सांसद की तर्ज पर विधायक भी गोद लेंगे गांव
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हरियाणा में सांसद की तर्ज पर विधायक भी अपने विधानसभा क्षेत्र का गांव गोद लेंगे। गांव में मूलभूत सुविधाएं उलपब्ध करवाने के साथ उसे मॉडल बनाने का प्रयास करेंगे। प्रदेश सरकार की ओर से सभी विधायकों को इस ओर कदम उठाने के लिए कहा गया है।
प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से सभी 90 विधायकों को पत्र जारी कर दिया गया है, इसके तहत उन्हें एक-एक गांव गोद लेने को कहा गया है। विभाग की ओर से सभी विधायकों को एक-एक गांव का नाम चयन करके नाम भेजने के लिए कहा गया है। हरियाणा देश में पहला राज्य है, जहां विधायकों को भी सांसदों की तर्ज पर गांव गोद लेने को कहा गया है।
मालूम हो कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को एक-एक गांव गोद लेकर उसका विकास करने को कहा था, जिसका सांसदों ने चयन कर लिया है। ऐसे में हरियाणा सरकार केंद्र की राह पर चल रही है। आदर्श ग्राम योजना के तहत अब विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्र से एक गांव का चयन करना है। प्रदेश के 21 जिलों में छह हजार गांव हैं। मुख्यमंत्री के साथ आठ दिसंबर को हुई बैठक में अधिकारियों को गांवों की तरफ विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए थे।
विधायक के पास नहीं होता फंड
प्रदेश में सांसद की तर्ज पर विधायक के पास कोई फंड का प्रावधान नहीं है। ऐसे में गांव के विकास के लिए उन्हें विशेष अनुदान मुहैया करवाया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित प्रशासन को विकास के प्रस्तावों को काम करने को कहा जा सकता है।
कोट
सभी विधायकों को पत्र भेजकर योजना के तहत एक-एक गांव का चयन कर उसका नाम भेजने को कहा गया है। विधायकों के लिए जल्द ही ग्रामीण योजना के तहत एक वर्कशॉप का आयोजन करवाया जाएगा। इससे पहले सांसदों की वर्कशॉप लगाई गई थी। सरकार गांव में सुविधाएं बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है।
- ओम प्रकाश धनखड़, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण मंत्री, हरियाणा।