मान कौर पंचतत्व में विलीन: सोशल मीडिया तक सीमित रहा सम्मान, अंतिम दर्शन को नहीं पहुंचे अधिकारी व मंत्री
देश की सबसे उम्रदराज एथलीट मान कौर पंचतत्व में विलीन हो गई हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में उनका बिना राजकीय सम्मान के अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम संस्कार में पंजाब और चंडीगढ़ का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
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विश्व भर में मास्टर्स एथलेटिक्स में सिक्का जमाने वालीं चंडीगढ़ की वेटरन एथलीट मान कौर के निधन के बाद शहर के प्रशासनिक अधिकारियों ने भुला दिया। यहां तक की उनके पैतिृक निवास पंजाब जहां उनका जन्म हुआ, वहां का भी कोई मंत्री व आला अधिकारी अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचा।
मान कौर का रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 25 में अंतिम संस्कार इलेक्ट्रिक मशीन के जरिए किया गया। इस दौरान परिवार के लोग और रिश्तेदार मौजूद रहे लेकिन अंतिम संस्कार में कोई भी बड़ा प्रशासनिक अधिकारी व मंत्री नहीं पहुंचा और न ही उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के समय शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा एकमात्र राजनीतिक व्यक्ति जरूर पहुंचे थे। वहीं पार्षद हरदीप सिंह ने अंतिम संस्कार के समय मान कौर के अंतिम दर्शन किए।
अंतिम संस्कार के बाद मान कौर के बेटे गुरदेव सिंह ने कहा कि जो उनकी माता का मान सम्मान है, वो उनको मिलना चाहिए था । बाकी सरकार की मर्जी है। उनसे जब पूछा गया कि क्या उनकी याद में पंजाब सरकार को कुछ करना चाहिए तो उनका जवाब था कि उनकी माता ने 135 करोड़ भारतीयों का दुनिया में पदक जीतकर मान बढ़ाया, इस लिहाज से उनको सम्मान मिलना चाहिए था। संस्कार में प्रशासन और पंजाब सरकार के किसी भी प्रतिनिधि के नहीं आने पर उनका सिर्फ इतना कहना था कि सभी को आना चाहिए था।
पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से किसी भी नुमाइंदे का न आना शर्मनाक
मान कौर के अंतिम संस्कार में पहुंचे खेल प्रमोटर दविंदर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार और चंडीगढ़ से किसी भी नुमाइंदे का नहीं आना शर्मनाक बात है। उन्होंने कहा कि जिस एथलीट ने उम्र के इस पड़ाव पर आकर देश के लिए पदक जीतकर दुनिया भर में नाम रोशन किया, उनको उचित सम्मान नहीं मिलना शर्म की बात है।
गुरुदेव विदेश खेलने जाएंगे तो खर्च उठाने को तैयार
मान कौर को अंतिम श्रंद्धाजलि देने पहुंचे डेराबस्सी के आयुर्वेदिक अस्पाताल के आचार्य मनीष ने कहा कि मान कौर अब इस दुनिया में नहीं रहीं। उन्हें ठीक करने के लिए अस्पताल के डॉक्टरों ने दिन रात एक किया था लेकिन भगवान की मर्जी के आगे क्या किया जा सकता हैं। आचार्य मनीष ने कहा कि मान कौर के बेटे गुरदेव सिंह अगर विदेश में होने वाले मास्टर्स एथलीट में हिस्सा लेना चाहेंगे तो विदेश यात्रा का खर्च, वहां रहने और खाने-पीने का खर्च वह उठाएंगे।
मान कौर से ट्रेनिंग लेकर नेशनल में जीते पदक
मान कौर के अंतिम संस्कार में एथलीट विष्णुवीर भी पहुंचे। मान कौर से एथलेटिक्स की ट्रेनिंग लेने के लिए वह 2016-17 में पटियाला में रहे। जहां पर उन्होंने मान कौर से दौड़ने के टिप्स और डाइट के बारे में जानकारी हासिल की। जिसे अपना कर विष्णुवीर इंटर कॉलेज पांच हजार मीटर और 10 मीटर रेस के साथ चार बार नेशनल में पदक भी बटोरे। मान कौर की अस्थियों को परिवार सोमवार को श्री कीरतपुर साहिब में विसर्जित करेगा।