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प्राइवेट हॉस्पिटल्स एवं डॉक्टर्स के लिए बेहद अहम फरमान

Thu, 23 Apr 2015 02:13 PM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 23 Apr 2015 02:13 PM IST
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medical council important instruction for private hospitals and doctors

पंजाब मेडिकल काउंसिल ने निजी अस्पतालों और प्राइवेट प्रैक्टिशनर्स की लूट पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। काउंसिल ने सभी प्रैक्टिशनर्स को निर्देश जारी किए हैं कि उन्हें हर तरह की जांच और इलाज की फीस बोर्ड पर लिखनी होगी।

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पीएमसी ने इंडियन मेडिकल (प्रोफेशनल कंडक्ट एटिकेट्स एंड एथिक्स) रेगुलेशन केतहत सभी प्रैक्टिशनर्स को आगाह किया है। डॉक्टरों को इलाज से पहले मरीज को सारा खर्च बताना होगा। न कि इलाज के दौरान या ऑपरेशन होने के बाद। फिजीशियन को फीस व अन्य चार्ज साफ-साफ अपने चेंबर या अस्पताल में बोर्ड पर डिस्प्ले करने होंगे।
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इसमें कंसल्टेशन फीस, स्टेंट, ऑर्थोपेडिक इंप्लांट या अन्य मेडिकल डिवाइस के रेट, ऑपरेटिव फीस, लैब जांच के रेट, रेडियोलॉजी जांच के रेट, इंडोर मरीजों के लिए वार्ड का खर्च और अन्य मेडिकल व सर्जिकल प्रोसिजर की फीस शामिल है। कोई भी डॉक्टर मरीज को रेफर करने केबदले में कमीशन या गिफ्ट ले या दे नहीं सकेगा।
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काउंसिल ने निर्देश दिए हैं कि सभी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर, इंस्टीट्यूशन और ऑर्गेनाइजेशन इन जरूरी नियमों का पालन यकीनी बनाएं। इनका उल्लंघन करने पर उनका नाम मेडिकल रजिस्टर से कुछ समय के लिए या हमेशा के लिए हटाया जा सकता है। इसके अलावा कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

सभी निजी अस्पतालों को पब्लिक नोटिस के जरिए बोर्ड पर सारी फीस लिखने और एथिक्स का पालन करने के बारे में आगाह किया गया है। जल्द ही काउंसिल की टीमें इसकी जांच शुरू करेंगी। उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। मेडिकल कॉलेजों की भी जांच की जाएगी कि वे करिकलम के मुताबिक पढ़ाई करा रहे हैं या नहीं। चिकित्सा शिक्षा के स्तर से समझौता नहीं होने दिया जाएगा।

- डॉ. जीएस गरेवाल, प्रेसिडेंट, पंजाब मेडिकल काउंसिल

मेडिकल कॉलेजों पर भी कसा शिकंजा
पंजाब मेडिकल कॉलेज ने मेडिकल कॉलेजों पर भी शिकंजा कस दिया है। काउंसिल को जानकारी मिली थी कि कई जगह निर्धारित करिकलम के मुताबिक पढ़ाई नहीं हो रही है। काउंसिल ने सभी कॉलेजों को पत्र जारी कर यह घोषणा पत्र मांगा है कि वे क्या पढ़ा रहे हैं।



काउंसिल ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के वीसी के अलावा सीएमसी, डीएमसी, श्री गुरु राम दास इंस्टीट्यूट, ज्ञान सागर मेडिकल कॉलेज, पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि कॉलेज, संबंधित यूनिवर्सिटी द्वारा नोटिफाइड करिकलम के मुताबिक पढ़ाई कराने को बाध्य हैं। पीएमसी की टीमें अचानक चेकिंग कर इसकी जांच करेंगी।

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