{"_id":"590341054f1c1b4522c0c913","slug":"misconceptions-are-spread-over-vaccinations-know-all-things","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"टीके लगने के बाद शिशु को बुखार आए तो परेशान न हो, ये काम करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीके लगने के बाद शिशु को बुखार आए तो परेशान न हो, ये काम करें
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 29 Apr 2017 09:39 AM IST
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टीके को लेकर भ्रांतियां न फैलाए
- फोटो : Demo Pic
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टीके लगने के बाद शिशु को बुखार आए तो परेशान न हो क्योंकि अगर ऐसा होता तो इसका मतलब ये है कि टीका सही तरह से काम कर रहा है। जी हां, पढ़े-लिखे शहरों में भी टीकाकरण पर कुछ भ्रांतियां हैं। टीके के बाद अक्सर बच्चों में बुखार की शिकायत आती है। बुखार के बाद पेरेंट्स चिंतित होते हैं।
खासतौर पर वर्किंग क्लास सोचता है कि अब उसे दो से तीन की छुट्टी लेनी पड़ेगी। इस वजह से वे टीकाकरण से किनारा करने लगते हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी डा. अनु दोसाज बताती हैं कि टीकाकरण के बाद यदि बुखार आता है तो इसका मतलब है कि टीका काम करने लगा है। बुखार आना तो सामान्य बात होती है। इसके लिए पेरेंट्स को पैरासिटॉमाल की गोली दी जाती है। दो दिन के भीतर बुखार छू मंतर भी हो जाता है।
इसके अलावा चंडीगढ़ जैसे शहरों में एक समस्या और देखने को मिलती है, जिसमें वे टीकाकरण की डेट भूल जाते हैं। हालांकि इसका भी एक उपाय है। जब भी महिला प्रेग्नेंट हो तो तभी उसका मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग कार्ड जरूर बनवा लें। इसमें वैक्सीनेशन को लेकर पूरा डाटा होता है। इसका एक हिस्सा स्वास्थ्य विभाग के पास होता है, जबकि दूसरा हिस्सा पेरेंट्स के पास। इसका फायदा यह होता है कि वैक्सीनेशन की तारीख नहीं छूटती। जब भी घूमने जाएं, तब भी कार्ड को अपने पास रखें। कार्ड की मदद से किसी भी शहर में टीका लगवा सकते हैं।
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खासतौर पर वर्किंग क्लास सोचता है कि अब उसे दो से तीन की छुट्टी लेनी पड़ेगी। इस वजह से वे टीकाकरण से किनारा करने लगते हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी डा. अनु दोसाज बताती हैं कि टीकाकरण के बाद यदि बुखार आता है तो इसका मतलब है कि टीका काम करने लगा है। बुखार आना तो सामान्य बात होती है। इसके लिए पेरेंट्स को पैरासिटॉमाल की गोली दी जाती है। दो दिन के भीतर बुखार छू मंतर भी हो जाता है।
