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यहां जरा संभ्ालकर जाइए
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Mon, 09 Dec 2013 01:14 AM IST
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सेक्टर-5 एमडीसी में सड़क मार्ग पर कई खतरनाक प्वाइंट हैं, जिससे वाहन चालकों के अलावा पैदल चलने वाले लोगों के लिए खतरा है।
न तो मार्केट के लिए बने कट पर लाइट प्वाइंट हैं और न ही मनसा देवी अंडरपास को पार करते ही बने तिराहे पर। ट्रैफिक के लिहाज से यह तिराहा सबसे खतरनाक है।
इन मार्गों से ही रोजाना आईटी पार्क, चंडीगढ़ के स्कूल-कालेज और दफ्तरों में जाने वाले रोजाना हजारों की संख्या में आ-जा रहे हैं।
हैरत की बात यह है कि इन जगहों पर ट्रैफिक लाइट प्वाइंट्स लगाने के लिए कई बार नगर निगम, हुडा और पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन किसी ने पहल नहीं की।
सोसाइटियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि सिंह द्वार से एमडीसी-5 में दाखिल होने के लिए अगर किसी वाहन को सड़क पार करना है तो लंबा इंतजार करना पड़ता है। यदि जल्दबाजी की तो हादसा तय है।
इसी कट को पार करते ही स्वास्तिक विहार की मार्केट है, लेकिन वहां पहुंचने के लिए भी पैदल सड़क पार करना एक बड़ी समस्या है।
अंडरपास से होकर एमडीसी या मनीमाजरा की ओर जाने वाले वाहन चालकों के साथ भी हादसा होने की आशंका रहती है। अंडरपास से निकलने या प्रवेश करने वाले वाहनों की रफ्तार तेज होती है। ऐसे में कभी भी मोड़ पर बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए ट्रैफिक लाइट प्वाइंट का होना सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
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केपी शर्मा
सेक्टर के अंदर भी स्कूली बसों के आवागमन के दौरान दूसरे वाहनों के साथ टक्कर होने का खतरा बना रहता है। मार्केट के सामने जीएच-तीन के पास भी लाइट प्वाइंट होना जरूरी है। सिंह द्वार से एमडीसी में प्रवेश करने के लिए वाहन चालकों या पैदल पार करने वालों को काफी इंतजार करना पड़ता है।
हरिओम
ट्रैफिक लाइट प्वाइंट नहीं होने की वजह से न केवल एक्सिडेंट का खतरा होता है, बल्कि कई बार जाम की समस्या से भी लोगों को जूझना पड़ता है। बेहतर ट्रैफिक संचालन और सुरक्षित सफर के लिए लाइट प्वाइंट होना जरूरी है।
जीडी मेहरा
नगर निगम, हुडा और पुलिस से इस बारे में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई है। यह एक गंभीर समस्या है। प्राथमिकता के आधार पर इसका हल होना चाहिए।
राज पुष्कर्णा
यह समस्या न केवल एमडीसी-पांच, बल्कि पूरे पंचकूला, चंडीगढ़ वासियों के लिए परेशानी का सबब बना है। कोई भी इस रास्ते से गुजरते हुए हादसे का शिकार हो सकता है।
टीआर तेजपाल
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न तो मार्केट के लिए बने कट पर लाइट प्वाइंट हैं और न ही मनसा देवी अंडरपास को पार करते ही बने तिराहे पर। ट्रैफिक के लिहाज से यह तिराहा सबसे खतरनाक है।
इन मार्गों से ही रोजाना आईटी पार्क, चंडीगढ़ के स्कूल-कालेज और दफ्तरों में जाने वाले रोजाना हजारों की संख्या में आ-जा रहे हैं।
हैरत की बात यह है कि इन जगहों पर ट्रैफिक लाइट प्वाइंट्स लगाने के लिए कई बार नगर निगम, हुडा और पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन किसी ने पहल नहीं की।
सोसाइटियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि सिंह द्वार से एमडीसी-5 में दाखिल होने के लिए अगर किसी वाहन को सड़क पार करना है तो लंबा इंतजार करना पड़ता है। यदि जल्दबाजी की तो हादसा तय है।
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इसी कट को पार करते ही स्वास्तिक विहार की मार्केट है, लेकिन वहां पहुंचने के लिए भी पैदल सड़क पार करना एक बड़ी समस्या है।
अंडरपास से होकर एमडीसी या मनीमाजरा की ओर जाने वाले वाहन चालकों के साथ भी हादसा होने की आशंका रहती है। अंडरपास से निकलने या प्रवेश करने वाले वाहनों की रफ्तार तेज होती है। ऐसे में कभी भी मोड़ पर बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए ट्रैफिक लाइट प्वाइंट का होना सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
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केपी शर्मा
सेक्टर के अंदर भी स्कूली बसों के आवागमन के दौरान दूसरे वाहनों के साथ टक्कर होने का खतरा बना रहता है। मार्केट के सामने जीएच-तीन के पास भी लाइट प्वाइंट होना जरूरी है। सिंह द्वार से एमडीसी में प्रवेश करने के लिए वाहन चालकों या पैदल पार करने वालों को काफी इंतजार करना पड़ता है।
हरिओम
ट्रैफिक लाइट प्वाइंट नहीं होने की वजह से न केवल एक्सिडेंट का खतरा होता है, बल्कि कई बार जाम की समस्या से भी लोगों को जूझना पड़ता है। बेहतर ट्रैफिक संचालन और सुरक्षित सफर के लिए लाइट प्वाइंट होना जरूरी है।
जीडी मेहरा
नगर निगम, हुडा और पुलिस से इस बारे में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई है। यह एक गंभीर समस्या है। प्राथमिकता के आधार पर इसका हल होना चाहिए।
राज पुष्कर्णा
यह समस्या न केवल एमडीसी-पांच, बल्कि पूरे पंचकूला, चंडीगढ़ वासियों के लिए परेशानी का सबब बना है। कोई भी इस रास्ते से गुजरते हुए हादसे का शिकार हो सकता है।
टीआर तेजपाल