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Hindi News ›   Chandigarh ›   Minister Moolchand Sharma Warned Agencies Regarding Salary to Contract Workers

हरियाणाः समय से वेतन न देने वालों को मिली कड़ी कार्रवाई की चेतावनी, स्थिति सुधारने के निर्देश

Fri, 11 Sep 2020 10:36 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 11 Sep 2020 10:36 AM IST
सार

  • आईटीआई के कच्चे सफाई कर्मियों को वेतन न मिलने पर मंत्री सख्त
  • पलवल, फरीदाबाद की आईटीआई की स्थिति सुधारने के निर्देश

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Minister Moolchand Sharma Warned Agencies Regarding Salary to Contract Workers
भाजपा मंत्री मूलचंद शर्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा की आईटीआई में आउटसोर्सिंग आधार पर कार्यरत सफाई कर्मियों को समय पर वेतन न मिलने का कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया है। कुछ मामले सामने आने पर मंत्री ने अधिकारियों को पूरा वेतन जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि इनके वेतन के मामले में कोताही बरतने वाली एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री मूल चंद शर्मा वीरवार को यहां विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने पलवल और फरीदाबाद जिलों में स्थित आईटीआई की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को इन आईटीआई में सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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शर्मा ने कहा कि दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली (डीएसटी) आईटीआई के विद्यार्थियों के साथ-साथ उद्योगों के लिए भी वरदान साबित हो रही है। इससे न केवल प्रशिक्षुओं के प्लेसमेंट की सम्भावनाएं बढ़ी हैं बल्कि औद्योगिक इकाइयों को भी उनकी जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध हो सकेंगे।
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कार्यस्थल पर प्रशिक्षण (ऑन जॉब ट्रेनिंग) देने की व्यवस्था

आईटीआई के छात्रों को इस प्रणाली के तहत 6 महीने से एक वर्ष तक के पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षणार्थियों को 3 से 6 महीने और 2 साल तक के पाठ्यक्रमों में 6 से 12 महीने का कार्यस्थल पर प्रशिक्षण (ऑन जॉब ट्रेनिंग) देने की व्यवस्था है। इस प्रणाली के तहत 2019-20 के दौरान में 1300 से अधिक बच्चे लाभान्वित हुए, जबकि 2020-21 के दौरान 276 डीएसटी यूनिट्स के माध्यम से 5500 से अधिक प्रशिक्षुओं के लाभान्वित होने की संभावना है।

इसके तहत प्रशिक्षण प्राप्त 422 प्रशिक्षुओं में से 242 को नौकरी मिल चुकी है जोकि प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों का 58 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इस बात के प्रयास किए जाएंगे कि भविष्य में सभी ट्रेड ओजेटी में खोले जाएं। बैठक में बताया गया कि फिलहाल प्रदेशभर में 418 आईटीआई के माध्यम से 84 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

इनमें से 172 सरकारी आईटीआई में 76 ट्रेडों में 55 हजार 400 से अधिक व 246 प्राइवेट आईटीआई में 37 ट्रेड में 29 हजार 400 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। सात नई आईटीआई का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 15 का कार्य प्रगति पर है। मिस्त्री एप पर आईटीआई से पासआउट लगभग 8000 प्रशिक्षुओं ने अपना पंजीकरण करवाया है। उन्होंने कहा कि लोगों को घरों में सीधी सेवाएं देने के लिए अर्बन क्लैप के साथ एमओयू की संभावनाओं का पता लगाया जाए।

बिना ढांचागत सुविधाओं वाली निजी आईटीआई पर होगी कार्रवाई

कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री ने प्रदेश में उन निजी आईटीआई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं जिनके पास न तो पर्याप्त संख्या में विद्यार्थी हैं और न ही पर्याप्त ढांचागत सुविधाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे र्हैं। आईटीआई के नाम पर खुली ऐसी तमाम दुकानों हर हाल में बंद करवाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अल्पावधि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की प्लेसमेंट के प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।

ऐसा प्रशिक्षण देने वाले केंद्रों की भी बीच-बीच मे जांच करें व किसी भी तरह की कोताही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाए। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने बताया कि छात्रों की सुविधा के लिए आईटीआई की स्टार रेटिंग की व्यवस्था शुरू की गई है और इसके लिए एक पोर्टल बनाया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को काउंसलिंग सत्र के दौरान उनकी पसंद की आईटीआई चुनने में मदद मिलेगी। भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली के शत-प्रतिशत ट्रेड भरे जाएं।
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