पंजाबः अमृतसर में हाईवे पर प्रवासी मजदूरों का विरोध प्रदर्शन, बोले- सड़क पर रहने को मजबूर हैं
प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए किए जा रहे बसों व ट्रेन के प्रबंध नाकाफी होने से गुस्साए सैकड़ों मजदूरों ने शुक्रवार को वेरका-जालंधर बाईपास के पास विरोध प्रदर्शन कर पंजाब सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। प्रशासन ने बिहार जाने वाले इन मजदूरों को वेरका बाईपास के नजदीक एक रिसोर्ट में बुलाया। ताकि वहां इन प्रवासी मजदूरों की टेस्टिंग कर उन्हें बसों में बैठाकर लुधियाना भेजा जा सके।
वहां से ट्रेन से वह बिहार के लिए रवाना हो सके। अपने घरों को जाने के लिए रिसोर्ट में भारी संख्या में मजदूर जमा हो गए। अपने बच्चों व भारी सामान के साथ पहुंचे मजदूरों को चार घंटे के इंतजार के बाद प्रशासन ने घोषणा कर दी की बसें आज नहीं रवाना होंगी।
इस घोषणा ने मजदूर भड़क गए। उन्होने बाईपास में जाम लगाकर पंजाब सरकार का विरोध करना शुरू कर दिया। मजदूरों की मांग थी प्रशासन उनको घर भेजने के लिए पहले बुलाता है, चार घंटे के बाद बसें नहीं चलेगी का फरमान जारी कर देता है। वहां पर मौजूद शिअद (बादल) के प्रवासी विंग के चेयरमैन महेश वर्मा ने कहा की प्रशासन ने इन मजदूरों को गुरुवार को भी बुलाया था।
कई घंटे बाद उन्हें शुक्रवार को आने के लिए कहा गया था। प्रशासन मजदूरों को परेशान कर रहा है। अमृतसर से बिहार जाने के लिए 65 मजदूरों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। जबकि गुरुनगरी से दो लाख मजदूर घर जाना चाहते हैं। इनके पास न पैसे हैं, न राशन। जब तक सरकार इनको घर भेजने का प्रबंध नहीं कर पाती इनके खाने-पीने का प्रबंध सरकार करे। बाद में मजदूरों को स्थानीय गुरुद्वारों में शरण दी गई।
Punjab: Migrant workers hold a protest at Bypass road in Amritsar. A migrant, Pulkit says, "Yesterday, our health screening was done. We boarded a bus also, but were told that our train has been cancelled. We are forced to stay on road now. We request Government to send us home". pic.twitter.com/wvkBwaWC7x— ANI (@ANI) May 29, 2020