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Chandigarh News: आंगनबाड़ी वर्कर्स और सरकार की बैठक, नहीं बनी सहमति, 27 को सीएम आवास घेराव का ऐलान
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तीन घंटे तक चली बैठक में कई मद्दों पर हुई चर्चा, अधिकारियों ने दिया केवल आश्वासन
चंडीगढ़। लंबित मांगों को लेकर आंदोलित आंगनबाड़ी वर्कर्स और हरियाणा सरकार के बीच सोमवार को बैठक हुई। लेकिन तीन घंटे तक चली बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि एक महीने में उनकी समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा। आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन ने ऐलान किया कि 27 अक्तूबर को प्रदेशभर की हजारों महिला कार्यकर्ता चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करेंगी।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा और हरियाणा बाल विकास आंगनबाड़ी वूमेन वर्कर यूनियन की पदाधिकारियों ने महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार, महिला एवं विकास परियोजना की डायरेक्टर मोनिका मलिक के साथ बैठक की। इस दौरान आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश महासचिव संतोष रावल, सुमित्रा मलिक, सुनीता धीमान, इंदिरा देवी, कमला देवी कैथल शारदा रतन, रेखा और कार्यकारी महासचिव बिजनेश राणा समेत अन्य मौजूद रहे। हरियाणा राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण लाल गुर्जर, उपाध्यक्ष राम सिंह गिल और महासचिव संतोष रावल ने बताया कि सालों से फील्ड में आंगनबाड़ी केंद्रों की बहुत ही खराब स्थिति हैं। यहां तक कि वर्कर व हेल्पर को सिलेंडर के पैसे भी खुद की जेब से देने पड़ते हैं। कई-कई महीनों से आंगनबाड़ी के जो भवन किराए पर लिए गए हैं उनका पैसा भी आज तक नहीं मिला। निदेशक मोनिका मलिक ने आश्वासन दिया कि एक महीने में समस्याओं का हल कर दिया जाएगा। इसके बाद दोपहर दो से लेकर पांच बजे तक सेक्टर-17 चंडीगढ़ में महिला एवं बाल विकास परियोजना की प्रिंसिपल सेक्रेटरी के साथ भी प्रतिनिधि मंडल ने मांगों पर बातचीत की। इस दौरान कुछ मांगों पर सहमति बनी और अन्य मांगों का आश्वासन दिया, जिस पर उन्होंने एतराज जताते हुए कहा कि हमारी सभी मांगों का जब तक समाधान नहीं होता तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
26 -27 अक्तूबर को प्रदेश में जिला स्तर पर प्रदर्शन करेंगी वर्कर
आंगनबाड़ी यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने भी एसीसी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में सीटू प्रदेश महासचिव जय भगवान, राज्य अध्यक्ष देवेंद्री शर्मा, उपाध्यक्ष रूपा राणा, रोशनी, प्रोमिला, राजबाला, कार्यकारी महासचिव बिजनेश राणा, सचिव कृष्णा जांगड़ा, मालवती, बीरो देवी, सोना देवी शामिल थे। यूनियन नेताओं ने वार्ता के बाद कहा कि राज्य में 48,000 आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स में रोष व्याप्त है। तमाम मुद्दों पर बातचीत सकारात्मक रही। लेकिन इस बारे में सरकार निर्णय ले। अपनी मांगों को लेकर 26 और 27 सितम्बर को प्रदेश की आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स जिला स्तर पर प्रदर्शन करेगी।
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अधिकारियों ने दिया आश्वासन
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस केस वापस लेने की प्रक्रिया जारी है, हड़ताल के दौरान का बकाया 75 प्रतिशत मानदेय व बर्खास्त वर्कर्स और हेल्पर्स का मानदेय जारी करने के गंभीर प्रयास हो रहे हैं। जींद की बर्खास्त वर्कर की बहाली होगी। वर्दी का बढ़ा पैसा व आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया इस महीने भेज दिया जाएगा। हेल्पर्स से वर्कर की पदोन्नति 50 प्रतिशत करने का फैसला केंद्र सरकार कर चुकी है। खाली पदों पर भर्ती होगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में कुर्सी, रजिस्टर, फर्नीचर, बर्तनों आदि की व्यवस्था जनवरी तक होगी। 2020 से 2023 का बकाया ईंधन का पैसा भी जारी होगा। मानदेय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री के साथ बात करके इस दिशा में सकारात्मक हल होगा।
