चंडीगढ़ः अब सड़कों पर वाहन दौड़ाएं पर जरा संभलकर, एक फोटो पहुंचा सकती है जेल...जानें कैसे
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आपकी ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाली फोटो यदि कोर्ट के सामने पहुंची तो अवमानना के तहत आपको जेल जाना पड़ सकता है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब सख्त रवैया अपनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि नियम का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों पर न्यायालय की अवमानना का केस चलाया जाएगा और एसएसपी और डीटीओ के माध्यम से नोटिस सर्व करने की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने ट्रैफिक मामले की सुनवाई के दौरान ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर यूटी प्रशासन को जुर्माने की राशि बढ़ाने पर विचार करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि ट्रैफिक नियम का उल्लंघन होता है तो पहली बार सीमित अवधि के लिए और दूसरी बार हमेशा के लिए वाहन जब्त करने के प्रावधान पर प्रशासन विचार करे। ट्रैफिक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने में ट्रैफिक पुलिस ने उल्लेखनीय कार्य किया है।
हालांकि चालान राशि कम होने के कारण उल्लंघन करने वालों पर लगाम नहीं लग पा रही है। जब तक नियमों का उल्लंघन करने वालों का मोटा चालान नहीं होगा और गंभीर उल्लंघन करने वालों के वाहन हमेशा के लिए जब्त नहीं होंगे तब तक स्थिति में सुधार मुश्किल है। कोर्ट ने कहा कि अब समय आ गया है कि सख्ती से ट्रैफिक नियमों का पालन किया जाए और सजा ऐसी हो कि उल्लंघन करने वाला सौ बार सोचे।
बसों के लिए डेडिकेटेड लेन पर विचार करने का आदेश
इस दौरान कोर्ट ने कहा कि हर गली या हर सड़क पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती नहीं की जा सकती है। ऐसे में हाई क्वालिटी कैमरा विभिन्न स्थानों पर लगाए जाएं और इनसे ऑटोमैटिक चालान जनरेट हों और मोटा जुर्माना वसूला जाए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने बस के लिए अलग से डेडिकेटेड लेन बनाने पर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि इस लेन पर केवल बस और इमरजेंसी वाहन जैसे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि को ही चलने की अनुमति हो।
ऑटोमैटिक लाइट पर विचार करें विचार
हाईकोर्ट ने कहा कि शहर में सारा समय ट्रैफिक एक जैसा नहीं रहता है और अक्सर यह देखा जाता है कि ट्रैफिक न होने पर भी लंबे समय तक लाल या हरी बत्ती रहती है। ऐसे में ऐसी व्यवस्था पर विचार किया जाए जिससे ट्रैफिक को देखते हुए लाइट के समय को रेगुलेट किया जा सके। कोर्ट ने इस बारे में यूटी प्रशासन को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।