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मोबाइल का ऐसा ऐप, जरूरत पड़ी तो बनेगा हथियार

Thu, 25 Dec 2014 09:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा) Updated Thu, 25 Dec 2014 09:28 AM IST
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mobile app, will become necessary weapon

मोबाइल धारक महिला, युवती और अन्य लोग किसी भी मुश्किल की घड़ी में अपने मोबाइल को अब हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। वे किसी भी समय अपने मोबाइल के ऐप आई सिक्योर की मदद से अपने नजदीकियों को संदेश देकर पुलिस और फायर ब्रिगेड समेत इमरजेंसी की दूसरी सुविधा ले सकेंगे।

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यह दावा किया है पानीपत की ऐप मिल के सीईओ राहुल लीखा ने। राहुज लंदन के बिजेनस ग्रेजुएट स्कूल से पढ़कर आए हैं। उन्होंने ने अपने इस नए मोबाइल ऐप आई सिक्योर के बारे में विस्तारपूर्वक अमर उजाला को बताया कि रोहतक में दो बहनों के साथ हुई छेड़छाड़ और फिर दिल्ली में कैब में हुए दुराचार के बाद इस तरह के सिक्योर ऐप की जरूरत पड़ी है।
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कोई भी युवती और महिला या फिर कोई व्यक्ति किसी भी तरह की मुसीबत के वक्त कुछ ही सेकेंड में अपने नजदीकियों को संदेश भेजकर पुलिस, फायर ब्रिगेड या दूसरी सुविधा ले सकता है। इस मौके पर सतेंद्र लीखा, ललित गोयल और सुरेश तायल मौजूद रहे।

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ऐसा करता है आई सिक्योर काम

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राहुल ने बताया कि मोबाइल ऐप आई सिक्योर को एंडरॉयड और एप्पल की ओर से स्वीकृति मिल गई है। एंडरॉयड या एप्पल मोबाइलधारक किसी भी परेशानी के समय इस ऐप को मोबाइल में ऑन करके अपने नजदीकी को सूचित कर सकते हैं।

उसके नजदीकी को चंद ही सेकेंड में उसका मेसेज और लोकेशन मिल जाएगी। इस मेसेज को करते वक्त सामने वाले व्यक्ति को भी पता नहीं चल पाता और उसकी स्क्रीन ब्लैक हो जाती है। इसी संदेश के साथ नजदीकी पुलिस थाने और दूसरी आपातकालीन विभाग का नंबर भी मिल जाएगा।

इसकी मदद से उनके नजदीकी पुलिस और दूसरी आपातकालीन सुविधा को सूचित कर सकते हैं। इससे व्यक्ति को आसानी से समय पर सुरक्षा सुविधा मिल जाती है।

सुबूत के तौर पर हो सकता है इस्तेमाल
आई सिक्योर ऐप को ऑन करने के बाद संबंधित व्यक्ति की लोकेशन का संदेश भेजने के बाद रिकार्डिंग शुरू कर देता है। इसके बाद उक्त व्यक्ति के साथ होने वाली हर घटना की कंपनी के सर्वर में रिकार्डिंग हो जाती है। इस रिकार्डिंग को व्यक्ति सुबूत के तौर में भी इस्तेमाल कर सकता है और पुलिस भी इस रिकार्डिंग के आधार पर जांच को आगे बढ़ा सकती है।

एक हजार सीधे जुडे, 2 हजार ने किया लाइक

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राहुल ने मोबाइल ऐप आई सिक्योर पर एक साल पहले काम शुरू किया था। उसके ऐप को टेस्ट किया और तीन माह पहले ही इसे मंजूरी मिली है। आई सिक्योर ऐप के साथ अब तक एक हजार लोग जुड़ चुके हैं और दो हजार लोग फेसबुक पर लाइक कर चुके हैं।

ऐसे करें डाउनलोड
मोबाइल ऐप आई सिक्योर को डाउनलोड करना आसान है। यह एप्पल और एंडरॉयड फोन में ही लोड होगा। इसके लिए डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटआईएसईसीयूआईडॉटइन से डाउनलोड कर सकते हैं। इसको डाउनलोड करने का कोई चार्ज भी नहीं लगेगा और अपने मोबाइल में आसानी से एक सुरक्षा उपकरण को जोड़ सकेंगे।

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