये मूल्य स्थायीकरण निधि का ऐलान तो हुआ, लेकिन एमएसपी और सूखे के हालातों पर कोई घोषणा नहीं हुई।

अब एफसीआई की री-स्ट्रक्चरिंग और पांच सौ करोड़ से वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से पंजाब को कुछ मिलने की उम्मीद है। सीएम ने जेटली को पत्र लिख कर कहा था कि पंजाब में खेती फायदेमंद नहीं रही।

किसानों को फसली चक्र से निकालना जरूरी है। इसलिए पशुपालन जैसे सहायक धंधों को भी खेती की तरह आयकर से मुक्त किया जाए। यह भी पूरी नहीं हुई।

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कपूरथला में एम्स की मांग भी पूरी नहीं की

Modi Govt General Budget, Arun Jaitely and Punjab

सीएम कपूरथला में एम्स स्थापित करने को बहुत उत्साहित थे। वह इतने आश्वस्त थे कि इसके लिए दो सौ एकड़ की तीन साइटें तक फाइनल हो गई थीं।

केंद्रीय सेहत मंत्रालय को साइट देखने को टीम भेजने को भी लिख दिया गया था, लेकिन एम्स पंजाब के हाथ से निकल गया। सीएम ने अमृतसर जंगी यादगार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की थी, लेकिन बजट में सौ करोड़ की लागत से युद्ध स्मारक और पचास करोड़ की लागत से पुलिस स्मारक बनाने का ऐलान किया गया पर जंगी यादगार को फंड नहीं मिला।

पंजाब ने बठिंडा में टेक्सटाइल क्लस्टर स्थापित करने की भी मांग की थी, जो पूरी नहीं हुई। बजट में नदियों को जोड़ने की योजना पर रिसर्च के लिए सौ करोड़ का ऐलान हुआ। इस मुद्दे पर अकाली दल और भाजपा की राय अलग-अलग है।

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