हरियाणा : 2016 से लटकी होमगार्ड जवानों की मेहनताना वृद्धि, मंजूरी के लिए भेजा दो साल पुराना प्रस्ताव
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हरियाणा में होमगार्ड जवानों के मेहनताना वृद्धि का मामला वर्ष 2016 से लटका हुआ है। हजारों जवान बेसब्री से अपने मेहनताना वृद्धि का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस संदर्भ में प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ा है। जबकि हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज भी होमगार्ड जवानों की वेतनवृद्धि जल्द होने की घोषणा महीनों पहले कर चुके हैं।
उधर, विभागीय सूत्रों ने बताया कि इस संदर्भ में हरियाणा होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस निदेशालय की ओर से सरकार को मंजूरी के लिए जो मेहनताना वृद्धि का प्रस्ताव भेजा है, उसका आधार भी दो साल पुराना है।
हरियाणा के विभिन्न जिलों में 14025 के करीब होमगार्ड जवान हैं, जबकि अभी हजारों पद खाली भी पड़े हैं। इन सेवारत होमगार्ड जवानों का मेहनताना वर्ष 2016 के बाद से नहीं बढ़ा है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी 2015 में एक अन्य मामले के संदर्भ में आदेश दिया था, जिसमें कहा गया था कि होमगार्ड जवान का मेहनताना कम से कम एक पुलिस कांस्टेबल के एंट्री लेवल (बेसिक पे+डीए) के वेतन के समान तो होना चाहिए।
बावजूद इसके हरियाणा के होमगार्ड काफी समय से लगभग 572 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से ही मेहनताना ले रहे हैं, जो प्रतिमाह करीब 17160 रुपये बैठता है।
होमगार्ड जवान भी लगातार अपनी मेहनताना वृद्धि की मांग को बुलंद करते रहे हैं। निदेशालय ने उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से वहां के होमगार्ड जवान को मिलने वाले मेहनताने की रिपोर्ट मंगवाई थी ताकि मालूम चल सके कि विभिन्न राज्यों में होमगार्ड जवानों को कितना मेहनताना मिलता है।
सूत्रों ने बताया कि उसके बाद वर्ष 2018 को आधार बनाते हुए गत वर्ष निदेशालय की ओर से मेहनताना वृद्धि का एक प्रस्ताव तैयार किया और उसे मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया।
सूत्रों के अनुसार इस प्रस्ताव में होमगार्ड जवानों के मेहनताने को 33 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव था। मगर अब वर्ष 2020 भी गुजरने वाला है। अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं हुआ है। गृहमंत्री अनिल विज का कहना था कि होमगार्ड जवानाें के मेहनताना वृद्धि पर काम चल रहा है। इस पर हम जल्द फैसला लेंगे।
उधर, होमगार्ड जवानों का कहना है कि यदि मेहनताना वृद्धि का प्रस्ताव वर्ष 2018 के आधार पर बना है, तो उन्हें इस वृद्धि के बावजूद आर्थिक नुकसान होगा, क्योंकि अब वर्ष 2020 भी गुजरने वाला है। मेहनताना वृद्धि पुलिस विभाग की तर्ज पर हर साल होनी चाहिए। लिहाजा इस प्रस्ताव को वर्ष 2020 के आधार संशोधित कर सरकार से पास करवाया जाए।
विभाग ने होमगार्ड जवानों के मेहनताना वृद्धि की सिफारिश सरकार को प्रस्ताव के रूप में की हुई है। मामला विचाराधीन है। जिस पर सरकार को निर्णय लेना है। यदि मेहनताना बढ़ता है, तो निसंदेह होमगार्ड जवानों का हौसला भी बढ़ेगा और वे ज्यादा उत्साह से काम करेंगे। जल्द ही सरकार स्तर पर इस संदर्भ में बैठक होनी है। उम्मीद है जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। - एसके जैन, एडीजीपी, हरियाणा होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस निदेशालय।