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Hindi News ›   Chandigarh ›   MHA Officers Meeting with Home Minister Rajnath Singh

राजनाथ ने दी चंडीगढ़ के व्यापारियों को संजीवनी

Wed, 25 Jun 2014 12:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 25 Jun 2014 12:38 PM IST
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MHA Officers Meeting with Home Minister Rajnath Singh

केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने यूटी प्रशासन को चंडीगढ़ में तुरंत प्रभाव से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम-2006 (एमएसएमई एक्ट) लागू करने को कहा है। मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में हुई बैठक में गृह मंत्रालय के केंद्र शासित डिवीजन के कामकाज की समीक्षा की।

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उन्होंने एमएचए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि चंडीगढ़ प्रशासन को इस अधिनियम को जल्द से जल्द लागू करने को कहें। बैठक के दौरान सिंह ने कहा कि संसद ने इस अधिनियम का कानून बनाया था, जिसे विभिन्न राज्य सरकारें लागू करने की प्रक्रिया में हैं। लेकिन, चंडीगढ़ को अभी इसे लागू करना है।
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उन्होंने कहा कि यह अधिनियम बीमार, मध्यम और लघु इकाइयों को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहला मौका नहीं है जब एमएचए ने प्रशासन से इस एक्ट को लागू करने को कहा है। पिछले साल शहर के उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल मांगों को लेकर गृह मंत्रालय और पीएमओ अफसरों से मिला था। प्रशासन के अधिकारियों को भी इस बैठक में बुलाया गया था।
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बैठक में गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (यूटी) आईएस चाहल ने प्रशासन के अधिकारियों को उद्योगपतियों की दिक्कतों को गंभीरता से लेते हुए इस एक्ट को लागू करने को कहा था। एमएसएमई मंत्रालय के निदेशक पीके सिन्हा ने भी प्रशासन के अधिकारियों को दिल्ली की तरह चंडीगढ़ में एमएसएमई एक्ट 2006 लागू करने को कहा था। गृह मंत्रालय ने प्रशासन को स्पष्ट किया था कि वह एक्ट के अनुसार इंडस्ट्री और इंटरप्राइज को एक ही मानें।

प्रशासन के लिए बना गले की फांस
एमएसएमई एक्ट प्रशासन के लिए गले की फांस बन गया है। प्रशासन एक्ट को न तो पूरी तरह से स्वीकार कर पा रहा और न ही इसे पूरी तरह से लागू किया गया है। कुछ समय पहले ‘सूचना का अधिकार’ कानून के तहत मांगी गई जानकारी में प्रशासन ने माना था कि शहर में एमएसएमई एक्ट लागू है, लेकिन इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। एमएसएमई एक्ट को पूरी तरह से लागू करने में होने वाली देरी की वजह संपदा विभाग है। 18 सितंबर, 2008 को प्रशासन के संपदा विभाग ने कन्वर्जन पॉलिसी बंद कर थी, जिससे यह एक्ट पूरी तरह से लागू नहीं हो पा रहा है।

संपदा विभाग को वापस लेने होंगे नोटिस
चंडीगढ़ में अगर एमएसएमई एक्ट लागू होता है तो इंडस्ट्रियल एरिया में 200 से अधिक उद्योगपतियों को जारी किए गए मिसयूज और वॉयलेशन के नोटिस संपदा विभाग को वापस लेने होंगे। इस एक्ट के लागू होने पर इंडस्ट्रियल एरिया में हर प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि की जा सकेगी। केंद्र सरकार ने 2006 में एमएसएमई एक्ट पारित किया था, जिसके तहत इंडस्ट्रियल एरिया में डेंटिंग, पेंटिंग सहित आटोमोबाइल सर्विस स्टेशन, आईटी एंड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज, सर्विस सेंटर्स, बैंकिंग सर्विसेज, वेयर हाउसिंग, कॉल सेंटर्स, वीडियो फिल्म मेकिंग का काम शुरू किया जा सकता है। लेकिन, प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया में सिर्फ आईटी सेवाओं को ही मंजूरी दी है।


धरोहर संबंधी नियमों की व्यवस्था की जाए

दिल्ली में हुई बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यूटी प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि यदि शहर की निजी संपत्ति को धरोहर घोषित किया जाता है, तो पर्याप्त पूरक प्रावधानों के लिए धरोहर संबंधी नियमों की व्यवस्था की जाए। सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ में धरोहर संरक्षण समिति है, जो ढांचों/ इमारतों आदि को धरोहर घोषित करने के संबंध में सूची बनाने के काम में लगी हुई है।

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