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जानिए सिद्धू के चुनाव न लड़ने के क्या हैं मायने, कांग्रेस से क्या हुई डील?

Thu, 24 Nov 2016 05:24 PM IST
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 24 Nov 2016 05:24 PM IST
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meanings of to not to contest in elections of Sidhu, deal with the Congress?
सिद्धू के चुनाव न लड़ने के क्या हैं मायने? - फोटो : File Photo
पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह की मानें तो पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू का कांग्रेस में आना तय है, लेकिन वे विधानसभा नहीं लड़ेंगे। विधानसभा चुनाव में स्टार कैंपेनर की तरह उतरेंगे। उन्हें कैप्टन की जगह अमृतसर संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़वाया जा सकता है। ऐसा इसलिए भी लग रहा है कि बुधवार को ही कैप्टन ने लोकसभा से अपना इस्तीफा स्पीकर को सौंपा है। 
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कहा जा सकता है कि नवजोत सिद्धू ने अपना मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। यह बात जगजाहिर है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच तनातनी रही है और सिद्धू ने अभी कांग्रेस में शामिल न होकर बता भी दिया कि वह कैप्टन की प्रधानगी में नहीं रहेंगे। कांग्रेस के लिए सिद्धू दंपति को टिकट देना संभव नहीं था। इसलिए पत्नी तो 28 नवंबर को कांग्रेस में शामिल हो जाएंगी लेकिन सिद्धू खुद कब औपचारिक तौर पर कांग्रेस का हाथ थामेंगे यह किसी को नही पता।
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वहीं, आम आदमी पार्टी को जाहिर तौर इससे घाटा होगा। उसके पास अभी भी सिख चेहरा नहीं है जिसे सीएम के तौर पर पेश कर सके। नवजोत सिद्धू के तौर पर 'आप' को एक सिख चेहरा मिल सकता था। खैर, यदि चुनाव कैंपेन के दौरान सिद्धू ने 'आप' को निशाना बनाया तो 'आप' को नुकसान होना भी तय है।
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कांग्रेस ज्वाइंन करना, मजबूरी में लिया गया फैसला?

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नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : File Photo
भाजपा से इस्तीफा देने के बाद सिद्धू के 'आवाज-ए-पंजाब' की आम आदमी पार्टी से बात नहीं बन पाई थी। बीते सोमवार को फ्रंट के दो सदस्य बैंस ब्रदर्स ने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया था। इसके बाद सिद्धू के पास खास विकल्प नहीं बचे थे। आप में उनके लिए सारे रास्ते बंद हो चुके थे। ऐसे में कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प बचा था। 

ये पटकथा एक दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार रात को नई दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल ने प्रशांत किशोर और कैप्टन के साथ मीटिंग की थी। इसी मीटिंग में डॉ. नवजोत कौर और परगट सिंह को कांग्रेस ज्वाइन कराने पर मुहर लगाई गई। सिद्धू इससे पहले प्रशांत के साथ सब कुछ तय कर चुके थे।  

सूत्रों के मुताबिक बाद में नवजोत सिंह सिद्धू अब कभी भी कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं, लेकिन कब करेंगे यह किसी को नही मालूम। कांग्रेस की ओर से बुधवार रात को जारी बयान के मुताबिक डॉ. नवजोत कौर व परगट सिंह ने पार्टी हाईकमान से मुलाकात की, जिसमें ज्वाइनिंग पर फैसला हुआ। उसके बाद दोनों नेताओं ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से उनके निवास पर मुलाकात की।
 
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