मेयर ट्रेसपासिंग केस में जब सबूत देने की आई बारी तो सीसीटीवी हुए फेल
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मेयर आशा जसवाल और भाजपा के दो पार्षदों रवि शर्मा और राजेश कालिया पर ट्रेसपासिंग का केस दर्ज होने के बाद अब पुलिस की जांच ढीली पड़ती नजर आ रही है।
सोमवार को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने पुलिस स्नेहालय पहुंची तो वहां उसी जगह के सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए, जहां पर मेयर और पार्षदों पर हंगामा करने का आरोप है।
हालांकि पुलिस ने अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग हासिल कर ली है। वहीं स्नेहालय के गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड अनिल कुमार और राम अवतार ने भी पुलिस को दिए बयानों में कहा है कि 3 फरवरी को मेयर आशा जसवाल समेत करीब 35 लोग अंदर आए थे।
मेयर को करवाना चाहिए मामला दर्ज
इसके बाद अंदर क्या हुआ, उनको कुछ पता नहीं है। विदित रहे कि पुलिस ने मेयर और पार्षदों के खिलाफ स्नेहालय में जबरन घुसने, कर्मचारियों को धमकाने व कुकर्म पीड़ित लड़के की पहचान उजागर करने के मामले में केस दर्ज किया था।
वहीं मलोया थाना पुलिस मंगलवार को भी स्नेहालय के अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी।
मेयर को करवाना चाहिए मामला दर्ज
भाजपा के पूर्व पार्षद सतिंदर सिंह का कहना है कि अधिकारियों ने जो मामला दर्ज करवाया है वह मेयर की कुर्सी को बदनाम करने का प्रयास है। मेयर को चाहिए कि वह स्नेहालय से जुड़े अधिकारियों और समाज कल्याण की निदेशक के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाए, जिन्होंने साजिश के तहत झूठा मामला दर्ज करवाया है।