{"_id":"61352c2c8ebc3e5acc329851","slug":"martyrs-sacrificed-for-the-country-irrespective-of-caste-chandigarh-news-pkl425810786","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीदों ने जात-पात से हटकर देश के लिए दिया बलिदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीदों ने जात-पात से हटकर देश के लिए दिया बलिदान
विज्ञापन
चंडीगढ़। देश के लिए कुछ कर जाने की हसरत लिए कुर्बान होने वाले शहीदों का जात-पात से दूर तक नाता नहीं था। उन्हें चाहिए थी तो सिर्फ देश की आजादी। इसे पाने के लिए वे अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट हुए और आखिर देश आजाद हो गए।
ये बातें जीरकपुर स्थित शेमरॉक वर्ल्ड स्कूल में थिएटर फॉर थिएटर ने सीएस शिंद्रा के शहीद उधम सिंह के जीवन पर आधारित नाटक आजाद मंच के मंचन में निकलकर आईं। इसमें शहीद उधम सिंह के विचारों और आजादी पाने के लिए उनके द्वारा डाले योगदान के बारे में बताया गया।
टीएफटी के कलाकारों ने जब नाटक शुरू किया तो शेमरॉक वर्ल्ड स्कूल का हॉल देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। सुदेश शर्मा ने नाटक निर्देशित करते हुए उस दौर को मौजूदा दौर से मिलाते हुए समाज के कई पक्षों पर कटाक्ष किए। जात-पात को आधार बनाते हुए लेखक ने संदेश दिया कि हमारे शूरवीरों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। वहीं आज हम जात-पात और धर्म में बंटकर उनकी कुर्बानियों को व्यर्थ कर रहे हैं। नाटक में जलियांवाला बाग के शहीदों का बदला लेने के लिए जलियांवाला बाग से लेकर लंदन के कॉक्सटन हॉल में जनरल डायर के अंत करने तक के सफर को मंच पर जीवंत किया गया। नाटक में शरणजीत सिंह, अंकुश, रविंदर, प्रिंस, गुरप्रीत, दविंदर, पंकज, जसपाल, ईशु, मिताली, सरबजीत, अमृत और हरविंदर ने भूमिका निभाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये बातें जीरकपुर स्थित शेमरॉक वर्ल्ड स्कूल में थिएटर फॉर थिएटर ने सीएस शिंद्रा के शहीद उधम सिंह के जीवन पर आधारित नाटक आजाद मंच के मंचन में निकलकर आईं। इसमें शहीद उधम सिंह के विचारों और आजादी पाने के लिए उनके द्वारा डाले योगदान के बारे में बताया गया।
विज्ञापन
टीएफटी के कलाकारों ने जब नाटक शुरू किया तो शेमरॉक वर्ल्ड स्कूल का हॉल देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। सुदेश शर्मा ने नाटक निर्देशित करते हुए उस दौर को मौजूदा दौर से मिलाते हुए समाज के कई पक्षों पर कटाक्ष किए। जात-पात को आधार बनाते हुए लेखक ने संदेश दिया कि हमारे शूरवीरों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। वहीं आज हम जात-पात और धर्म में बंटकर उनकी कुर्बानियों को व्यर्थ कर रहे हैं। नाटक में जलियांवाला बाग के शहीदों का बदला लेने के लिए जलियांवाला बाग से लेकर लंदन के कॉक्सटन हॉल में जनरल डायर के अंत करने तक के सफर को मंच पर जीवंत किया गया। नाटक में शरणजीत सिंह, अंकुश, रविंदर, प्रिंस, गुरप्रीत, दविंदर, पंकज, जसपाल, ईशु, मिताली, सरबजीत, अमृत और हरविंदर ने भूमिका निभाई।
विज्ञापन