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पंजाब में बिजली संकट: नवजोत सिद्धू ने उठाए कटौती पर सवाल, सिलसिलेवार ट्वीट से रखी पूरी बात
Fri, 02 Jul 2021 12:32 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 02 Jul 2021 12:32 PM IST
सार
अरविंद केजरीवाल के पंजाब में दिल्ली मॉडल लागू करने पर भी नवजोत सिद्धू ने ट्वीट कर निशाना साधा। सिद्धू ने लिखा कि पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा के लिए पंजाब को एक ओरिजिनल पंजाब मॉडल की जरूरत है, कॉपी किए गए मॉडल की नहीं।
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Navjot Singh Sidhu
- फोटो : file photo
विस्तार
नई दिल्ली में प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी से मुलाकात के बावजूद पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की तल्खी कम नहीं हुई। शुक्रवार को एक बार फिर से सिद्धू ने अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खिलाफ हमला बोला। सिद्धू ने पंजाब में बिजली संकट को लेकर शुक्रवार को नौ ट्वीट किए। इनमें एक ट्वीट में सिद्धू ने कैप्टन सरकार की तरफ से सरकारी दफ्तरों में बिजली को लेकर जारी निर्देशों पर कहा कि सही दिशा में काम करने से न तो पंजाब में बिजली कटौती की जरूरत पड़ेगी और न ही ऑफिस में टाइमिंग या एसी को मैनेज करने की जरूरत पड़ेगी।
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सिद्धू ने कहा कि पंजाब को औसतन 4.54 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी पड़ती है। वहीं राष्ट्रीय औसत 3.85 रुपये है। चंडीगढ़ में 3.44 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली की खरीद होती है। सिद्धू ने कहा कि पंजाब को बिजली के लिए तीन निजी थर्मल प्लांटों पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है। जिस वजह से प्रति यूनिट पांच से आठ रुपये महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है, जो अन्य राज्यों से ज्यादा है।
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पूर्व बादल सरकार की ओर से किए पीपीए को जनहित के खिलाफ बताया
सिद्धू ने पूर्व बादल सरकार पर भी निशाना साधते हुए पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) को जनहित के खिलाफ काम करने वाला बताया। सिद्धू ने कहा कि बादल सरकार ने पंजाब में तीन निजी थर्मल प्लांटों के साथ पीपीए पर हस्ताक्षर किए। इसकी वजह से पंजाब 2020 तक 5400 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है।
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आगे भी 65 हजार करोड़ रुपये का भुगतान फिक्स चार्ज के तौर पर किया जाएगा। जबकि पंजाब नेशनल ग्रिड से काफी सस्ती दरों में बिजली खरीद सकता है। सिद्धू ने कहा कि कानूनी संरक्षण होने के कारण पंजाब इन पीपीए पर फिर से बातचीत नहीं कर सकता है लेकिन पंजाब विधानसभा किसी भी समय नेशनल पावर एक्सचेंज पर उपलब्ध कीमतों पर बिजली खरीद लागत के लिए नया कानून ला सकती है। कानून में संशोधन करने से ये समझौते खत्म हो जाएंगे।
पंजाब को खुद का ओरिजनल मॉडल चाहिए: सिद्धू
सिद्धू ने अरविंद केजरीवाल के दिल्ली मॉडल पर भी निशाना साधते हुए पंजाब के लिए ओरिजनल मॉडल की बात कही। उन्होंने कहा कि बिजली सब्सिडी के तौर पर दिल्ली केवल 1699 करोड़ देती है, जबकि पंजाब के 9 हजार करोड़ की सब्सिडी देता है। इसलिए कॉपी किए मॉडल की जगह पंजाब को खुद का ओरिजनल मॉडल चाहिए।