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इसके अलावा चंडीगढ़ जैसे शहरों में एक समस्या और देखने को मिलती है, जिसमें वे टीकाकरण की डेट भूल जाते हैं। हालांकि इसका भी एक उपाय है। जब भी महिला प्रेग्नेंट हो तो तभी उसका मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग कार्ड जरूर बनवा लें। इसमें वैक्सीनेशन को लेकर पूरा डाटा होता है। इसका एक हिस्सा स्वास्थ्य विभाग के पास होता है, जबकि दूसरा हिस्सा पेरेंट्स के पास। इसका फायदा यह होता है कि वैक्सीनेशन की तारीख नहीं छूटती। जब भी घूमने जाएं, तब भी कार्ड को अपने पास रखें। कार्ड की मदद से किसी भी शहर में टीका लगवा सकते हैं।
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कब कौन सा टीके लगवाए जाते हैं
टीके को लेकर भ्रांतियां न फैलाए
- फोटो : Demo Pic
सब टीके मुफ्त में लगते हैं
डा. अंजू ने बताया कि सरकारी अस्पतालों व डिस्पेंसरी में लगाए जाने वाले सभी टीके मुफ्त में लगाए जाते हैं, जबकि प्राइवेट अस्पतालों या क्लीनिक में अधिकतर टीके की काफी ज्यादा कीमत में लगते हैं। कई टीके तो ऐसे हैं, जो प्राइवेट सेंटरों में नहीं लगाए जाते हैं। इसलिए सरकारी सेंटरों मे ही टीके लगवाने चाहिए।
कब कौन सा टीके लगवाए जाते हैं
- टीटी-1 (टिटनेस) गर्भधारण के दौरान प्रेग्नेंट वूमेन
- टीटी-2 (टिटनेस) पहला टीके के चार हफ्ते बाद प्रेग्नेंट वूमेन
- हैपेटाइटिस बी जन्म के 24 घंटे में नवजात शिशु
- ओपीवी (पोलियो) जन्म के पहले 15 दिन नवजात शिशु
- ओपीवी 1,2,3 छठे, दसवें और 14वें सप्ताह नवजात शिशु
डा. अंजू ने बताया कि सरकारी अस्पतालों व डिस्पेंसरी में लगाए जाने वाले सभी टीके मुफ्त में लगाए जाते हैं, जबकि प्राइवेट अस्पतालों या क्लीनिक में अधिकतर टीके की काफी ज्यादा कीमत में लगते हैं। कई टीके तो ऐसे हैं, जो प्राइवेट सेंटरों में नहीं लगाए जाते हैं। इसलिए सरकारी सेंटरों मे ही टीके लगवाने चाहिए।
कब कौन सा टीके लगवाए जाते हैं
- टीटी-1 (टिटनेस) गर्भधारण के दौरान प्रेग्नेंट वूमेन
- टीटी-2 (टिटनेस) पहला टीके के चार हफ्ते बाद प्रेग्नेंट वूमेन
- हैपेटाइटिस बी जन्म के 24 घंटे में नवजात शिशु
- ओपीवी (पोलियो) जन्म के पहले 15 दिन नवजात शिशु
- ओपीवी 1,2,3 छठे, दसवें और 14वें सप्ताह नवजात शिशु
कब कौन सा टीके लगवाए जाते हैं
टीके को लेकर भ्रांतियां न फैलाए
- फोटो : डेमो फोटो
कब कौन सा टीके लगवाए जाते हैं
- आईपीवी (पोलियो वैक्सीन) 14वें सप्ताह शिशु
- पैंटावेलेंट छठे, दसवें और 14वें सप्ताह शिशु
- खसरा नौ-12 महीने में शिशु
- विटामिन ए नौ महीने बाद शिशु
- डीपीटी 16-24 महीने बच्चा
- खसरा -2 16-24 महीने बच्चा
- ओपीवी बूस्टर 16-24 महीने बच्चा
- विटामिन ए (2 से 9वीं डोज) 16 वें महीने फिर हर छह माह बच्चा
- डीपीटी बूस्टर 5-6 बच्चा
-टीटी दसवें और 16वें साल बच्चा
- आईपीवी (पोलियो वैक्सीन) 14वें सप्ताह शिशु
- पैंटावेलेंट छठे, दसवें और 14वें सप्ताह शिशु
- खसरा नौ-12 महीने में शिशु
- विटामिन ए नौ महीने बाद शिशु
- डीपीटी 16-24 महीने बच्चा
- खसरा -2 16-24 महीने बच्चा
- ओपीवी बूस्टर 16-24 महीने बच्चा
- विटामिन ए (2 से 9वीं डोज) 16 वें महीने फिर हर छह माह बच्चा
- डीपीटी बूस्टर 5-6 बच्चा
-टीटी दसवें और 16वें साल बच्चा