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हरियाणाः किलोमीटर स्कीम रद करने पर अफसरों के हाथ खड़े, घाटे की समीक्षा करेगा रोडवेज

Sat, 14 Sep 2019 12:19 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 14 Sep 2019 12:19 AM IST
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Meeting Between Officers And Roadways  Leaders
फाइल फोटो

हरियाणा में पिछले काफी समय से गरमाए किलोमीटर स्कीम योजना के तहत बसें चलाने के ज्वलंद मुद्दे पर शुक्रवार को भी अफसरों और रोडवेज नेताओं के बीच बातचीत सिरे नहीं चढ़ पाई। दोनों पक्षों में पौने तीन घंटे तक चली दो दौर की बैठक में कई मांगों को सिरे चढ़ाने संबंधी कार्यवाही भी शुरू की गई, मगर बात जब किलोमीटर स्कीम योजना पर आई तो आला अफसरों ने अपने हाथ खड़े कर दिए।

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विभाग के अफसरों का कहना था कि यह मुद्दा उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इस पर निर्णय हरियाणा मंत्रिमंडल ही ले सकता है। लिहाजा वे इस मुद्दे पर किसी प्रकार की निर्णायक भूमिका में नहीं है। इसी बात से नाराज रोडवेज नेताओं ने यह साफ कर दिया है कि जब तक सरकार इस योजना को रद नहीं करेगी, उनका विरोध जारी रहेगा। 
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तीन दिन तक हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की तालमेल कमेटी इंतजार करेगी। उसके बाद आगामी रणनीति तय करेगी। इस बैठक के दौरान परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीसी गुप्ता, डायरेक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट वीरेंद्र दहिया समेत अन्य अफसर और तालमेल कमेटी की ओर से वीरेंद्र सिंह धनखड़, इंद्र सिंह बधाना, दलबीर किरमारा, अनूप सहरावत, सरबत सिंह पूनिया, पहल सिंह तंवर, आजाद सिंह गिल व विजय अहलावत शामिल रहे। इंटक नेता प्रदीप बूरा ने कहा कि उनका समर्थन भी पूरी तरह तालमेल कमेटी को है।
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घाटे के कारण जानने हर डिपो में जाएंगे निदेशक
इस बैठक में हरियाणा रोडवेज के घाटे का मुद्दा भी उठाया गया। रोडवेज घाटे में है और यह घाटा आखिरकार क्यों बढ़ रहा है। इसके लिए कई कारण गिनवाते रोडवेज नेताओं ने अवैध रूप से प्राइवेट बसों के हरियाणा में आवाजाही को इसका एक बड़ा कारण बताया। जिसके चलते परिवहन विभाग के आला अफसरों के निर्देशों पर यह तय किया गया कि निदेशक राज्य परिवहन वीरेंद्र दहिया अगले सप्ताह के बाद प्रदेश के सभी 24 रोडवेज डिपो में खुद जाएंगे।

वहां स्थानीय अफसरों और यूनियन नेताओं के साथ बैठकर घाटे की समीक्षा कर कारणों की जमीनी हकीकत जानेंगे। एक हफ्ते में दो रोडवेज डिपो कवर किए जाएंगे और समीक्षा रिपोर्ट हर डिपोवाइज तैयार कर अतिरिक्त मुख्य सचिव को सौंपी जाएगी। बैठक में हर साल बेडे़ में दो हजार बसों को बढ़ाते हुए प्रदेश में सरकारी बसों की संख्या प्रदेश की आबादी के अनुरूप करीब 14 हजार करने का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। इस अवसर पर कुल 34 सूत्रीय मांग पत्र पर चर्चा की गई।

इन मुद्दों पर बनी सहमति

  • करीब 1100 हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा के तहत केस व अन्य कार्यवाहियों को वापस लेने संबंधी फाइल को आखिरी निर्णय लिए सीएम को भेज दिया गया है।
  • रोडवेज की कर्मशालाओं में कार्यरत 57 कर्मचारियों को हेड मैकेनिक से प्रोमोट कर एसएसआई बनाया जाएगा।
  • विभाग के 21 ड्राइवरों को पदोन्नत कर यार्ड मास्टर बनाया जाएगा।
  • प्रदेश में रोडवेज विभाग के खाली पड़े उप निरीक्षक व निरीक्षक के करीब 400 पदों को जल्द भरा जाएगा।
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