बतौर सांसद किरण खेर की सदन में पहली एंट्री हंगामेदार
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नगर निगम सदन में बतौर सांसद किरण खेर की पहली एंट्री बेहद हंगामेदार रही। बैठक में किरण खेर ने ज्यों ही लिखित भाषण पढ़ना शुरू किया। कांग्रेसी पार्षदों ने तना कसा कि सांसद को शहर के मुद्दों की जानकारी नहीं है।
पूर्व मेयर सुभाष चावला ने चुटकी ली कि किरण खेर को उनकी जानकारी से ज्यादा कागज थमा दिए गए हैं। चावला के यह कहते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। भाजपा पार्षदों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया।
चावला की इस टिप्पणी पर भाजपा-अकाली पार्षद दल के नेता अरुण सूद ने कहा कि उनके ये संस्कार हैं किसी का स्वागत करने के। इस हंगामे के कुछ देर बाद ही मेयर ने ब्रेक के लिए कह दिया। किरण खेर ब्रेक के बाद बैठक में वापस ही नहीं आईं।
मेरी एंट्री हों और बिजलियां न कड़कें : खेर
बैठक के दौरान किरण ने कहा कि जब मेरी एंट्री हो और बिजलियां न कड़कें, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। ध्यान रहे कि चुनाव के वक्त जब किरण पहली बार चंडीगढ़ आईं थी तब भी उनका खूब विरोध हुआ था।
किरण ने कहा कि निगम की पहली बैठक में आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। वह सिर्फ भाजपा पार्षदों की सांसद नहीं हैं बल्कि वह कांग्रेस और सभी दलों के लिए सांसद हैं।
इसलिए वह सबके साथ तालमेल बनाकर काम करेंगी। किरण का कहना है कि सबसे पहले वे निगम में स्टाफ की कमी को दूर करेंगी।
किरण ने गिनाईं निगम की कमियां
- निगम में स्टाफ की बड़ी शॉर्टेज है
- निगम में बजट का पूरा इस्तेमाल ही नहीं होता
- शहर में लावारिस कुत्तों की समस्या का हल नहीं हुआ
- पीने के पानी की बड़ी किल्लत है और वेस्ट पर निगम ने कुछ नहीं किया
- शहर में सफाई की बड़ी दिक्कत है
देखिए तस्वीरें- निगम की बैठक में बतौर सांसद किरण खेर की हंगामेदार एंट्री