विधायक रामकुमार गौतम ने 'जजपा' राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद छोड़ा, बोले- दुष्यंत चौटाला की सेटिंग है
पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु को हराकर विधायक बने रामकुमार गौतम ने बुधवार को जननायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस्तीफा देने के साथ ही उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पर निशाना साधा कि पार्टी क्षेत्रीय है और उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद दे रखा है। साथ ही कहा कि दुष्यंत को जजपा के नौ विधायकों ने उपमुख्यमंत्री बनाया है और वह 11 महकमे अपने पास दबाकर बैठ गए हैं। पार्टी के अन्य विधायकों की अनदेखी के कारण उनमें काफी नाराजगी है।
विधायक गौतम ने दुष्यंत चौटाला पर अपनी बिरादरी में सभी बड़े नेताओं को हराने की मंशा से काम करते हुए सबसे ऊपर रहने के भी आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि मैंने सिर्फ अपनी सीट नहीं जीती बल्कि जजपा की और भी सीटें जितवाने में योगदान दिया। पार्टी छोड़ने के सवाल पर गौतम ने कहा कि जेजेपी पार्टी के वह संस्थापक सदस्य रहे हैं। इसलिए फिलहाल पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं। हालांकि, अब तो कानून बना हुआ है कि जिस दिन विधायक का पद छोड़ूंगा, उसी दिन पार्टी छोड़ी मानी जाएगी।
‘मत पूछो बहुत जख्म कर राखे सै इसनै’
विधायक गौतम ने दुष्यंत पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, ‘मत पूछो बहुत जख्म कर राखे सै इसनै।’ गौतम गांव राखी शाहपुर में बन रहे राखी बारह खाप के चबूतरे पर मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी ही पार्टी के प्रमुख नेता और उपमुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के परिवार की खुले मंच से दूसरी बार प्रशंसा की।
कैप्टन अभिमन्यु के साथ दुष्यंत की सेटिंग के लगाए आरोप
गौतम ने पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु और दुष्यंत चौटाला के बीच सेंटिंग के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह जजपा में इसलिए शामिल हुए थे कि शायद दुष्यंत चौधरी देवीलाल के रास्ते पर चलेगा। मगर उन्हें नहीं पता था कि इस तरह सेटिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुझे मंत्री नहीं बनाया, इस बात का दुख नहीं है। दुख तो इस बात का है कि गुरुग्राम के एक मॉल में मिलकर दुष्यंत और कैप्टन आपस में समझौता कर गए। अगर समझौता करना था तो पहले कर लेते, नारनौंद हलके की जनता को क्यों मारा। अगर मंत्री बनता तो बहुत काम करवाता, इस बात के लिए मेरा और नारनौंद की जनता का भाग्य माड़ा था।
दिग्विजय के हुड्डा के खिलाफ चुनाव लड़ने से किया था मना
रामकुमार गौतम ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान सोनीपत से भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ दिग्विजय चौटाला के मैदान में आने पर भी उन्होंने ऐतराज जताया था। उन्होंने कहा था कि हुड्डा के खिलाफ दिग्विजय को क्यों खड़ा कर रहे हो, तो कहा गया कि अगर दिग्विजय नहीं खड़ा हुआ तो हुड्डा जीत जाएगा। मैंने कहा कि हम तो नहीं जीत रहे और अगर हुड्डा जीत जाता तो हमें क्या तकलीफ है।