गुरु गोबिंद सिंह जी के भक्तों को दुख देगी ये खबर
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सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह की पवित्र निशानियों की शहर के ऐतिहासिक किला मुबारक में बेकद्री हो रही है। ये सभी निशानियां किला मुबारक के म्यूजियम में एक बंद अलमारी में पिछले करीब साढ़े चार साल से रखी हैं।
उनके संरक्षण के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिससे ये निशानियां पूरी तरह से खराब हो रही हैं। धार्मिक मान्यता के मुताबिक इन निशानियों को किसी गुरुद्वारा साहिब में सहेज कर रखा जाना चाहिए, लेकिन एसजीपीसी यह भी नहीं कर रही है।
14 निशानियां हैं गुरू गोबिंद सिंह जी की
श्री गुरु गोबिंद की ये 14 निशानियां हैं। इनमें गुरु साहिब के केस, कंघा, दस्तार, छोटी किरपाण, बड़ी किरपाण, गुटका, चोला, हस्त लिखित, शस्त्र आदि शामिल हैं। गुरु साहिब की ये सभी पवित्र निशानियां पहले नाभा के शाही परिवार के पास थीं।
नवंबर 2009 में शाही परिवार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करके इन निशानियों को योग्य जगह पर संभालने की अपील की थी।
कोर्ट ने इन निशानियों को श्री आनंदपुर साहिब में सहेज कर रखने को कहा था। लेकिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इन निशानियों को रखने के लिए प्रबंध करने के लिए समय मांगा।
वादे तो कई किए हुआ कुछ नहीं
इस दौरान इन सभी निशानियों को पटियाला के ऐतिहासिक किला मुबारक में रख दिया गया। उसके बाद एसजीपीसी ने वादे तो बहुत किए, लेकिन ये पवित्र निशानियां गुरुद्वारा साहिब में सुशोभित नहीं की गईं।
अब साढ़े चार साल से ये निशानियां किला मुबारक की बंद अलमारी में पड़ी-पड़ी खराब हो गई हैं। चोला साहिब भी काफी खराब हो गया है।
धार्मिक मान्यता के मुताबिक इन निशानियों को किसी गुरुद्वारा साहिब में रखा जाना चाहिए। जहां रोज इनकी धूप बत्ती आदि हो सके। साथ ही श्रद्धालु दर्शन कर सकें।
मांग न मानने तक देंगे धरना : सिख काउंसिल
पंजाब सिख काउंसिल के प्रधान जत्थेदार मोहन सिंह ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर 20 जुलाई तक इन सभी पवित्र निशानियों को कोर्ट के आदेश के मुताबिक श्री आनंदपुर साहिब में सुशोभित नहीं किया जाएगा, तो उनकी मांग न माने जाने तक किला मुबारक में धरना दिया जाएगा।
जल्द ही श्री गुरु गोबिंद सिंह की सभी निशानियों को आनंदपुर साहिब में सुशोभित किया जाएगा।
-जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़, प्रधान, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी