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Chandigarh News: मेयर चार को नए सिरे से कराएंगे चुनाव होगी वीडियोग्राफी, आज से होंगे नामांकन
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चंडीगढ़। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव मंगलवार को नहीं हुआ। सांसद समेत केवल भाजपा पार्षद ही सदन पहुंचे। मेयर कुलदीप कुमार समेत आप व कांग्रेस पार्षद नहीं आए। उधर, हाईकोर्ट में करीब तीन घंटे की बहस के बाद डीसी ने चुनाव का नया कार्यक्रम पेश करते हुए कहा कि दोनों पदों के लिए चुनावी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की जाएगी। अधिसूचना के अध्ययन के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए वीडियोग्राफी के साथ चार मार्च को चुनाव कराने और मेयर कुलदीप कुमार को 28 फरवरी को पद संभालने का आदेश दिया।हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इंडिया गठबंधन से सीनियर डिप्टी मेयर के प्रत्याशी गुरप्रीत सिंह व डिप्टी मेयर की प्रत्याशी निर्मला देवी ने नए सिरे से चुनाव करवाने की अपील की थी। याचिका में बताया था कि डीसी ने अधिसूचना जारी कर 27 फरवरी को दोनों पदों के लिए चुनाव करवाने का आदेश जारी किया था। आदेश के अनुसार सीधे मतदान तय किया गया था और कहा गया था कि इन दोनों पदों के लिए नामांकन की प्रक्रिया जनवरी में ही पूरी की जा चुकी है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने नए सिरे से चुनाव करवाने के आदेश दिए थे।
चंडीगढ़ प्रशासन व नगर निगम ने इस याचिका का विरोध करते हुए सीधे चुनाव करवाने का निर्देश देने की अपील की थी। मंगलवार दोपहर तक जब मेयर कुलदीप कुमार चुनाव संपन्न करवाने के लिए सदन नहीं पहुंचे तो प्रशासन ने कहा कि अब आज चुनाव कराना संभव नहीं और डीसी की अधिसूचना का भी अब औचित्य नहीं रह गया। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि क्यों नहीं चुनाव की पवित्रता को बनाए रखने के लिए नए सिरे से चुनाव संपन्न करवाए जा रहे हैं। प्रशासन इस पर तैयार हो गया और दोपहर दो बजे डीसी नए सिरे से चुनाव की अधिसूचना लेकर हाईकोर्ट में हाजिर हो गए। इसके बाद कांग्रेस व आप गठबंधन के उम्मीदवारों ने इस पर अनापत्ति दे दी और याचिका का निपटारा हो गया। डीसी की ओर से जारी नई अधिसूचना के तहत चुनाव के लिए 28 और 29 फरवरी को नामांकन होंगे और चार मार्च को सुबह 10 बजे चंडीगढ़ नगर निगम में चुनाव होगा। सारे नियम पहले वाले ही रहेंगे।
भाजपा पार्षदों ने ढाई घंटे तक किया इंतजार
पहले की अधिसूचना के मुताबिक, मंगलवार सुबह 10 बजे भाजपा के सभी पार्षद सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यायल पहुंच गए और सदन में बैठकर कांग्रेस व आप के पार्षदों का इंतजार करने लगे। निगम के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे लेकिन मेयर कुलदीप कुमार नहीं पहुंचे। करीब ढाई घंटे तक भाजपा पार्षदों ने इंतजार किया। जब हाईकोर्ट से सूचना मिली कि चुनाव स्थगित हो गया है तब भाजपा पार्षद नारेबाजी करते हुए बाहर निकले। भाजपा पार्षद सौरभ जोशी ने नगर निगम के सचिव शंभू राठी को एक्ट का हवाला देकर कहा कि वह चाहें तो चुनाव प्रक्रिया को संपन्न करा सकते हैं। साथ ही कहा कि वह डीसी से बात करें और तुरंत फैसला लें ताकि पार्षदों का समय खराब न हो। पार्षद हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि यह चंडीगढ़ में पहली बार हो रहा है कि पार्षद वोट देने के लिए मौजूद हैं लेकिन उन्हें वोट देने नहीं दिया जा रहा। पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर कंवरजीत राणा ने कहा कि पूरे शहर ने देखा कि जो आम आदमी पार्टी चुनाव की मांग कर रही थी, अब खुद चुनाव से भाग रही है। राणा ने कहा कि जो मेयर चुनाव कराने से भाग सकता है वह शहर की जिम्मेदारियां क्या संभालेगा। पूर्व मेयर सरबजीत कौर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह चुनाव तय हुए थे लेकिन मेयर ने जानबूझकर चुनाव नहीं कराया। पार्षद जसमनप्रीत सिंह ने कहा कि आप को पता है कि उनके पास बहुमत नहीं है इसलिए वह चुनाव ही नहीं करना चाहते लेकिन सचिव ने कहा कि पीठासीन अधिकारी का इंतजार करना ही पड़ेगा।
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आप से भाजपा में गए तीनों पार्षद और अनिल मसीह नहीं पहुंचे
चुनाव के लिए भाजपा के सभी पार्षद सुबह नगर निगम पहुंचे लेकिन हाल ही में आम आदमी पार्टी से भाजपा में गईं वार्ड नंबर-16 की पार्षद पूनम, वार्ड नंबर-19 की पार्षद नेहा और वार्ड नंबर-20 के पार्षद गुरचरणजीत सिंह काला नहीं पहुंचे। वहीं, पिछले मेयर चुनाव में विवादों में रहे अनिल मसीह भी सदन में नजर नहीं आए। हालांकि, यह भी भाजपा की रणनीति थी। सूत्रों ने बताया कि तीनों पार्षद नगर निगम के आसपास ही कहीं मौजूद थे। पार्टी स्थिति को भांप रही थी। अगर मंगलवार को चुनाव होते तो तीनों पार्षद नगर निगम पहुंच जाते।
तो रोज फेस्टिवल में कूदकर मंच पर क्यों चढ़ गए थे कुलदीप : किरण खेर
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों के सदन में नहीं पहुंचने से सांसद किरण खेर खफा नजर आईं। वह कई बार गठबंधन के पार्षदों को कोसती हुई भी दिखाई दीं। सदन से बाहर निकलते हुए सांसद ने मेयर कुलदीप कुमार पर निशाना साधा। कहा कि मेयर की चुनाव कराने की मंशा ही नहीं थी। सांसद बोलीं- कुलदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने मेयर की कुर्सी नहीं संभाली। अगर ऐसा है तो फिर वह रोज फेस्टिवल के कार्यक्रम में कूदकर मंच पर क्यों चढ़ गए थे।
बॉक्स
ये हैं हाईकोर्ट के आदेश
- मेयर कुलदीप कुमार 28 फरवरी को सुबह 10 बजे पद संभालेंगे
- 28 व 29 फरवरी को सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन होंगे
- मेयर यह सुनिश्चित करेंगे कि चार मार्च को दोनों पदों के लिए चुनाव को संपन्न हो जाएं
- चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी, कोई भी पार्षद समर्थक या सुरक्षाकर्मी के साथ वोट देने नहीं आएगा
- सभी पार्षदों की सुरक्षा चंडीगढ़ पुलिस सुनिश्चित करेगी और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि परिसर के आस-पास किसी प्रकार की कोई गड़बड़ न हो
- चुनाव के दौरान नामित पार्षदों के प्रवेश पर रोक को मांग को हाईकोर्ट ने नकार दिया
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चंडीगढ़ प्रशासन व नगर निगम ने इस याचिका का विरोध करते हुए सीधे चुनाव करवाने का निर्देश देने की अपील की थी। मंगलवार दोपहर तक जब मेयर कुलदीप कुमार चुनाव संपन्न करवाने के लिए सदन नहीं पहुंचे तो प्रशासन ने कहा कि अब आज चुनाव कराना संभव नहीं और डीसी की अधिसूचना का भी अब औचित्य नहीं रह गया। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि क्यों नहीं चुनाव की पवित्रता को बनाए रखने के लिए नए सिरे से चुनाव संपन्न करवाए जा रहे हैं। प्रशासन इस पर तैयार हो गया और दोपहर दो बजे डीसी नए सिरे से चुनाव की अधिसूचना लेकर हाईकोर्ट में हाजिर हो गए। इसके बाद कांग्रेस व आप गठबंधन के उम्मीदवारों ने इस पर अनापत्ति दे दी और याचिका का निपटारा हो गया। डीसी की ओर से जारी नई अधिसूचना के तहत चुनाव के लिए 28 और 29 फरवरी को नामांकन होंगे और चार मार्च को सुबह 10 बजे चंडीगढ़ नगर निगम में चुनाव होगा। सारे नियम पहले वाले ही रहेंगे।
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भाजपा पार्षदों ने ढाई घंटे तक किया इंतजार
पहले की अधिसूचना के मुताबिक, मंगलवार सुबह 10 बजे भाजपा के सभी पार्षद सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यायल पहुंच गए और सदन में बैठकर कांग्रेस व आप के पार्षदों का इंतजार करने लगे। निगम के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे लेकिन मेयर कुलदीप कुमार नहीं पहुंचे। करीब ढाई घंटे तक भाजपा पार्षदों ने इंतजार किया। जब हाईकोर्ट से सूचना मिली कि चुनाव स्थगित हो गया है तब भाजपा पार्षद नारेबाजी करते हुए बाहर निकले। भाजपा पार्षद सौरभ जोशी ने नगर निगम के सचिव शंभू राठी को एक्ट का हवाला देकर कहा कि वह चाहें तो चुनाव प्रक्रिया को संपन्न करा सकते हैं। साथ ही कहा कि वह डीसी से बात करें और तुरंत फैसला लें ताकि पार्षदों का समय खराब न हो। पार्षद हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि यह चंडीगढ़ में पहली बार हो रहा है कि पार्षद वोट देने के लिए मौजूद हैं लेकिन उन्हें वोट देने नहीं दिया जा रहा। पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर कंवरजीत राणा ने कहा कि पूरे शहर ने देखा कि जो आम आदमी पार्टी चुनाव की मांग कर रही थी, अब खुद चुनाव से भाग रही है। राणा ने कहा कि जो मेयर चुनाव कराने से भाग सकता है वह शहर की जिम्मेदारियां क्या संभालेगा। पूर्व मेयर सरबजीत कौर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह चुनाव तय हुए थे लेकिन मेयर ने जानबूझकर चुनाव नहीं कराया। पार्षद जसमनप्रीत सिंह ने कहा कि आप को पता है कि उनके पास बहुमत नहीं है इसलिए वह चुनाव ही नहीं करना चाहते लेकिन सचिव ने कहा कि पीठासीन अधिकारी का इंतजार करना ही पड़ेगा।
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आप से भाजपा में गए तीनों पार्षद और अनिल मसीह नहीं पहुंचे
चुनाव के लिए भाजपा के सभी पार्षद सुबह नगर निगम पहुंचे लेकिन हाल ही में आम आदमी पार्टी से भाजपा में गईं वार्ड नंबर-16 की पार्षद पूनम, वार्ड नंबर-19 की पार्षद नेहा और वार्ड नंबर-20 के पार्षद गुरचरणजीत सिंह काला नहीं पहुंचे। वहीं, पिछले मेयर चुनाव में विवादों में रहे अनिल मसीह भी सदन में नजर नहीं आए। हालांकि, यह भी भाजपा की रणनीति थी। सूत्रों ने बताया कि तीनों पार्षद नगर निगम के आसपास ही कहीं मौजूद थे। पार्टी स्थिति को भांप रही थी। अगर मंगलवार को चुनाव होते तो तीनों पार्षद नगर निगम पहुंच जाते।
तो रोज फेस्टिवल में कूदकर मंच पर क्यों चढ़ गए थे कुलदीप : किरण खेर
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों के सदन में नहीं पहुंचने से सांसद किरण खेर खफा नजर आईं। वह कई बार गठबंधन के पार्षदों को कोसती हुई भी दिखाई दीं। सदन से बाहर निकलते हुए सांसद ने मेयर कुलदीप कुमार पर निशाना साधा। कहा कि मेयर की चुनाव कराने की मंशा ही नहीं थी। सांसद बोलीं- कुलदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने मेयर की कुर्सी नहीं संभाली। अगर ऐसा है तो फिर वह रोज फेस्टिवल के कार्यक्रम में कूदकर मंच पर क्यों चढ़ गए थे।
बॉक्स
ये हैं हाईकोर्ट के आदेश
- मेयर कुलदीप कुमार 28 फरवरी को सुबह 10 बजे पद संभालेंगे
- 28 व 29 फरवरी को सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन होंगे
- मेयर यह सुनिश्चित करेंगे कि चार मार्च को दोनों पदों के लिए चुनाव को संपन्न हो जाएं
- चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी, कोई भी पार्षद समर्थक या सुरक्षाकर्मी के साथ वोट देने नहीं आएगा
- सभी पार्षदों की सुरक्षा चंडीगढ़ पुलिस सुनिश्चित करेगी और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि परिसर के आस-पास किसी प्रकार की कोई गड़बड़ न हो
- चुनाव के दौरान नामित पार्षदों के प्रवेश पर रोक को मांग को हाईकोर्ट ने नकार दिया