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विधानसभा का मानसून सत्र: लोकसभा की तर्ज पर पहली बार शून्यकाल, पेपर लीक-किसान आंदोलन गूंजा
Sat, 21 Aug 2021 02:04 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 21 Aug 2021 02:04 AM IST
सार
भाजपा विधायक मोहन लाल बड़ोली ने कहा कि किसान आंदोलन के कारण दिल्ली के रास्ते अवरुद्घ हैं। स्थानीय लोग तंग हैं, यात्रियों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। सरकार रास्ते खुलवाए।
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हरियाणा विधानसभा
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र से नई परंपरा की शुरुआत हो गई। लोकसभा की तरह विधानसभा में शुक्रवार को एक घंटे का शून्यकाल हुआ। विधायकों ने तीन से पांच मिनट तक अपने-अपने क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दे उठाए। किसान आंदोलन, पेपर लीक का मुद्दा गूंजा और सरकार-विपक्षी विधायकों के बीच छींटाकशी भी हुई। प्रश्नकाल खत्म होने के बाद स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि पहली बार शून्य काल को एक घंटे के लिए शुरू किया जा रहा है।
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नेता प्रतिपक्ष और संसदीय कार्यमंत्री अपने-अपने दलों की तरफ से बोलने वालों की सूची शून्यकाल शुरू होने से पहले दिया करेंगे। एक घंटे की अवधि में शोर-शराबा न करें, एक विधायक ही अपनी बात रखे, जिससे कि उसे सभी सुन सकें। स्पीकर की इस बात पर विधायकों ने कम ही अमल किया और मुद्दे उठाने के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खूब छींटाकशी, शोरशराबा हुआ। अधिक समय देने को लेकर विधायक, स्पीकर से भी उलझ गए। कादियान और स्पीकर के बीच काफी बहस हुई।
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शून्यकाल में विधायकों ने उठाए ये मुद्दे
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा: मंडी से बाहर बिकने वाली फसलों के लिए एमएसपी सुनिश्चित किया जाए। सरकार तय मूल्य पर फसल न खरीदने वालों को सजा देने के लिए कानून बनाए।
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कांग्रेस विधायक रघुबीर कादियान: आंदोलनरत किसानों के साथ घोर अन्याय हो रहा है। सरकार उनकी मांगें पूरी कराने के लिए केंद्र सरकार से बात करे।
कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा: अपनी आवाज उठा रहे किसानों पर मामले दर्ज करना अनुचित है। सरकार मुकदमे वापस लेकर उनकी मांगों को पूरा करे।
भाजपा विधायक अभय यादव: किसान का अहित कोई नहीं चाहता। हमारा दायित्व सच्चाई बताना है। कृषि कानूनों की कमियां विपक्ष बताए, दूर कराने के लिए सत्ता पक्ष केंद्र से सिफारिश करेगा। विपक्ष राज्य का माहौल खराब न करे। नौ महीने में राज्य का बड़ा नुकसान हुआ है। किसानों को गलत राह पर न ले जाएं।
कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स: कोरोना की दूसरी लहर को लेकर राजनीतिक लोग जिम्मेदार हैं। भाजपा की तिरंगा यात्रा पर उन्होंने कटाक्ष किया। कहा, कानून सबके लिए बराबर हो, आम जनता पर ही बंदिशें न लगाई जाएं।
निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू: 28 पेपर लीक हो चुके हैं। यह युवाओं से धोखा है। मुख्यमंत्री इन घटनाओं पर अंकुश लगाएं। विधेयक पारित कराकर कड़ा कानून बनाएं।
कांग्रेस विधायक किरण चौधरी: किसानों की सुध ली जाए। पीएम आवास योजना की राशि पात्र लोगों को मिले। बरसात से फसलों को हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी कर मुआवजा दें।
जजपा विधायक जोगी राम सिहाग: ढाणियों पर बिजली नहीं है। टपका विधि योजना लागू कर दी, किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे। नालों की सफाई करवाएं।
कांग्रेस विधायक मामन खान: बिजली-वन विभाग के बीच फाइल फंसने से 16 गांव अंधेरे में हैं। नगर पालिकाओं में स्टाफ नहीं है। मजार को नुकसान पहुंचाने वालों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
जजपा विधायक राजकुमार गौतम: हुडा प्लाट आवंटियों को लाखों रुपये के नोटिस दिए जा रहे हैं। सरकार इसका हल निकाले। आम व्यक्ति कहां से राशि भरेगा। लोगों की जेब पर डाका न डालें। आउटसोर्सिंग पॉलिसी तबाह करने वाली है, युवाओं से नौकरी लगाने के लिए 70 हजार व हटाकर दोबारा लगाने पर 20 हजार रुपये ठेकेदार ले रहे हैं।
कांग्रेस विधायक शमशेर गोगी: पेपर लीक हो रहे हैं। ऐसे कौन से लोग हैं, जो सरकार से भी ताकतवर हैं। सदन की संयुक्त समिति बनाकर इसकी जांच करवाई जाए। असंध में स्पोर्टस कलेज बनाया जाएगा। 5 करोड़ रुपये की ग्रांट विधायकों को जारी हो। करनाल के डीसी पर लगाम कसें। उसके खिलाफ विशेषाधिकार समिति में शिकायत दी है अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। मुख्य सचिव क्या डीसी से ऊपर ही विधायकों का दर्जा करवा दें।