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चंडीगढ़। लंबित मांगों को लेकर आंदोलित आंगनबाड़ी वर्कर्स और हरियाणा सरकार के बीच सोमवार को बैठक हुई। लेकिन तीन घंटे तक चली बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि एक महीने में उनकी समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा। आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन ने ऐलान किया कि 27 अक्तूबर को प्रदेशभर की हजारों महिला कार्यकर्ता चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करेंगी।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा और हरियाणा बाल विकास आंगनबाड़ी वूमेन वर्कर यूनियन की पदाधिकारियों ने महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार, महिला एवं विकास परियोजना की डायरेक्टर मोनिका मलिक के साथ बैठक की। इस दौरान आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश महासचिव संतोष रावल, सुमित्रा मलिक, सुनीता धीमान, इंदिरा देवी, कमला देवी कैथल शारदा रतन, रेखा और कार्यकारी महासचिव बिजनेश राणा समेत अन्य मौजूद रहे। हरियाणा राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण लाल गुर्जर, उपाध्यक्ष राम सिंह गिल और महासचिव संतोष रावल ने बताया कि सालों से फील्ड में आंगनबाड़ी केंद्रों की बहुत ही खराब स्थिति हैं। यहां तक कि वर्कर व हेल्पर को सिलेंडर के पैसे भी खुद की जेब से देने पड़ते हैं। कई-कई महीनों से आंगनबाड़ी के जो भवन किराए पर लिए गए हैं उनका पैसा भी आज तक नहीं मिला। निदेशक मोनिका मलिक ने आश्वासन दिया कि एक महीने में समस्याओं का हल कर दिया जाएगा। इसके बाद दोपहर दो से लेकर पांच बजे तक सेक्टर-17 चंडीगढ़ में महिला एवं बाल विकास परियोजना की प्रिंसिपल सेक्रेटरी के साथ भी प्रतिनिधि मंडल ने मांगों पर बातचीत की। इस दौरान कुछ मांगों पर सहमति बनी और अन्य मांगों का आश्वासन दिया, जिस पर उन्होंने एतराज जताते हुए कहा कि हमारी सभी मांगों का जब तक समाधान नहीं होता तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
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26 -27 अक्तूबर को प्रदेश में जिला स्तर पर प्रदर्शन करेंगी वर्कर
आंगनबाड़ी यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने भी एसीसी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में सीटू प्रदेश महासचिव जय भगवान, राज्य अध्यक्ष देवेंद्री शर्मा, उपाध्यक्ष रूपा राणा, रोशनी, प्रोमिला, राजबाला, कार्यकारी महासचिव बिजनेश राणा, सचिव कृष्णा जांगड़ा, मालवती, बीरो देवी, सोना देवी शामिल थे। यूनियन नेताओं ने वार्ता के बाद कहा कि राज्य में 48,000 आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स में रोष व्याप्त है। तमाम मुद्दों पर बातचीत सकारात्मक रही। लेकिन इस बारे में सरकार निर्णय ले। अपनी मांगों को लेकर 26 और 27 सितम्बर को प्रदेश की आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स जिला स्तर पर प्रदर्शन करेगी।
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अधिकारियों ने दिया आश्वासन
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस केस वापस लेने की प्रक्रिया जारी है, हड़ताल के दौरान का बकाया 75 प्रतिशत मानदेय व बर्खास्त वर्कर्स और हेल्पर्स का मानदेय जारी करने के गंभीर प्रयास हो रहे हैं। जींद की बर्खास्त वर्कर की बहाली होगी। वर्दी का बढ़ा पैसा व आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया इस महीने भेज दिया जाएगा। हेल्पर्स से वर्कर की पदोन्नति 50 प्रतिशत करने का फैसला केंद्र सरकार कर चुकी है। खाली पदों पर भर्ती होगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में कुर्सी, रजिस्टर, फर्नीचर, बर्तनों आदि की व्यवस्था जनवरी तक होगी। 2020 से 2023 का बकाया ईंधन का पैसा भी जारी होगा। मानदेय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री के साथ बात करके इस दिशा में सकारात्मक हल होगा।